क्या पत्रकार राणा अय्यूब के साथ पुलिस ने किया गलत बर्ताव? वायरल तस्वीर छात्र नेता आयशा रेना की है…

False Social

एक लड़की को पुलिस खींचते हुए ले जा रही ऐसी तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि पत्रकार राणा अय्यूब के साथ पुलिस ने गलत बर्ताव किया ।

वायरल तस्वीर के साथ यूजर्स ने लिखा है – जिन्ना हमेशा सही थे..कितनी बहादुर लड़की है..उनकी हिम्मत को सलाम@राणा अय्यूब, अल्लाह उसके साथ हो सकता है

ट्विटरआर्काइव

अनुसंधान से पता चलता है कि…

रिवर्स इमेज करने पर डेक्कन न्यूज के ट्विटर अकाउंट पर वायरल तस्वीर मिली। 14 जून को प्रकाशित इस पोस्ट के मुताबिक वायरल तस्वीर में दिख रही लड़की का नाम आयशा रेना है। 

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि यूपी विध्वंस का विरोध करने पर कार्यकर्ता आयशा रेना पर लाठीचार्ज।

द सियासत डेली के मुताबिक केरल के मलप्पुरम में लाठीचार्ज के दौरान मुस्लिम छात्र नेता और बिरादरी आंदोलन की राष्ट्रीय सचिव आयशा रेना घायल हो गईं। रेना यूपी में मुस्लिम कार्यकर्ता आफरीन फातिमा के घर को तोड़े जाने के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग नाकाबंदी के विरोध का नेतृत्व कर रही थीं।

खबरों के मुताबिर उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रयागराज में हुई हिंसा पर कार्रवाई करते हुए हिंसा में शामिल जावेद मोहम्मद के घर को बुलडोजर से तोड़ दिया था। इसी कार्रवाई के विरोध में  फ्रेटरनिटी मूवमेंट संगठन ने 12 जून 2022 को केरल में प्रदर्शन किया था।

हमने आयशा रेना के सोशल मीडिया हैंडल छान मारा। रेना ने अपने फेसबुक हैंडल पर 12 जून को मलप्पुरम के ‘नेशनल हाईवे’ पर प्रदर्शन से जुड़ी एक पोस्टर शेयर किया था। 

फ्रेटरनिटी मूवमेंट संगठन ने ये प्रदर्शन 12 जून 2022 को अपनी नेता आफरीन फातिमा के समर्थन में किया था। फ्रेटरनिटी मूवमेंट संगठन  के फेसबुक पेज पर 12 जून को हुए प्रदर्शन के समाचार की कटिंग शेयर की गई है। 

हमने फ्रेटरनिटी मूवमेंट संगठन के असिस्टेंट सेक्रेटरी वसीम अली से संपर्क किया। उन्होंने हमे बताया कि वायरल तस्वीर के साथ किया गया दावा गलत है। यह तस्वीर हमारे संगठन की सदस्य आयशा रेना है। 

जिन्ना हमेशा क्या कहते थे?

1940 में मुस्लिम लीग के लाहौर अधिवेशन में जिन्ना ने पहली बार मुसलमानों के लिए स्वतंत्र राष्ट्र की बात की थी। उन्होंने द्वि-राष्ट्र की वकालत शुरू की। वह कहने लगे कि हिंदू-मुस्लिम साथ नहीं रह सकते। ये दो अलग-अलग राष्ट्र हैं। दोनों को एक साथ एक सत्ता के अंदर रखने, जहां एक संख्या में अल्पसंख्यक हो और दूसरा बहुसंख्यक, से असंतोष बढ़ेगा और सामाजिक ताना-बाना छिन्न-भिन्न होगा।’’

बतादें कि राणा अय्यूब एक भारतीय पत्रकार और द वाशिंगटन पोस्ट के लिए लिखती हैं। 

निष्कर्ष-

तथ्यों की जांच के पश्चात हमने पाया कि वायरल तस्वीर में दिख रही लड़की पत्रकार राणा अय्यूब नहीं बल्कि फ्रेटरनिटी मूवमेंट संगठन की नेशनल सेक्रेटरी आयशा रेना है।

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Title:क्या पत्रकार राणा अय्यूब के साथ पुलिस ने किया गलत बर्ताव? वायरल तस्वीर छात्र नेता आयशा रेना की है…

Fact Check By: Saritadevi Samal 

Result: False