प्रेम विवाह के चलते परिजनों द्वारा लड़की को पीटने के वीडियो को जातिवाद से जोड़ गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है।

Communal False

सोशल मंचों पर अकसर वीडियो व तस्वीरों को सांप्रदायिकता से जोड़कर गलत दावे के साथ साझा किया जाता रहा है। फैक्ट क्रेसेंडो ने पूर्व में भी ऐसे कई वीडियोतस्वीरों की जाँच कर अपने पाठकों तक उनकी सच्चाई पहुँचाई है। ऐसा ही एक वीडियो इंटरनेट पर ईन दिनों काफी साझा किया जा रहा है, जिसमें आपको कुछ लोग एक लड़की को पीटते हुए दिखाई देंगे, वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि एक दलित समुदाय की लड़की ने उच्च समुदाय के खेत में शौच किया था जिसके पश्चात  उच्च जाती के लोगों द्वारा उसकी डंडों से पिटायी की गई। 

वायरल हो रहे वीडियो के शीर्षक में लिखा है, 

यह एक वायरल वीडियो है। कहां का है मुझे नहीं पता पर इस लड़की को न्याय मिलना चाहिए।इसको इतना फेलाओ कि मीडीया और बेटी बचावो नारा देनेवाले तक पहुचे और इसकी जांच पड़ताल कर दोषी को कड़ी से कड़ी सजा मिले,जुर्म सिर्फ इतना है कि लड़की हरिजन समाज की होकर स्वर्ण के खेत में शौच करने गयी थी।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वीडियो के साथ वायरल हो रहा दावा सरासर गलत है। वीडियो में दिख रही लड़की आदिवासी समुदाय से है व उसके दूसरे समुदाय के लड़के से प्रेम विवाह करने पर इस लड़की के परिजनो द्वारा उसे पीटा गया था। यह घटना वर्ष २०१९ में मध्य प्रदेश के धार जिले की है। 

जाँच की शुरुवात हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च के ज़रिये की, परिणाम में हमें पत्रिका द्वारा ३० जून २०१९ को प्रकाशित किया हुआ एक समाचार लेख मिला, जिसमें वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे दृश्य की तस्वीर प्रकाशित की गयी है। समाचार लेख के मुताबिक वीडियो में दिख रही घटना मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित बाग थाना क्षेत्र के घटबोरी गांव की है। वीडियो में दिख रही लड़की आदिवासी समुदाय से है जो कि दूसरे समुदाय के लड़के के साथ प्रेम प्रसंग के चलते भाग गयी थी, जिसके बाद लड़की के परिजनों द्वारा थाने में लड़की के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी व लड़की के मिलने के बाद उसे उन्होंने बेरहमी से पीटा। 

आपको बता दें कि वर्ष 2019 में यही वीडियो सोशल मंचों पर वायरल हुआ था जिसके वायरल होने के पश्चात् बाग थाना क्षेत्र की पुलिस द्वारा इस लड़की के सात परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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तदनंतर अधिक जानकारी पाने के लिए हमने यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च किया तो हमें टी.वी9 भारतवर्ष द्वारा १ जुलाई २०१९ को प्रसारित किया हुआ एक वीडियो मिला, जिसमें इस पूरे मामले की रिपोर्ट दी गयी है। वीडियो के शीर्षक में लिखा है,“दूसरी जाति के लड़के से प्यार करने पर मिली तालिबानी सजा, लड़की को लाठी-डंडों से पीटा,” व इसके नीचे दी गयी जानकारी में लिखा है, “मध्य प्रदेश के धार जिले से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक आदिवासी लड़की को प्यार करने की तालिबानी सजा दी गई है. धार जिले की एक आदिवासी युवती को उसके परिजनों ने सरेराह डंडों से सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा, क्योंकि उसने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर एक दलित युवक से प्यार किया।“

इस वीडियो में आप 2.29 मिनट से लेकर आखिर तक पुलिस द्वारा दी गयी जानकारी को सुन सकते है।

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तत्पश्चात उपरोक्त सारे सबूतों की पुष्टि करने हेतु हमने बाग थाना के टी.आई एम.पी वर्मा से संपर्क किया तो उन्होंने कहा, “वायरल हो रहा दावा सरासर गलत है। इस वीडियो का खेत में शौच करने से कोई संबन्ध नहीं है। दरअसल ये लड़की आदिवासी बिलाला समुदाय से है और चूँकी वो दूसरे समुदाय के लड़के के साथ भाग गयी थी तो उसके परिवार वाले व उसके समुदाय के लोग काफी नाराज़ थे। जिन लोगों ने लड़की को पीटा था उनके खिलाफ उसके पिता ने रिपोर्ट दर्ज करायी थी। इस मामले में पुलिस ने धारा 307, 354 के अंतर्गत 8 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनकी कोर्ट में पेशी भी हुई थी व अब वे बरी भी हो गये है।“  

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वीडियो के साथ वायरल हो रहा उपरोक्त दावा गलत है। वीडियो वर्ष २०१९ से है व वीडियो में दिख रही लड़की आदिवासी समुदाय से है जो कि दूसरे समुदाय के लड़के के साथ प्रेम प्रसंग के चलते भाग गयी थी, जिसके बाद लड़की के परिजनों द्वारा थाने में लड़की के गुमशुदा होने की रिपोर्ट दर्ज करायी गई थी व लड़की के मिलने के बाद उसे उन्होंने बेरहमी से पीटा था।

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Title:प्रेम विवाह के चलते परिजनों द्वारा लड़की को पीटने के वीडियो को जातिवाद से जोड़ गलत दावों के साथ फैलाया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

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