ट्रेन को रोककर नमाज़ पढ़ने का वाईरल दावा गलत है|

False National Political
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तेलंगाना से भाजपा के विधायक राजा सिंह ने १८ फरवरी २०२० को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से हज़ारों लोगों के नमाज़ अदा करने की एक तस्वीर साझा की थी, इस तस्वीर के शीर्षक में उन्होंने लिखा है कि ट्रेन की एक सीट को मंदिर बनाने पर सेकुलरिज्म खतरे में पड़ जाता है! पर ट्रेन को रोक, पूरी पटरी को घेर नमाज़ पढ़ने पर सेकुलरिज्म सुरक्षित रहता है क्या….?

इस तस्वीर को साझा करते हुए दावा किया गया है कि मुस्लमान समुदाय के लोगों ने रेलवे स्टेशन पर ट्रेन को रोककर, ट्रेन की पटरी पर नमाज़ अदा कर की है | 

आर्काइव लिंक 

इस तस्वीर को जब हमने फेसबुक पर ढूँढा, तो पाया की यह तस्वीर काफी तेजी से सोशल मंचो पर फ़ैल रही है | पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “ट्रेन की एक सीट को मंदिर बनाने पर सेकुलरिज्म खतरे में पड़ जाता है! पर ट्रेन को रोक, पूरी पटरी को घेर नमाज़ पढ़ने पर सेकुलरिज्म सुरक्षित रहता है क्या?”

फेसबुक पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर का स्क्रीन्ग्राब लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें २३ जून २०१७ को टाइम्स ऑफ़ इंडिया के फोटोग्राफर अनिन्द्यो चोत्तोपाध्याय द्वारा खिची गयी तस्वीरें मिली | इन तस्वीरों के शीर्षक में लिखा गया है कि भक्तों ने अच्छन मियां मस्जिद में नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास एक रेलवे ट्रैक पर “अलविदा-नमाज़” (रमज़ान की अंतिम शुक्रवार की नमाज़) पेश की |

फोटो जौर्नालिस्ट अनिन्द्यो चोत्तोपाध्याय ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को बताया कि “अच्छन मियां मस्जिद नई दिल्ली रेल्वे स्टेशन और सदर बाज़ार रेलवे स्टेशन के बीच में है | वहाँ की कुछ पटरियों को आमतौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाता हैं | रमजान के दौरान भक्त इन पटरियों का उपयोग करते हैं, और मैंने इसे सालों से देखा है | शायद ही, कुछ रेल इंजनों को इन पटरियों पर लाया जाता है, लेकिन नमाज की सुविधा के लिए किसी भी ट्रेन को नही रोका जाता है |”

२३ जून २०१७ को टाइम्स ऑफ़ इंडिया के यूट्यूब चैनल पर अलविदा नमाज़ पढ़ते वक़्त की वीडियो उपलब्ध है | इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है कि “नई दिल्ली में अच्छन मियां मस्जिद के पास रेलवे ट्रैक पर रमजान के आखिरी शुक्रवार को हजारों मुसलमानों ने ‘अलविदा नमाज’ अदा किया | 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर पुरानी है | तस्वीर के माध्यम से किये गये दावे गलत है क्योंकि रेलवे स्टेशन की पटरियों पर नमाज़ पढने के लिए किसी भी ट्रेन को नही रोका गया है | अच्छन मियां मस्जिद नई दिल्ली रेल्वे स्टेशन और सरदार बाज़ार रेलवे स्टेशन के बीच में है | वहाँ कुछ पटरियों को आमतौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाता हैं | 

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Title:ट्रेन को रोककर नमाज़ पढ़ने का वाईरल दावा गलत है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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