बाबा रोडे शाह जी मेले में प्रसाद के तौर पर शराब बांटी जा रही शराब के वीडियो को किसान आंदोलन का बता वायरल किया जा रहा है।

False Social

इन दिनों सोशल मंचों पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। उसमें आप काफी बड़ी संख्या में लोगों को शराब लेते व कुछ लोगों को इन्हें शराब बांटते हुये देख सकतें हैं ।सोशल मंचो पर इस वीडियो को साझा करते हुये दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो किसान आंदोलन से है ।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है,

ऐसे होता है किसान आंदोलन भाई।”

 (शब्दशः)

फेसबुक

आर्काइव लिंक

 अनुसंधान से पता चलता है कि… 

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि यह वीडियो पंजाब के लुधियाना में स्थित कौनके कलां गाँव का है, यहाँ स्थित बाबा रोडे शाह जी की दरगाह में लोगों को प्रसाद के रूप में शराब बांटी जाती है।

इस वीडियो से सम्बंधित जाँच की शुरुवात सबसे पहले हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च कर के की, परिणाम में हमें ऐसे कई वीडियो मिले जिनमें इसी तरह से शराब बांटी जा रही है। उन वीडियो के साथ दी गयी जानकारी के मुताबिक ये वीडियो लुधियाना के कौनके कलां गाँव में स्थित बाब रोडे शाह जी की दरगाह के है।

हमें जनशक्ति न्यूज़ पंजाब द्वारा इस वर्ष 7 सितंबर को प्रसारित वीडियो मिला। उसमें आप 10.41 से 11.06 मिनट तक और 14.46 से 18.09 मिनट तक आप वायरल वीडियो से मिलता-जुलता दृश्य देख सकते है। उसमें लोग ड्रम में शराब की बोतलें खाली करते हुये नज़र आ रहे है। इस वीडियो के शीर्षक में लिखा है, “मेला बाबा रोडे शाह जी की भव्य सभा। 

आर्काइव लिंक

इसके बाद हमें एक और वीडियो मिला जिसमें आप काफी लोगों की भीड़ को देख सकते है। उसमें आप देख सकते है कि लोगों में शराब बंट रही है। यह वीडियो इसी वर्ष 7 सितंबर को प्रसारित किया हुआ है। इसी शीर्षक के मुताबिक यह वीडियो कौनके कलां गाँव में बाबा रोडे शाह की दरगाह का है।

आर्काइव लिंक

इसके बाद फैक्ट क्रेसेंडो ने पंजाब में स्थित पत्रकारों से पूछताछ की। हमने सिख सियासत न्यूज़ नामक एक न्यूज़ वैबसाइट के संपादक परमजीत सिंह से संपर्क किया। उनसे हमने इस वीडियो के बारे में जानने की कोशिश की। आपको बता दें कि देश में चल रहे किसान आंदोलन को सिख सियासत कवर करता आ रहा है। उन्होंने हमें बताया कि, “पंजाब में कुछ डेरे है जहाँ इस तरह की प्रथा होती है। यह वीडियो किसान आंदोलन का नहीं हो सकता क्योंकि वहाँ ऐसी चीज़े नहीं होती है। मैं ये दावे के साथ इसलिये कह सकता हूँ क्योंकि मेरी टीम शुरुवात से ही किसान आंदोलन को कवर कर रही है।

फिर फैक्ट क्रेसेंडो ने एक और पत्रकार जसवीर सिंह मुक्तसर से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि “यह वीडियो किसान आंदोलन का नहीं है। यह लुधियाना के कौनके कालां गाँव में स्थित बाबा रोडे शाह जी की दरगाह में शराब बांटने का वीडियो है। बाबा रोडे शाह जी की दरगाह में हर साल मेला लगता है और प्रसाद के रूप में शराब बांटी जाती है। इस वीडियो का किसान आंदोलन से कोई संबद्ध नहीं है।

उन्होंने हमें उनके द्वारा इंस्टाग्राम पर प्रसारित एक वीडियो का लिंक साझा किया। उसमें एक पत्रकार वायरल हो रहे दावे का खंडन कर रहा है। इस पोस्ट के शीर्षक में बताया गया है कि यह वीडियो किसान आंदोलन का नहीं बल्कि लुधियाना के कौनके कलां गाँव में हुये शराब के लंगर का है। उन्होंने इस प्रथा का विरोध करते हुये अपने विचार इस शीर्षक में लिखे है।

आर्काइव लिंक

जसवीर सिंह मुक्तसर ने हमें बताया कि यह वीडियो एक स्वतंत्र पत्रकार संदिप सिंह ने बनाया व उसमें रिपोर्टिंग भी वहीं कर रहें हैं।

इसके पश्चात फैक्ट क्रेसेंडो ने बाब रोडे शाह दगराह के समिति के सदस्य पोला सिंह से संपर्क किया। उन्होंने वायरल हो रहे दावे को गलत बताया व कहा, “यह वीडियो बाबा रोडे शाह जी की दरगाह में हुये मेले का है। यह मेला हर वर्ष 5-6 सितंबर को होता है। यह वीडियो इस वर्ष हुये मेले का है। इस मेले में प्रसाद के तौर पर शराब बांटी जाती है।

हमें पोला सिंह ने इस वर्ष हुये मेले के कुछ लाइव वीडियो के लिंक भी साझा किये।

आखिरी में उपरोक्त सारे सबूतों की पुष्टि करने हेतु फैक्ट क्रेसेंडो ने कौनके कलां पुलिस थाने के ए.एस.आई हरप्रीत सिंह से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि “वायरल हो रहा वीडियो इस वर्ष बाबा रोडे शाह जी के दरबार में हुये मेले का है। वहाँ हर वर्ष यह मेला होता है व प्रसाद में इस तरह से  शराब बांटी जाती है।“ 
निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। यह वीडियो पंजाब के लुधियाना में स्थित कौनके कलां स्थित बाबा रोडे शाह जी की  दरगाह में लोगों को प्रसाद के रूप में शराब बाँटने का है

तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े से संबंधित अन्य फैक्ट चेक को आप नीचे पढ़ सकते है|

Avatar

Title:बाबा रोडे शाह जी मेले में प्रसाद के तौर पर शराब बांटी जा रही शराब के वीडियो को किसान आंदोलन का बता वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •