क्या प्रधानमंत्री मोदी की मेरठ रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ता पैसों के लिए आपस में लड़ पड़े? जानिये सच…

False Political

यह वीडियो एक वर्ष पुराना है। जनवरी 2021 में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सभा के पहले किसानों ने आक्रोश जताते हुए ऐसी तोड़फोड़ की थी।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। इसके चलते सोशल मंचो पर गलत जानकारी और झूठे दावों का अंबार लगा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल ही में हुई रैली के संबंध में ऐसा ही एक वीडियो वायरल हो रहा है। 

सभा मंच पर हो रहीं तोड़फोड़ का वीडियो शेयर करते हुए दावा किया जा रहा है कि पंतप्रधान मोदी की मेरठ में हुई रैली के बाद उनकी पार्टी के कार्यकार्ताओं में पैसे को लेकर ऐसा विवाद हुआ।

वायरल हो रहे वीडियो के साथ यूज़र ने लिखा कि “मेरठ में प्रधानमंत्री मोदी जी की सभा समाप्ति के बाद दिहाड़ी के लिए लट्ठम लट्ठ। अब देश में ऐसा प्यार देखने को मिलने लगा! मोदी की मेरठ रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ता दिहाड़ी के लिए आपस में प्यार बांटते हुए। मज़दुरों को रैली में बुलाते हो तो मज़दूरी का भी ध्यान रखें। #EVM_तेरा_सहारा

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने इनवीड-वी वैरिफाई टूल की मदद से वीडियो की जाँच करने पर नैशनल पोस्ट न्यूज़ यूट्यूब चैनल पर 10 जनवरी 2021 को प्रसारित ऐसा ही वीडियो मिला। 

इसके मुताबिक यह वीडियो हरयाणा के करनाल का है। वहां प्रदर्शन कर रहे किसान हाथों में काले झंडे लेकर हरयाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कृषि महापंचायत कार्यक्रम की ओर जा रहे थे। तभी पुलिस ने उन्हें रोका तो वहाँ हंगामा शुरू हो गया। फिर पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले फेंके व पानी की बौछार भी की। उसके बाद गुस्साए किसानों ने मुख्यमंत्री खट्टर का मंच तोड़ दिया था।

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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के साथ संवाद करने के लिए मुख्यमंत्री खट्टर ने करनाल के कैमाला गांव में किसान महापंचायत आयोजित की थी। परंतु, उनके पहुंचने से पहले ही किसानों ने मुख्यमंत्री से बात करने की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया और हैलिपैड जमा हो गए। इस स्थिति को देखकर मुख्यमंत्री ने इस सभा को रद्द कर दिया था।

आजतक की खबर के अनुसार, खट्टर की सभा में हंगामा करने वाले 71 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। 

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आपको बता दें कि यही वीडियो कुछ महीनों पहले अलग दावे के साथ वायरल हुआ था। फैक्ट क्रेसेंडो ने तब भी इसका फैक्ट-चेक किया था। आप हमारा फैक्ट चेक नीचे दी गयी लिंक पर जाकर पढ़ सकते है।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। मंच पर हो रहीं तोड़फोड़ का यह वीडियो पंतप्रधान नरेंद्र मोदी की मेरठ में हुई सभा के बाद का नहीं। एक साल पुराना यह वीडियो हरयाणा से है जहां आंदोलनकारी किसानों ने मुख्यमंत्री खट्टर की सभा में ऐसा हंगामा किया था।

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Title:क्या प्रधानमंत्री मोदी की मेरठ रैली के बाद भाजपा कार्यकर्ता पैसों के लिए आपस में लड़ पड़े? जानिये सच…

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

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