क्या राजस्थान में पटाखे प्रतिबंधत होने के बाद फायरिंग कर दिवाली मनाई गयी? जानिये सच…

False Political
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बढ़ते प्रदूषण और कोरोनावायरस के संक्रमण की वजह से राजस्थान सहित देश के कई राज्यों ने दिवाली के अवसर पर पटाखों की बिक्री और आतिशबाजी पर प्रतिबंध लगाया था | इसी सम्बन्ध में सोशल मीडिया पर एक बहुचर्चित  वीडियो जिसमें लोगों के एक हजूम को हवा में हथियारों फायरिंग  करते हुए दिखाया गया है, इस वीडियो के माध्यम के दावा किया जा रहा है कि राजस्थान में गहलोत सरकार के पटाखों पर प्रतिबंध लगाने के बाद राजस्थान के राजपूतों ने इस तरह से दीपावली मनाई | वीडियो देखने में किसी जश्न का लग रहा है जिसमें हज़ारों लोग मौजूद है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि

 “राजस्थान में अशोक गहलोत की कोंग्रेस सरकार ने दिवाली पर पटाखे बेन किये। फिर क्या, वहाँ के राजपूतों ने अपने अंदाज़ में दिवाली मनाई।“

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया कि यह वीडियो इस साल दिवाली का नहीं है बल्कि वीडियो ‘जमराबिज‘ नाम के एक ऐतिहासिक पर्व का है, जिसे राजस्थान के मेनार गांव में होली के बाद मनाया जाता है|

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इन्विड- वी वेरीफाई टूल की मदद से छोटे कीफ्रेम्स में काट  गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमें २२ मार्च २०१९ को मेवाड़ स्टूडियोज नाम के यूट्यूब चैनल पर वायरल वीडियो का सदृश्य वीडियो मिला | वायरल वीडियो में हम लोगों को हवा में बन्दुकों से फायर करते हुए देख सकते है | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “मेनार जमराबिज 2019” |

फेसबुक पर सम्बंधित कीवर्ड सर्च करने पर हमें वायरल वीडियो उमेश मेनारिया नामक एक फेसबुक यूजर के फेसबुक पेज पर उपलब्ध मिला | इस वीडियो को १२ मार्च २०२० को अपलोड करते हुए लिखा गया है कि “मेनार जमराबिज शौर्य पर्व की झलक 2020” |

तत्पश्चात हमने उमेश मनोरिया जी से संपर्क किया जो एक पत्रकार हैं व वर्तमान में उदयपुर में राजस्थान पत्रिका में कार्यरत है | उन्होंने हमें बताया कि

यह वीडियो मैंने ही शूट किया है | यह वीडियो मेनार के जमराबिज पर्व का है | यह त्यौहार राजस्थान के मनोर में लगभग ४०० सालों से मनाया जाता रहा है | हर साल मेनार में होली के बाद जमराबिज शौर्य पर्व धूमधाम से मनाया जाता हैं | फायरिंग होने की वजह से इस पर्व को बारूद की होली भी कहा जाता है | इस पर्व को मुगलों से युद्ध में मिली विजय की खुशी में मनाया जाता है | जश्न के दौरान फायरिंग और तलवारबाजी होती है | यह एक ऐतिहासिक पर्व है जिसका दिवाली से कोई संबंध नहीं है |”

उन्होंने हमें इस पर्व के दूसरे वीडियो भी उपलब्ध कराये |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | यह वीडियो इस साल दीपावली का नहीं है अपितु वीडियो ‘जमराबिज’ नाम के एक ऐतिहासिक पर्व का है, जिसे राजस्थान के मेनार गांव में होली के बाद मनाया जाता है |

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Title:क्या राजस्थान में पटाखे प्रतिबंधत होने के बाद फायरिंग कर दिवाली मनाई गयी? जानिये सच…

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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