अधिवक्ता देवेंद्र चौहान के नाम से हेलमेट अनिवार्य न होने का मैसेज फेक है। जानिये इसका पूरा सच…

False Social

ऍड. देवेंद्र चौहान ने खुद कहा है कि उन्होंने लोगों को ऐसा कोई संदेश नहीं दिया है।

इन दिनों इंटरनेट पर एक मैसेज वायरल हो रहा है। उसमें लिखा हुआ है कि देवेंद्र प्रताप सिंह नामक एक वकील ने कहा है कि कोर्ट ने सभी राज्यों में पुलिस जो हेलमेट की चेकिंग करती है वो खारिज कर दी है। कोर्ट में दी गयी याचिका के मुताबिक महानगरपालिका के दायरों के अंदर हेलमेट पहनना ज़रूरी नहीं होगा। जिस रास्ते को राज्यमार्ग व राष्ट्रीय हाइवे का दर्जा दिया गया है, उन रास्तों पर हेलमेट पहनना अनिवर्य है।

वायरल हो रहे पोस्ट को आप नीचे देख सकते है।

फेसबुक | आर्काइव लिंक

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

सबसे पहले हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च कर हमने इस मैसेज की सच्चाई पता करने की कोशिश की। परंतु हमें कोई विश्वासनीय जानकारी नहीं मिली जो इस बात की पुष्टि कर सकें कि ये सच है। 

लेकिन जाँच के दौरान हमें ऍड. चौहान नामक एक फेसबुक पेज पर 28 जून 2019 को शेयर किया हुआ एक वीडियो मिला। उस वीडियो को देखने पर हमें पता चला कि ये वही ऍड. देवेंद्र चौहान है जिनके नाम से ये मैसेज वायरल हो रहा है। 

उसमें वे कह रहे है कि हेलमेट मुक्त टाइटल से एक मैसेज वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को डिलीट करें व आगे न भेजें क्योंकि ये फर्ज़ी पोस्ट है। और ये उन्होंने जारी नहीं की है। उनके नाम और फोन नंबर को डालकर ये पोस्ट वायरल की जा रही है। और उन्होंने लोगों को निवेदन किया है कि हेलमेट लगायें और सुरक्षित रहें। आप उस वीडियो को नीचे देख सकते है।

फेसबुक

जाँच में आगे बढ़ते हुये हमें 19 अक्टूबर को पी.आई.बी फैक्ट चेक द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला। उसमें भी उन्होंने इस पोस्ट को फर्ज़ी बताया है। 

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे पोस्ट के साथ किया गया दावा गलत है। यह मैसेज फेक है। ऍड. देवेंद्र चौहान ने खुद बताया है कि उन्होंने ऐसा कोई संदेश लोगों को नहीं दिया है।

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Title:ऍड. देवेंद्र चौहान के नाम से हेलमेट अनिवार्य न होने का मैसेज फेक है। जानिये इसका पूरा सच…

Fact Check By: Samiksha Khandelwal 

Result: False

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