अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया में उगने वाले फूल तो एक दुर्लभ फूल बताया जा रहा है |

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३१ अक्टूबर २०१९ को फेसबुक पर ‘यही तो है जिंदगी द्वारा किये गये एक पोस्ट में एक फ़ोटो साझा की गयी है पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, “यह हिमालय में पाया जाने वाला एक दुर्लभ फूल है जो ” महामेरु पुष्पम् ” या ” आर्य पू ” के नाम से जाना जाता है । इस पुष्प की विशेषता यह है कि यह 400 वर्ष में एक बार दिखाई देता है ।इस समय यह फूल खिला हुआ है ।इसे पुनः देखने के लिए 400 साल प्रतीक्षा करनी पड़ेगी ।सौभाग्य शाली है हमारी यह पीढ़ी, जो आजकल आये हुए इस दुर्लभ पुष्प को देख रही है । मित्रो को भी दिखाएं ।मान्यता है कि इस पुष्प का दर्शन करना और कराना पुण्य का काम है ( जैसा हमें प्राप्त हुआ, वैसा साभार प्रस्तुत किया) |” इस पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि – ‘दर्शाया गया चित्र एक दुर्लभ फूल का है जो ४०० साल में सिर्फ़ एक बार हिमालय में  दिखाई देता है और इस फूल का नाम ‘महामेरु पुष्पम्’ या ‘आर्य पू’ है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले गूगल रिवर्स इमेज सर्च में उपरोक्त तस्वीर तो ढूंढा, तो हमें sites.google.com पर उपरोक्त तस्वीर के साथ अन्य जानकारी भी प्रकाशित मिली | इस वेबसाइट के मुताबिक इस फूल का नाम प्रोटिया साईनारोइड्स है | यह दक्षिण अफ्रीका में सामान्य तौर पर पाया जाने वाला फूल है, जो अब ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और भारत में भी पाया जाता है | पूरी जानकारी पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें | इस फूल को ‘किंग प्रोटियाया ‘केप आर्टीचोक फ्लावर’ भी कहा जाता है |

sites.google.com | ArchivedLink 

इसके बाद जब हमने गूगल पर ‘Protea Cynaroides’ कीवर्ड्स से ढूंढा, तो हमें उपरोक्त दावे में दर्शाया गया फूल दिखा और इस फूल से जुडी अन्य कई जानकारी भी मिली | 

इसके साथ एक YouTube पर अपलोड २० मार्च २०१५ को Benjamin Beytekin नामक एक यूजर द्वारा अपलोड किया गया एक वीडियो भी मिला, जिसमे इस फूल का वानस्पतिक नाम बताया गया है |

इसके अलावा गूगल पर “The king protea” कीवर्ड्स को ढूंढने पर हमने पाया की ये पुष्प दक्षिण अफ्रीका का राष्ट्रीय पुष्प है व यह दक्षिण अफ्रीका में सामान्य तौर पर पाया जाता है इसके अलावा वर्तमान में इसे भारत, ऑस्ट्रेलिया व न्यूज़ीलैंड में भी पाया जा सकता है|

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि उपरोक्त पोस्ट में साझा तस्वीर ४०० साल में एक बार हिमालय में उगने वाले पुष्प की नहीं है और न ही यह कोई दुर्लभ फूल है|

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “दर्शाया गया चित्र एक दुर्लभ फूल का है जो ४०० साल में सिर्फ़ एक बार हिमालय में दिखाई देता है और इस फूल का नाम ‘महामेरु पुष्पम्’ या ‘आर्य पू’ है |” ग़लत है |

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Title:अफ्रीका व ऑस्ट्रेलिया में उगने वाले फूल तो एक दुर्लभ फूल बताया जा रहा है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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