उत्तरप्रदेश को विभाजित कर तीन राज्यों में बाँट दिया जाएगा | जानिये सच |

False National Political
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Photo Credits- TodayNewsPaper

१८ सितंबर २०१९ कोकवरेज इंडिया बरेली जोननामक एक फेसबुक यूजर ने एक तस्वीर पोस्ट की थी , जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “Breaking : लखनऊ : तीन राज्यो में बटेगा उत्तर प्रदेश,तीन राज्य में बनेगा- उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड व पूर्वांचल – सूत्र” | तस्वीर में, उत्तर प्रदेश को तीन अलग-अलग क्षेत्रों में विभाजित दिखाया गया है, और नए राज्यों और जिलों की राजधानियों का भी उल्लेख किया गया है | इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर तेजी से साझा करते हुए दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश को खंडित कर राज्य के तीन हिस्से (राज्य) बना दिये जायेंगे | पहला राज्य यूपी होगा जिसकी राजधानी लखनऊ होगी | दूसरा राज्य बुंदेलखंड होगा, जिसकी राजधानी प्रयागराज होगी | तीसरा राज्य पूर्वांचल होगा जिसकी राजधानी गोरखपुर होगी |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

इस दावे का पता लगाने के लिए, हमने अलग अलग कीवर्ड के साथ इस तस्वीर से जुडी ख़बरों को ढूँढने से की, लेकिन हमें उत्तर प्रदेश को ३ भाग में विभाजित करने के प्रस्ताव के संदर्भ में कोई समाचार रिपोर्ट नहीं मिली | अगर इस तरह के प्रस्ताव को वास्तव में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकार कर लिया गया था, यह निश्चित रूप से सभी प्रमुख मीडिया संगठनों द्वारा रिपोर्ट किया गया होता | 

उत्तर प्रदेश का एक बंटवारा सन २००० में हो चुका है, जिसके परिणाम से उत्तराखंड बना था | समय-समय पर यूपी के बंटवारे की मांग उठती रहती है, नवम्बर २०११ में तत्कालीन मायावती सरकार ने उत्तर प्रदेश को पूर्वाचल, बुंदेलखंड, पश्चिमी प्रदेश और अवध प्रदेश में बांटने का प्रस्ताव विधानसभा से पारित कराकर केंद्र को भेजा था और उस वक़्त की तत्कालीन यू.पी.ए  सरकार ने इस प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया  था | इस पर अधिक जानकारी के लिए आप नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करें |

इंडिया टुडे | आर्काइव लिंक 

हमने उत्तर प्रदेश के सरकारी वेबसाइट पर इस दावे के जुड़े नोटीफीकेशन भी ढूँढे, परिणाम में हमें पता चला कि इस वेबसाइट पर आखरी नोटीफीकेशन ३१ अगस्त २०१९ को रिलीज़ किया गया था, जिसका उपरोक्त दावे से कोई सन्दर्भ नहीं था | 

फिर हमने उत्तर प्रदेश के सी.एम ऑफिस से संपर्क किया, जहां से हमें यह बताया गया था कि अगर ऐसी कोई भी घटना घटी होती तो उत्तर प्रदेश सर्कार द्वारा प्रेस कांफ्रेंस, प्रेस रिलीज़, मीडिया ब्रीफिंग ज़रूर की जाती, ये तस्वीर व दावा केवल एक अफवाह है |

इसके पश्चात उत्तर प्रदेश के प्रधान सचीव, एस.पी गोयल से संपर्क किया, उन्होंने हमें बताया कि “यू.पी को विभाजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही तत्कालीन योगी आदित्यनाथ सरकार के सामने भी इसका कोई प्रस्ताव नहीं है | सोशल मीडिया पर वायरल सुचना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नही जारी की गयी है | सोशल मीडिया पर चल रहे दावे गलत हैं |”

प्रधान सचिव से जुड़े सुचना विभाग के अधिकारी ने हमें बताया कि “यह वायरल नोटीफीकेशन उनके संज्ञान में है परंतु यह केवल एक अफवाह है | सरकार के तरफ से ऐसी कोई सुचना जारी नही की गयी है | सोशल मीडिया के माध्यम से किये गए दावे गलत है |”

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | यू.पी को विभाजित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर व दावे गलत है |

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Title:उत्तरप्रदेश को विभाजित कर तीन राज्यों में बाँट दिया जाएगा | जानिये सच |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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