गुजरात के एक व्यक्तिगत विवाद को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है|

False National
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३ दिसंबर २०१९ को “अखंड भारत हिन्दू राष्ट्र” नामक एक फेसबुक पेज ने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि 

कल रात गुजरात मे रात को कुछ मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों को परेशान कर रहे थे उस वक्त धवल बारोट (गुजरात) से है #विश्व_हिन्दू_परिषद के कार्यकर्ता हैं उन्होंने लड़कियों को बचा लिया और सही सलामत घर भेज दिया ! वो बात जब जिहादियों को पता चलते ही धवल बारोट को 15-20 लड़के बुला कर जेहादियों ने तल्वारो से इन बहादुर हिन्दू को मार कर घयाल कर दिया । अब इसका जवाब गांधीगिरि से दिया जाये या गोडसेगिरि से? राजनाथ जी उर्फ निंदा मामा गांधी पूजक इसका जवाब देंगे? इन कायर नेताओ ने ही इन सुवरो का मनोबल बढा रखा है |” 

तस्वीर में हम एक घायल व्यक्ति को देख सकते है | इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर यह दावा करते हुए फैलाया जा रहा है कि यह गुजरात में धवल बारोट नामक एक विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता की है जिन्हें जिहादियों ने हिन्दू लड़की को छेड़खानी से बचाने के कारण तलवार से घायल किया | 

फेसबुक पोस्ट

यह तस्वीर ट्विटर पर भी काफी फैलायी जा रही है | नीचे दिखाये गये पोस्ट में घायल व्यक्ति की एक दूसरी तस्वीर भी साझा की गई है साथ ही लिखा गया है कि यह घटना गुजरात के मेहसाना से है |

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि… 

जाँच की शुरुआत में हमने तस्वीर का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च की, जिसके परिणाम में हमें १३ सितम्बर २०१९ को दिव्य भास्कर द्वारा प्रकाशित एक खबर मिली जिसके अनुसार धवल का उपनाम बरोट नहीं बल्कि ब्रह्मभट्ट है | साथ ही समाचार में डी.वाई.एस.पी मंजिता वंजारा का एक बयान शामिल है, जिसके अनुसार यह एक व्यक्तिगत झगड़ा था, न कि कोई सांप्रदायिक विवाद | 

आर्काइव लिंक 

इसके पश्चात हमने गुजरात की गुजरात पुलिस वेबसाइट पर इस मामले से जुड़ी ऍफ़.आई.आर ढूँढने की कोशिश की | धवल (I/0136/2019) द्वारा दायर एफआईआर के अनुसार, उनका पूरा नाम धवलकुमार मुकुंदभाई शांतिलाल ब्रह्मभट्ट है | यह घटना ११ सितम्बर २०१९ की है | धवल ने कुशाल ठाकोर, शारुख, यशर, एजाज खान और एक अज्ञात व्यक्ति पर हमले का आरोप लगाया है | एफआईआर में उल्लेख किया गया एक आरोपी धवल के समान समुदाय से है | उन्होंने रात में लड़कियों के साथ बैठने के लिए समूह को पीटने का दावा किया है | धवल के अनुसार आरोपियों ने धवल पर तलवार और लकड़ी से हमला किया | 

साथ ही एक और प्राथमिकी (II/0206/2019) उन लोगों द्वारा दायर की गई जिन्होंने धवल के साथ कथित तौर पर मारपीट की, इसमें धवल और एक विकी को आरोपी बताया गया है।

इसके पश्चात फैक्ट क्रेस्सन्डो ने मेहसाना के एस.पी मनीष सिंह से संपर्क किया, जिन्होंने बताया कि

“यह घटना ३ महीने पुरानी है | तस्वीर में दिखाई दे रहे व्यक्ति का नाम धवल ब्रह्मभट्ट है जिनका विश्व हिन्दू परिषद् के साथ कोई भी संबंध नही है ना ही वे कोई कार्यकर्ता है | यह घटना केवल एक आपसी झगड़ा था | जिन लोगों ने धवल पर हमला किया उन्हें धवल अच्छी तरह से पेहेचानते थे | इस मामले को गलत तरीके से सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है | यह मामला केवल कॉलोनी में लड़कों के बीचे हुई मारपीट का है, जिसके खिलाफ शिकायत भी दर्ज की गई है | सोशल मीडिया पर जिहादियों से हिंदू लड़कियों की रक्षा करने का दावा निराधार है | दोनों पक्ष कानूनी रूप से मामले को सुलझाने के लिए देख रहे हैं | दोनों पक्षों द्वारा दायर एफआईआर से यह स्पष्ट होता है कि सांप्रदायिक हिंसा का कोई तत्व नहीं है | इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रूप देकर लोगो के मन में नफरत फ़ैलाने की कोशिश की जा रही है |”

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | इस मामले को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर फैलाया जा रहा है | 

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Title:गुजरात के एक व्यक्तिगत विवाद को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक रंग देकर वायरल किया जा रहा है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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