मशाल जलाकर विरोध प्रदर्शन का राजस्थान का वीडियो बिहार चुनाव परिणामों से ग़लत तरीके से जोड़ा जा रहा है।

बिहार में एक बार फिर नीतीश राज की शुरुआत हो गई है। गुरूवार 20 नवंबर को पटना के गांधी मैदान में नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा फिर से डिप्टी सीएम बनाए गए हैं। साथ ही नई सरकार में कुल 27 मंत्री शपथ लेने के लिए शामिल हुए। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक बड़ी सी भीड़ को सड़क पर मशालें लेकर मार्च निकालते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि, बिहार में चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद लोग सड़क पर उतर कर चुनाव आयोग के खिलाफ इस तरह से विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए हैं। वायरल वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है…
यह सब करने से कुछ नहीं होगा… सीधे अज्ञानेश कुमार को गोली मारो। न्याय मांगने से नहीं मिलेगा, इसे छीनना पड़ेगा। बिहार चुनाव के बाद लोग इलेक्शन कमीशन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का आरोप है की वोट चोरी हुई है वरना RJD से कम वोट शेयर होने के बाद भी BJP इतने सीट कैसे जीत गई।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। परिणाम में हमें गिरधारीलाल चौधरी नाम के एक्स यूजर का एक पोस्ट मिला। यह पोस्ट 19 अगस्त 2025 को साझा की गई है, जिसमें लिखा है “एनसीयूआई बालोतरा द्वारा आयोजित ईसीआई- बीजेपी की वोट चोरी के खिलाफ विशाल मशाल जुलूस।“इससे इतनी बात तो यहीं साफ़ है कि यह वीडियो बिहार चुनाव से काफी पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद है।
फिर हमें इसी जुलूस से जुड़ी हमें तस्वीरें एक इंस्टाग्राम हैंडल पर भी अपलोड की हुई मिलीं। 20 अगस्त 2025 की इस पोस्ट में लिखा गया था,
“गत दिवस बालोतरा में NSUI ने वोट चोरी के खिलाफ विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया बायतू विधायक व मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश जी चौधरी,प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ जी की विशेष उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं और युवाओं के हौसले को नई उड़ान दी।”
इसके बाद हमें पिन न्यूज नाम की वेबसाइट पर एक आर्टिकल मिली, जिसे 18 अगस्त 2025 को साझा किया गया था। इसमें बताया गया है कि वोट चोरी का आरोप लगाते हुए जोधपुर के जेएनवीयू कैम्पस के बाहर एनएसयूआई ने मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष के साथ कार्यकर्ताओं ने निकाला था। एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्च में मशाल जुलूस निकालते हुए वोट चोरी का आरोप लगाया था। प्रदेशाध्यक्ष जाखड ने आरोप लगाया कि महाराष्ट सहित कई स्थानों पर वोट चोरी हुई। डिजीटलीकरण मांग करते हुए कैम्पस के बाहर बडी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए मशाल जुलूस में भाग लिया था।
इसके अतिरिक्त, हमें 19 अगस्त, 2025 को एनएसयूआई राजस्थान के अध्यक्ष विनोद जाखड़ के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट किया गया वही वीडियो मिला , जिससे यह पुष्टि होती है कि वायरल वीडियो राजस्थान में आयोजित एक मशाल रैली की हैं, बिहार की नहीं।
साथ ही हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर भी मिली, जिसे 19 अगस्त को प्रकाशित किया गया था। इसके अनुसार, ‘देश के चुनावों में कथित वोट चोरी के विरोध में सोमवार को एनएसयूआई ने जोधपुर में मशाल जुलूस निकाला। एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में यह जुलूस जोधपुर शहर, जोधपुर देहात और फलोदी इकाइयों ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।‘
हालांकि हमने वायरल दावे से सम्बंधित मीडिया रिपोर्ट्स को भी चेक किया। लेकिन हमें ऐसी कोई भी खबर नहीं मिली, जिसमें बिहार में चुनाव के बाद चुनाव आयोग के खिलाफ ऐसे किसी प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी गई हो। इसलिए साफ़ होता है कि वायरल दावा पूरी तरह भ्रामक है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि, वायरल वीडियो राजस्थान में हुए एक प्रदर्शन का है। इसका बिहार चुनाव के बाद आये परिणाम से कोई संबंध नहीं है। बिहार में चुनाव के बाद लोगों ने ऐसा कोई भी प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ नहीं किया है।
Title:राजस्थान में हुए प्रदर्शन को बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों से जोड़कर किया जा रहा है भ्रामक दावा…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult:Missing Context


