संभल (उ.प्र) में एक मौलाना के जनाजे की नमाज के वीडियो को हैदराबाद में हुई इफ्तार पार्टी के नाम से हुआ वायरल किया जा रहा हैं |

Coronavirus False Social
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भारत में कोरना की वर्तमान स्थिति एक विकराल स्वरूप में दाखिल हो चुकी है, कोरोना की इस लहर के लिये सरकार के कुछ फैसलों को जिम्मेदार मान सरकार की काफी अवहेलना की जा रही हैं, जहाँ एक और देश में जारी चुनावों को व हाल ही में हरिद्वार कुम्भ के दौरान लाखों देशी-विदेशी लोगों के सम्मलित होने को इस बढ़ते संक्रमण के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है वहीँ दूसरी तरफ़ पिछले साल की तरह केंद्र सरकार को सम्पूर्ण लॉकडाउन न करने के लिए भी आलोचना झेलनी पड़ रही है, इन्ही सब के बीच सोशल मंचो पर एक   वीडियो वायरल होता दिख रहा है जिसमें हजारों की तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग इकट्ठा हुए है | इस वीडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो हैदराबाद में इफ्तारी के वक़्त का है | इस वीडियो में किसी को भी सामाजिक दूरी का पालन करते हुए या मास्क का उपयोग करते हुए नही देखा जा सकता है | इस वीडियो की तुलना कुम्भ मेले से की जा रही है और कुम्भ पर टीका टिपण्णी करने वालों पर तंज कसा जा रहा है| वीडियो में देखा जा सकता है कि किसी बड़ी सी इमारत के परिसर में भीड़ इक्कठा है |  

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि

“कुम्भ पर ज्ञान बाटने वालों का जी भर गया हो तो ये हैदराबाद की ‘#इफ्तारी’ भी देख लेना |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता कि….

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया कि इस वीडियो का हैदराबाद से कोई सम्बन्ध नहीं है, ये वीडियो उत्तर प्रदेश के संभल से है | वीडियो में दिख रही भीड़ १६ अप्रैल २०२१ को मौलाना अब्दुल मोमिन नदवी के जनाजे की नमाज में शामिल होने के लिए जुटी थी |

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इन्टरनेट पर अलग-अलग कीवर्ड सर्च कर ढूँढने से किया, हमें फेसबुकट्विटर पर कई ऐसे पोस्ट मिले को इस वीडियो को उत्तर प्रदेश के संभल का बताकर शेयर किये जा रहे थे | एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो के साथ दुसरे एंगल से लिए गये दुसरे वीडियो को साझा करते हुए उर्दू भाषा में लिखा है कि यह हज़रात मौलाना अब्दुल मोमिन साहिब नदवी के जनाज़े का वीडियो है |

आर्काइव लिंक 

इस पोस्ट से संकेत लेते हुए हमने यूट्यूब पर संभल और मस्जिद से जोड़कर कीवर्ड सर्च किया जिसके  परिणाम से हमें एक वीडियो मिला जिसकी लोकेशन तकरीबन वही नजर आ रही है जो वायरल वीडियो में दिख रही है | हमें “इंडियन विलेज व्लॉग” नाम के यूट्यूब चैनल पर संभल के मौलाना अब्दुल मोमिन नदवी के जनाजे के कई वीडियो मिले जिससे यह स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो और यूट्यूब वीडियो एक ही जगह के है |

नीचे आप यूट्यूब वीडियो की तुलना वायरल वीडियो के साथ देख सकते है जिससे ये साफ हो जाता है कि दोनों में दिख रही जगह एक ही है |

तद्पश्चात हमने गूगल मैप्स पर उत्तर प्रदेश के संभल में स्थित मस्जिदों और मदरसे की तस्वीरों को खंगालना शुरू किया जिसके परिणाम से वायरल वीडियो में दिख रहे मदरसे की कई मिलती-जुलती तस्वीरें गूगल मैप्स पर मिलीं | वीडियो में दिख रहा दृश्य अंजुमन इस्लाम मदरसे का है |

तद्पश्चात इस भीड़ का कारण जानने के लिए फैक्ट क्रेसेंडो ने संभल के जिलाधिकारी संजीव रंजन से संपर्क किया जिन्होंने पुष्टि की कि यह वीडियो संभल का ही है और कहा कि, “संभल के हजरत मौलाना अब्दुल मोमिन के इंतकाल के बाद अंजुमन मदरसे में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे | इस मुश्किल समय (कोरोनाकाल) पर जिन लोगों के द्वारा इस भीड़ को इकठ्ठा किया गया था, हम उनपर उचित वैधानिक करवाई करेंगे |”

फेसबुक पर हमें मौलाना अब्दुल मोमिन नदवी के पेज पर मौलाना की मृत्यु की घोषणा का १६ अप्रैल, २०२१ को प्रकाशित एक पोस्ट मिला | 

तद्पश्चात फैक्ट क्रेसेंडो ने मदरसे से जुड़े ज़ैद नोमानी से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि, “मौलाना नोमानी बहुत बड़े व्यक्ति थे और कई लोग उनके प्रशंसक थे | उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आए थे। हम लोगों से लगातार सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील कर रहे थे | हम पुरे दिन इस क्षेत्र को सैनीताईज कर रहे थे | हमने COVID-19 दिशानिर्देशों का पालन करने की कोशिश की लेकिन भीड़ को नियंत्रित करना आसान नहीं था |” 

“वीडियो के साथ सोशल मंचो पर वायरल हो रहे दावे का खंडन करते हुये उनके द्वारा ये स्पष्ट किया गया कि वीडियो का इफ्तारी से कोई सम्बन्ध नही है |”

हमें UPतक के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर प्रकाशित १८ अप्रैल २०२१ की एक वीडियो रिपोर्ट भी मिली, जिसमें मौलाना अब्दुल मोमिन नदवी के जनाजे के बारे में विस्तार से बताया गया है | संभल के हजरत मौलाना अब्दुल मोमिन के इंतकाल के बाद अंजुमन मदरसे में हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे |

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के साथ वायरल हो रहे दावे को गलत पाया है | ये वीडियो हैदराबाद का नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश के संभल का है | वीडियो में दिख रही भीड़ १६ अप्रैल को संभल के मौलाना अब्दुल मोमिन नदवी के जनाजे की नमाज में शामिल होने के लिए जुटी थी |

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Title:संभल (उ.प्र) में एक मौलाना के जनाजे की नमाज के वीडियो को हैदराबाद में हुई इफ्तार पार्टी के नाम से हुआ वायरल किया जा रहा हैं |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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