ये एक पुराना वीडीयो है जिसका नये ट्रैफ़िक चालानो से कोई सम्बंध नहीं है।

False National Political
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६ सितम्बर २०१९ को “भोमसा गोयल” नामक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “चालान काटने के बाद हिसाब का सही बंटवारा ना होने पर रुझान आया” | इस वीडियो में हम दो पुलिस कर्मियों को आपस में झगड़ते व एक दुसरे को लाठी से पीटते हुए देख सकते है, जिसके चलते एक पुलिस कर्मी काफी गंभीर रूप से घायल हो जाता है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी तेजी से साझा करते हुए यह दावा किया जा रहा है कि, १ सितम्बर २०१९ को केंद्र सरकार द्वारा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर चालान की रकम कई गुना बढ़ाने के बाद आम लोग जुर्माने की रकम भरने से कतरा रहे है, और पुलिसवालों की भारी कमाई हो रही है, जिसके चलते इस घटना में कमाई का बंटवारा सही ना होने से दो पुलिसवाले आपस में ही भिड़ गए | फैक्ट चेक किये जाने तक ये पोस्ट ६५००० प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चूका था।

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव वीडियो | आर्काइव न्यूज़ 

अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुआत हमने इस वीडियो हमने इन्विड टूल का इस्तेमाल करते हुए इस वीडीयो को छोटे कीफ्रेम्स में तोडा व गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया जिसके परिणाम से हमें २२ मई २०१३ को हिंदी न्यूज़ १८ द्वारा प्रकाशित खबर मिली, जिसके अनुसार यह झड़प दोनों पुलिस कर्मियों के बीच ड्यूटी के वक़्त एक दुसरे को गाली देने से हुई।

आर्काइव लिंक 

इसके पश्चात हमने गूगल पर “police beating each other with lathis” जैसे कीवोड्स का इस्तेमाल करते हुए इस वीडियो से जुड़ी ख़बरों को ढूँढा, परिणाम से हमें २२ मई २०१३ को इंडिया टीवी द्वारा प्रसारित एक वीडियो मिला जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “लखनऊ में दो पी.ए.सी पुलिसकर्मियों ने की एक-दूसरे की लाठियों से पिटाई” | साथ ही इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है कि “लखनऊ में मुकुल यादव और सुनील दीक्षित नाम के दो पीएसी (प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी) कांस्टेबलो का इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में झगड़ा हुआ जब यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस स्थल से एक कार्यक्रम में शिरकत ले निकल चुके थे। 

इसके पश्चात हमने यूट्यूब पर “पुलिस बीटिंग इच अदर विथ लाठी” जैसे कीवर्ड्ज़ का इस्तेमाल करते हुए इस वीडियो को ढूँढा, परिणाम से हमें २२ मई २०१३ को हेडलाइंस टुडे द्वारा प्रसारित खबर मिली जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “दो यूपी पुलिस ने एक-दूसरे पर लाठियां बरसाईं” | इस खबर के अनुसार वीडियो में दर्शाये गए पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था और मामले की जांच शुरू की गई थी | साथ ही विवरण में लिखा गया है कि पीएसी प्लाटून कमांडर के हस्तक्षेप और उनके नियंत्रित करने के बाद ही यह झड़प समाप्त हुई |

मोटर वेहिकल (अमेंडमेंट) बिल २०१९ को ३१ जुलाई २०१९ को एक प्रेस रिलीज़ द्वारा प्रकाशित किया गया था | मोटर वाहन (अमेंडमेंट) अधिनियम,२०१९ की धाराएं १ सितंबर २०१९ से लागू हो गई हैं | इससे हम स्पष्ट हो सकते है कि वीडियो में दर्शायी गयी घटना के साथ ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर चालान करने के अधिनियम का कोई संबंध नही है | केंद्र सरकार द्वारा ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने पर चालान की रकम को देखने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करे |

प्रेस रिलीज़ | आर्काइव प्रेस रिलीज़ | आर्काइव न्यूज़ 

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | यह वायरल वीडियो १ सितम्बर २०१९ को नए ट्रैफिक चालान नियम अस्तित्व में आने से पहले का है | यह घटना २२ मई २०१३ को घटित हुई थी | साथ ही वीडियो में पुलिस कर्मियों के बीच आपसी कारण की वजह से झड़प हुई थी |

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Title:ये एक पुराना वीडीयो है जिसका नये ट्रैफ़िक चालानो से कोई सम्बंध नहीं है।

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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