
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के शहर-ए-नव इलाके में 19 जनवरी 2026 को चीनी रेस्टोरेंट में एक धमाका हुआ है, जिसमें सात लोगों के मारे जाने की खबर है। इसी बीच सोशल मीडिया के अलावा न्यूज 18 और टाइम्स नाउ जैसे न्यूज चैनलों ने भी पुराने वीडियो का इस्तेमाल करते हुए इसे हालिया विस्फोट का फुटेज बता कर साझा किया है।
वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- काबुल के शाहर-ए-नव इलाके में 19 जनवरी को एक चीनी रेस्टोरेंट के पास भीषण IED धमाका हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक हमला उस वाहन को निशाना बनाने के लिए किया गया था, जिसमें चीनी अधिकारी सवार थे। शुरुआती संकेतों में तालिबान के भीतर गुटीय प्रतिद्वंद्विता की आशंका भी जताई जा रही है। घटना ने अफगानिस्तान में सुरक्षा हालात और चीन से जुड़े हितों को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। जांच जारी है।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया, परिणाम में वायरल वीडियो हमें फेसबुक अकाउंट्स पर 2020 में अपलोड किया हुआ मिला। 10 सितंबर 2020 को फेसबुक यूजर ‘Shakib Sherzai’ ने वायरल वीडियो को अपलोड किया है। यहां कैप्शन में तालिबान हमले का जिक्र किया गया है।
इसी तरह सर्च करने पर हमें यह वीडियो सितंबर 2020 को फेसबुक यूजर ‘हशमत मुरादी‘ के पेज ‘पाएगा खबरी वजीराबाद’ पर मिला। यहां भी वीडियो को तालिबान का बताकर पोस्ट किया गया है।
मिली जानकारी की मदद लेते हुए अधिक सर्च करने पर वीडियो इंटरनेट आर्काइव की वेबसाइट पर 2020 में अपलोड एक वीडियो मिला।

वीडियो की शुरुआत में ‘Cultural Affairs Commission’ का लोगो दिखाई देता है। अंत में एक टेक्स्ट भी है, जो अफगानों को संबोधित करता है।
हमने वायरल वीडियो और हमें मिले वीडियो का विश्लेषण किया। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि दोनो वीडियो एक ही है।

काबुल के चीनी रेस्टोरेंट पर हुए हालिया हमला-
19 जनवरी 2026 को अफगानिस्तान में एक चीनी रेस्टोरेंट पर हुए हमले को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह हमला अटैक पाकिस्तानी सेना और ISI ने करवाया है। जय सिंध मुत्तहिदा महाज (JSMM) के चेयरमैन शफी बुरफात ने पाकिस्तानी आर्मी और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर सीधे या परोक्ष रूप से शामिल होने का आरोप लगाया है। साथ ही यह भी बताया है कि पाकिस्तान की सेना और खुफिया एजेंसी क्षेत्र में इस तरह की हरकतें क्यों कर रही हैं।
निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, वायरल वीडियो हाल की घटना का नहीं है। यह वीडियो 2020 से सोशल मीडिया पर मौजूद है। इस वीडियो का काबुल के चीनी रेस्टोरेंट पर हुए हालिया धमाके से कोई संबंध नहीं है।
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Title:काबुल के चीनी रेस्टोरेंट पर हुए हालिया हमले का नहीं है यह वीडियो, दावा फेक है…
Fact Check By: Sarita SamalResult: Misleading


