
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक गगनचुंबी इमारत को जलती और क्षतिग्रस्त हालत में दिखाया गया है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह बुर्ज खलिफा है और इस इमारत पर 1800 मिसाइलों से हमला किया गया।
यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए कॅप्शन में लिखते है कि दुनिया की सबसे ऊंची इमारत Burj Khalifa पर 1800 मिसाइलें दागे जाने का दावा सामने आया है। हर मिसाइल के निशाने पर लगने की बात कही जा रही है, जिससे हालात बेहद गंभीर बताए जा रहे हैं। इस घटना से जुड़ी पूरी जानकारी, संभावित कारण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया जानने के लिए वीडियो देखें।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
सबसे पहले इस दावे की पड़ताल के लिए संबंधित कीवर्ड्स के साथ ऑनलाइन खोज की गई। अगर वास्तव में दुनिया की सबसे ऊंची इमारत पर इतना बड़ा हमला हुआ होता, तो यह अंतरराष्ट्रीय मीडिया की बड़ी खबर होती।
लेकिन किसी भी विश्वसनीय या आधिकारिक मीडिया संस्थान द्वारा बुर्ज खलिफा पर 1800 मिसाइलों के हमले की कोई खबर नहीं मिली।
इसके बाद वायरल वीडियो की तुलना गूगल स्ट्रीट व्यू पर उपलब्ध बुर्ज खलिफा और उसके आसपास के क्षेत्र के दृश्य से की गई। जांच में पाया गया कि वीडियो में दिख रही इमारत और आसपास का इलाका दुबई के वास्तविक बुर्ज खलिफा परिसर से मेल नहीं खाता।

गूगल स्ट्रीट व्यू पर दिखने वाली शेख मोहम्मद बिन राशिद बुलेवार्ड से बुर्ज खलिफा का जो दृश्य दिखाई देता है, वह भी वायरल वीडियो में दिखाए गए दृश्य से बिल्कुल अलग है।

इसी तरह, बुर्ज खलिफा के पूर्व और पश्चिम दिशा से दिखाई देने वाले दृश्य भी वीडियो से मेल नहीं खाते, जिससे स्पष्ट होता है कि वीडियो वास्तविक नहीं है।

एआई से बनाया गया वीडियो
वीडियो की तकनीकी जांच के लिए इसे हाइव मॉडरेशन नामक टूल पर परखा गया। यह टूल एआई से बनाई गई तस्वीरों, वीडियो और ऑडियो की पहचान करने में मदद करता है।
टूल की रिपोर्ट में स्पष्ट संकेत मिला कि वायरल वीडियो एआई की मदद से बनाया गया है और इसमें किसी वास्तविक घटना या स्थान का चित्रण नहीं है।

निष्कर्ष
तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा क्षतिग्रस्त बुर्ज खलिफा का वीडियो एआई से बनाया गया है। बुर्ज खलिफा पर किसी भी प्रकार का मिसाइल हमला नहीं हुआ है। झूठे और भ्रामक दावे के साथ यह वीडियो फैलाया जा रहा है ।


