क्या ट्रेन की सीटी की आवाज़ से नमाज़ पढ़ने में दिक्कत हो रही थी इसलिये मुस्लिमों ने मुर्शिदाबाद रेलवे स्टेशन को नष्ट किया?

Communal False

यह खबर गलत है। इसमें दिख रही घटना नागरिकता कानून (सी.ए.ए) के खिलाफ हो रहे विरोध प्रर्शन के समय की है। इसका नमाज़ पढ़ने से कोई संबन्ध नहीं है।

इन दिनों इंटरनेट पर कथित तौर पर मुस्लिमों द्वारा नमाज़ पढ़ने में आ रही दिक्कत को लेकर किये जा रहे विनाश के संबन्ध में कई वीडियो वायरल हो रहे है। फैक्ट क्रेसेंडो ने ऐसे कई वीडियो की जाँच कर उनकी सच्चाई अपने पाठकों तक पहुंचाई है। इसी बीच एक वीडियो सामने आ रहा है। उसमें लोग पश्चिम बंगाल में स्थित मुर्शिदाबाद के महिषासुर रेलवे स्टेशन को नष्ट करते हुये दिखाई दे रहे है। दावा किया जा रहा है कि ट्रेन के भोपू की आवाज़ की वजह से नमाज़ पढ़ने में उन्हें परेशानी होती है। इसलिये वे रेलवे स्टेशन को नष्ट कर रहे है।

वायरल हो रहे पोस्ट में यूज़र ने लिखा है, “पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में महिषासुर रेलवे स्टेशन को मुल्लाओं द्वारा यह कह कर तबाह किया जा रहा है कि ट्रेन की सीटी की आवाज उनकी नमाज़ में खलल डाल रही है। आज यह पश्चिम बंगाल का एक स्टेशन है। कल क्या होगा सोचिए  (शब्दश: )

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

इस दावे को ध्यान में रखकर हमने फेसबुक पर कीवर्ड सर्च किया तो पाया कि यही वीडियो 15 दिसंबर 2019 को रिया दे नामक एक यूज़र ने शेयर किया था। इससे हमें समझ आया कि यह वीडियो अभी का नहीं है बल्की तीन साल पहले का है।

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आगे बढ़ते हुये हमने इस वीडियो के बारे में और जानकारी हासिल करने की कोशिश की। हमें 18 नवंबर 2020 को वाइल्ड फिल्म्स इंडिया के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो प्रसारित किया हुआ मिला। इसमें 0.26 मिनट से लेकर आखिरी तक आप वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे दृश्य को देख सकते है। इसके साथ दी गयी जानकारी को मुताबिक ये वीडियो देश में सी.ए.ए और एन.आर.सी के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं का हिस्सा है। इस प्रदर्शन के तहत पश्चिम बंगाल में युवकों ने रेलवे स्टेशन की तोड़फोड़ की।

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आगे बढ़ते हुये गूगल पर कीवर्ड सर्च कर हमने पाया कि 2019 नागरिकता संशोधन विधेयक पेश होने के बाद, मुर्शिदाबाद जिले के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये थे। वर्तमान की एक रिपोर्ट के अनुसार, सी.ए.ए के खिलाफ हुये विरोध प्रदर्शन की तीव्रता जंगीपुर में सबसे अधिक थी। प्रदर्शनकारी पहले निमतिता स्टेशन, पोरडांगा स्टेशन और नौपारा महिषासुर स्टेशन पर इकट्ठा होने लगे और फिर तोड़फोड़ करने लगे।

आपको बता दें कि अभी तक जितने भी सबूत हमें मिले है उनमें कही भी नमाज़ का ज़िक्र नहीं किया गया है।

चूंकि नौपारा महिषासुर जंगीपुर के सागरडीघी थाने में पड़ता है, फैक्ट क्रेसेंडो ने जंगीपुर जिला पुलिस के एस.डी.पी विद्युत तारफदार से संपर्क किया और उन्होंने कहा, “नौपारा महिषासुर रेलवे स्टेशन पर हाल ही में हिंसा या आतंक की ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। इस वीडियो के साथ जो खबर वायरल हो रही है, कि नमाज़ पढ़ने में दिक्कत के कारण रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ की गयी, यह सरासर गलत है।”


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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। इसमें दिख रही घटना सी.ए.ए के विरोध में किये प्रदर्शन के समय की है। इसका नमाज़ पढ़ने में परेशानी से कोई संबन्ध नहीं है।

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Title:क्या ट्रेन की सीटी की आवाज़ से नमाज़ पढ़ने में दिक्कत हो रही थी इसलिये मुस्लिमों ने मुर्शिदाबाद रेलवे स्टेशन को नष्ट किया?

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

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