ये घटना २०१८ को बल्लभगढ़ के सिटी पार्क में हुई थी, इसका वर्तमान से व पुलिस चौकी के अन्दर हुये अत्याचार से कोई सम्बन्ध नहीं है |

False National Social
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२८ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘Sukhchain Singh’ द्वारा किये गये पोस्ट के साथ एक वीडियो साझा किया गया था, जिसमे पुलिसकर्मी एक महिला को मारते हुए दिख रहे हैं | पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, “पुलिस चौकी में महिला को बेल्ट से पिट रहा है पुलिस वाला | जबकि महिला को पुरुष पुलिसवाले हाथ भी नहीं लगा सकते । नियमानुसार | इस वीडियो को इतना फैलाओ की इन कुत्तों के खिलाफ कार्यवाही हो |” इस पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि – ‘यह वीडियो पुलिस चौकी में की गयी पुलिस द्वारा महिला पर अत्याचार का है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले InVidTool की मदद से इस वीडियो का स्क्रीनशॉट लेकर यांडेक्स इमेज सर्च में ढूंढा, तो हमें उपरोक्त वीडियो से मिलते जुलते वीडियो परिणाम में मिले और उनके साथ दावा किया जा रहा था कि यह वीडियो हरियाणा में स्थित फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में आदर्श नगर थाने के पुलिस द्वारा की गयी ज्यादती का दृश्य है |

हमने इस बात की पुष्टि करने के लिए गूगल पर ‘Adarsh Nagar police suspended for brutality on a woman in Adarsh nagar’ कीवर्ड्स से ढूंढा, तो हमें इस बारे में कई ख़बरें मिलीं, इन ख़बरों के मुताबिक फरीदाबाद के आदर्श नगर पुलिस थाना के २ प्रधान सिपाही बलदेव सिंह और रोहित कुमार के साथ तीन विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) – कृष्ण कुमार, हरपाल सिंह और दिनेश कुमार पर कार्रवाही चल रही है | इनमे से २ प्रधान सिपाही बलदेव सिंह और रोहित कुमार को सेवा से निलंबित भी किया गया है | यह घटना सितम्बर २०१८ की थी | पूरी खबरों को पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

SifyNewsPost | ArchivedLinkBSPost | ArchivedLinkThehinduPost | ArchivedLinkThewireurduPost | ArchivedLink

इन ख़बरों में हमें ANI द्वारा इस ख़बर पर किया गया ट्वीट भी मिला |

ANITweet | ArchivedLink

हरियाणा के एडिशनल DGP (Law & Order) नवदीप वर्क द्वारा २७ मई २०१९ को किये गए ट्वीट से इस बात की पुष्टि होती है कि सम्बंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के आदेश दिये गये हैं, और इस मामले में प्रर्थिमिकी भी दायर की गयी है | 

उनके अनुसार यह मामला अक्टूबर २०१८ का है मगर पीड़िता द्वारा कोई शिकायत दर्ज नहीं किये जाने की वजह से पुलिस को इस घटना के बारे में ख़बर नहीं थी | जैसे यह वीडियो वाइरल होने लगा और हमारी नज़र में आया, हमने तत्काल इस घटना का संज्ञान लेते हुए इस घटना से जुड़े पुलिस कर्मियों पर कार्रवाही शुरू कर दी थी | इस ट्वीट को पूरा आप नीचे पढ़ सकतें हैं |

TwitterPost | ArchivedLink

इसके बाद हमने आदर्श नगर पुलिस थाना केSHO मनोज कुमार  से संपर्क किया और उन्होंने हमसे कहा कि, “यह वीडियो सितम्बर २०१८ की घटना का है | बल्लभगढ़ में एक सिटी पार्क है, जहां इस वीडियो में दिखने वाली महिला एक आदमी के साथ रात को पकड़ी गयी थी | इस महिला के साथ वाला आदमी तो भाग गया था, मगर इस वीडियो में दिखने वाले दोनों कांस्टेबल और ३ स्पेशल अफसरों ने इस महिला को उसी पार्क में पूछताछ करते हुए पीटा | जब यह वीडियो वाइरल हुआ तो इन पर सक्त कार्रवाही शुरू की गयी और इन्हें निलंबित कर दिया गया | अप्रैल-मई २०१९ को वाइरल हुआ तो इन पर सक्त कार्रवाही शुरू की गयी और इन्हें निलंबित कर दिया गया | मगर यह घटना कोई भी पुलिस थाणे में नहीं हुई है |”

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि उपरोक्त पोस्ट में साझा वीडियो बल्लभगढ़ के सिटी पार्क का है, ना की पुलिस चौकी व थाने के अंदर का और इस घटना से जुड़े पांचों पुलिस अधिकारीयों पर सख्त कार्रवाही चल रही है व इन्हें सेवा से निलंबित किया जा चुका है |

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “यह वीडियो पुलिस चौकी में की गयी पुलिस द्वारा महिला पर अत्याचार का है |” ग़लत है |

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Title:ये घटना २०१८ को बल्लभगढ़ के सिटी पार्क में हुई थी, इसका वर्तमान से व पुलिस चौकी के अन्दर हुये अत्याचार से कोई सम्बन्ध नहीं है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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