
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस क्लिप में ऐसा दिखाया जा रहा है मानो मोदी खुद को ‘लुटेरा’ और ‘चोर’ कह रहे हों, और अपनी मां को दोष दे रहे हों कि अगर उन्होंने बचपन में रोका होता, तो वह चोर नहीं बनते।
इस वीडियो को खासतौर पर कांग्रेस के नेता राहुल गांधी के आरोपों के संदर्भ में फैलाया जा रहा है, जहां उन्होंने मोदी पर “वोट चोरी” और चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
फैक्ट क्रेसेंडो के पाठकों ने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए यह वीडियो हमारी व्हाट्सऐप हेल्पलाइन (9049053770) पर शेयर किया।
जांच में पाया गया कि यह अधूरा वीडियो भ्रामक तरीके से फैलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने ‘लुटेरा’ और ‘चोर’ अपने बारे में नहीं कहा था। असल में, वह एक काल्पनिक कहानी सुना रहे थे।
क्या है दावा?
वायरल क्लिप में नरेंद्र मोदी कहते हैं, “जब मैं छोटी चोरी करता था, उस दिन अगर मेरी मां ने रोका होता, तो मैं इतना बड़ा लूटेरा ना बनता।”
फैक्ट-चेक
कीवर्ड सर्च से हमें वायरल छोटी क्लिप का पूरा वीडियो नरेंद्र मोदी के यूट्यूब चैनल पर मिला.
इसमें पीएम मोदी 10 अप्रैल 2021 को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुए एक चुनावी रैली को संबोधित कर रहे थे।
पूरा भाषण देखने के बाद साफ हो जाता है कि यह बयान मोदी खुद के बारे में नहीं कर रहे हैं, बल्कि वह एक मशहूर काल्पनिक कहानी सुना रहे थे।
कहानी वाला हिस्सा आप नीचे दिए गए ट्वीट में भी देख सकते हैं, जहां से यह वायरल छोटा क्लिप लिया गया है।
शुरुआत में मोदी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर “तोलेबाजी” यानी जबरन वसूली के आरोपों की बात बोलते हैं।
वह कहते हैं, “यहीं सिलिगुड़ी में ही कुछ दिन पहले ही दीदी ने कहा कि उनके तोलाबाज तो सिर्फ 100, 200 या 500 रुपये लेते है। इसमें क्या बड़ी बात है? बड़े आराम से दीदी कह रही है कि तोलाबाज तो 100, 200 या 500 रुपये लेते है, उसमें इतना चिल्लाते क्यों है मोदी।”
इसी संदर्भ में मोदी आगे एक डाकू की कहानी सुनाते है। वह कहते कि एक कुख्यात डाकू को फांसी दी जाने वाली थी। फांसी से पहले उसने अपनी मां से आखिरी बार मिलने की इच्छा जताई। जब उसकी मां पास आई, तो उसने अचानक उसकी नाक काट ली। यह देखकर सभी लोग हैरान रह गए और पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया।
इसके आगे मोदी वायरल क्लिप वाली बात कहते हैं, “तब डाकू ने कहा: जब मैं छोटी चोरी करता था, उस दिन अगर मेरी मां ने रोका होता, तो मैं इतना बड़ा लूटेरा ना बनता। और मुझे फांसी पर जाने की नौबत नहीं आती।”
कहानी खत्म करने के बाद मोदी इसे ममता बनर्जी के बयान से जोड़ते हुए कहते हैं, “और दीदी कह रही है, 100, 200 या 500 रुपये लेते है उसमें क्या है? दीदी यह वही खेल है, जो फांसी पर लटकने वाले ने अपनी मां की नाक काट ली थी।”
निष्कर्ष
यह दावा पूरी तरह भ्रामक है कि मोदी ने खुद को “लुटेरा” या “चोर” कहा। असल में उन्होंने केवल चोर-लूटेरे की एक काल्पनिक कहानी सुनाई थी। मूल वीडियो को काट-छांट कर पेश गलत संदर्भ के साथ शेयर किया जा रहा है।

Title:FACT-CHECK: क्या पीएम मोदी ने खुद को ‘लुटेरा’ और ‘चोर’ कहा? अधूरा वीडियो वायरल
Fact Check By: Mayur DeokarResult: Misleading
