क्या इस तस्वीर में पूर्व राष्ट्रपति अपना सत्ता हस्तांतरण कर द्रौपदी मुर्मू को अपने अधिकार सौंप रहे हैं?

False Political

यह तस्वीर पुरानी है। वर्ष 2020 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देवघर के बैद्यनाथ मंदिर में पूजा की थी। यह तब की तस्वीर है।

हाल ही में एन.डी.ए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपती पद के लिये चुनी गयी थी और 25 जुलाई को उन्होंने शपथ भी ग्रहण कर ली है। इस बीच एक तस्वीर इंटरनेट पर काफी तेज़ी से साझा की जा रही है। उसमें आप नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पूजा करते हुये देख सकते है। दावा किया जा रहा है कि इस पूजा व यज्ञ के ज़रिये रामनाथ कोविंद अपने सारे अधिकारी नयी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंप रहे है। 

वायरल हो रहे पोस्ट में लिखा है,“विरासत सौंपना या सत्ता हस्तांतरण करना, अपने आप में एक यज्ञ होता है। यज्ञ देवों और महादेव के साक्षित्व में होता है। हस्तांतरण के ये क्षण, इन क्षणों के भाव, अंतर्भाव और वातावरण ही इतिहास लिखते हैं। राष्ट्रपति पद का हस्तांतरण देखिए। राजनैतिक औपचारिकताएं होती रहेंगी, वैदिक प्रतिबद्धता प्रथमतः हो रही है.. अब शुभ और लाभ दोनों ही मिलेंगे इस राष्ट्र को… जय हिन्द।”

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

इस तस्वीर की जाँच हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च कर की। हमें यही तस्वीर प्रभात खबर नामक एक वेबसाइट पर 29 फरवरी 2020 को प्रकाशित की हुई मिली। आप नीचे देख सकते है।

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इस तस्वीर के साथ दी गयी जानकारी में बताया गया है कि यह तस्वीर दो साल पहले की है जब झारखंड के देवघर में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बैद्यनाथ मंदिर में देख की सुख- समुद्धि के लिये पूजा- अर्चना की थी। वहाँ मौजूद पंडितों ने उन्हें षोड्शोपचार विधि के द्वारा बाबा बैद्यनाथ की पूजा करवायी। इस पूजा के दौरान उनके साथ झारखंड की तत्कालीन राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद थीं। इसमें ये भी बताया गया है कि उस दौरान रामनाथ कोविंद दो दिन के दौरे पर झारखंड गये थे।

1 मार्च 2020 को पंजाब केसरी झारखंड के यूट्यूब चैनल पर आप इस पूजा का वीडियो प्रसारित किया हुआ देख सकते है। 

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इससे हम यह कह सकते है कि यह तस्वीर अभी की नहीं, पुरानी है। 

इसके बाद हमने ये जानने के कोशिश की कि क्या भारत में राष्ट्रपति के सत्ता हस्तांतरण के लिये पूजा या यज्ञ जैसा कोई समारोह होता है। तो हमें इस संबन्ध में कोई जानकारी नहीं मिला। इंडिया टी.वी न्यूज़ के वेबसाइट पर लिखा है कि शपथ विधि के बाद द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति के सारे अधिकार मिल जायेंगे। तो हम कह सकते है कि सत्ता हस्तांतरण के लिये शपथ विधि के अलावा आधिकारिक तौर पर और कोई समारोह आयोजित नहीं किया जाता।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रही तस्वीर के साथ किया गया दावा गलत है। यह तस्वीर अभी की नहीं बल्की वर्ष 2020 की है जब तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने झारखंड के बैद्यनाथ मंदिर में पूजा की थी।

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Title:क्या इस तस्वीर में पूर्व राष्ट्रपति अपना सत्ता हस्तांतरण कर द्रौपदी मुर्मू को अपने अधिकार सौंप रहे हैं?

Fact Check By: Samiksha Khandelwal 

Result: False

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