लूटपाट के वीडियो को दिल्ली में प्रवासियों द्वारा हमले व हत्या के नाम से फैलाया जा रहा है |

Coronavirus False
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

सैकड़ों प्रवासी कामगार कोरोनावायरस लॉकडाउन के बीच अपने गृह राज्यों तक पहुंचने के लिए राजमार्गों पर अलग अलग साधनों से लंबी दूरी तय कर रहे हैं | लॉक डाउन के दौरान व्यवसायों के बंद होने के कारण लोग आर्थिक गिरावट की भविष्यवाणी कर रहे है | इन्ही बातों को मद्देनज़र रखते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो फैलाया जा रहा है जिसके माध्यम से दावा किया जा रहा है कि वीडियो में दिखाये गये चोर असल में प्रवासी मजदूर हैं जो इस तरह पैसों और गहनों के लिए स्थानीय लोगों को लूट रहे है | इस वीडियो के साथ यह भी दावा किया जा रहा है कि आगे इस तरह की घटनायें देश में बढने की आशंका हैं क्योंकि हजारों लोगों के पास न तो रोज़गार है और न ही पैसे हैं| यह वीडियो एक सी.सी.टी.वी फुटेज है | वीडियो में हम दो लड़कों को एक आदमी का पीछा करते हुए देख सकतें हैं और थोड़ी देर बाद वे दोनों उस आदमी पर हमला कर पीड़ित को गले से दबोचते हुए उसे लूटते हैं |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने उपरोक्त वीडियो को ध्यान से देखने से की, जिससे हमें ऊपर कोने में वारदात की दिनांक नज़र आयी जिसमे १४ अप्रैल २०२० लिखा हुआ था और नीचे कोने में हमें इस वीडियो की लोकेशन- बलजीत नगर लिखा हुआ दिखा | गूगल पर बलजीत नगर ढूँढने पर हमें पता चला कि यह घटना दिल्ली से है | इस घटना के बारें में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने गूगल पर एक कीवर्ड सर्च किया जिसके परिणाम से हमें जनसत्ता द्वरा प्रकाशित खबर मिली |

आर्काइव लिंक

इस घटना के बारें में नवभारत टाइम्स और ए.बी.पी ने भी खबर प्रकाशित किया था| नवभारत टाइम्स द्वारा प्रकाशित खबर के अनुसार चोरी करने वालें लड़को ने पीड़ित के पास से उनका मोबाइल फ़ोन और पर्स चुराया था |

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक 

फैक्ट क्रेसेंडो ने तद्पश्चात दिल्ली सेंट्रल के ए.सी.पी (पटेल नगर) पियूष जैन जी से संपर्क किया उन्होंने हमें बताया कि

“सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुये गये दावे गलत है | आरोपी प्रवासी मजदुर नही है | घटना अप्रैल की है और आरोपी पीड़ित का मोबाइल फोन चुराकर घटनास्थल से फरार हो गए थे | दोनों आरोपी नाबालिग है और इसी इलाके में रहते है | पीड़ित भी स्थानीय व्यक्ति है और अभी स्वस्थ है | इस घटना में किसी की भी मौत नही हुई है | चोरी के इस मामले में प्रवासी मजदुर और लॉकडाउन का कोई संबंध नही है |”

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रवासी मजदूर दिल्ली में चोरी या लूटपाट नही कर रहे है बल्कि आरोपी स्थानीय नाबालिग लड़के है | इस में किसी की भी मौत नही हुई है | यह घटना दिल्ली के बलजीत नगर इलाके से है |

Avatar

Title:लूटपाट के वीडियो को दिल्ली में प्रवासियों द्वारा हमले व हत्या के नाम से फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •