राहुल गाँधी के मूल वीडियो को क्लिप व एडिट कर गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

Missing Context Political
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सोशल मंचों पर अकसर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बारे में गलत व भ्रामक खबरें साझा की जाती रहीं है। कई बार उनके भाषणों से एक छोटा सा भाग काटकर उसे भ्रामक दावों के साथ वायरल किया जाता है। फैक्ट क्रेसेंडो ने पूर्व में भी ऐसे कई वीडियो का अनुसंधान कर उनकी सच्चाई अपने पठकों तक पहुँचायी है। वर्तमान में एक वीडियो जिसमें आप राहुल गांधी को किसानों के कर्ज माफी के सम्बन्ध में बोलते हुये सुनेंगे, 10 सेकंड के इस वायरल वीडियो में उन्हें ये बोलते हुये सुना जा सकता है कि,

किसान का कर्ज़ा माफ नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर कर्ज़ा माफ किया तो किसान की आदत खराब हो जाएगी। 

वायरल हो रहे इस वीडियो के शीर्षक में लिखा है,

 किसान का कर्ज़ा माफ नहीं करना चाहिए क्योंकि अगर कर्ज़ा माफ किया तो किसान को आदत हो जाएगी। किसान हितैषी – राहुल गांधी।

फेसबुक | आर्काइव लिंक

इस वीडियो को इंटरनेट पर बहुत तेज़ी से वायरल किया जा रहा है।

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहा यह वीडियो क्लिप्ड है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मूल भाषण से एक 10 सेकंड का छोटा भाग काटकर सन्दर्भ के बाहर व भ्रामक स्थिति पैदा करने के लिए वायरल किया जा रहा है।

जाँच की शुरुवात हमने उपरोक्त दावे को गूगल पर कीवर्ड सर्च करने से की, परिणाम में ऐसा कोई समाचार लेख नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो कि राहुल गांधी ने किसानों के कर्ज माफी न करने की बात की हो, इसके पश्चात हमने यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च के माध्यम से शोध किया, नतीजतन हमें वायरल हो रहे वीडियो से मिलता- जुलता एक वीडियो कांग्रेस के आधिकारिक यूट्यूब चैनल, इंडियन नैशनल कांग्रेस द्वारा प्रसारित किया हुआ मिला। आपको बता दें कि यह एक कार्यक्रम का लाइव वीडियो है जो 17 मई 2018 को प्रसारित किया गया था। “लाइव: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी बिलासपुर में किसान-आदिवासी रैली को संबोधित करते हुए।“ 

इस वीडियो में आपको वायरल हो रही वीडियो क्लिप को 27.56 से लेकर 28.53 मिनटों के दौरान देखने को मिलेगी। इस क्लिप को देखने पर आपको समझेगा कि राहुल गांधी ये कह रहे है कि, “भा.ज.पा के नेता कहते है कि किसान का कर्जा माफ नहीं करना चाहिये क्योंकि अगर किसान का कर्जा माफ किया तो किसान की आदत खराब हो जायेगी।“

स्पष्ट होता है कि राहुल गाँधी के २०१८ के एक वीडियो से एक १० सेकंड की क्लिप को गलत दावों के साथ सन्दर्भ से बाहर फैलाया जा रहा है।

आर्काइव लिंक

आप नीचे मूल वीडियो व वायरल हो रहे क्लिपड वीडियो का तुलनात्मक विश्लेषण देख सकते हैं।

इसके पश्चात उपरोक्त वीडियो से जुड़े समारोह के बारे में जानकारी पाने के लिए हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया तो हमें 16 मई 2018 को आज तक द्वारा प्रकाशित किया गया एक समाचार लेख मिला। उसमें लिखा था कि राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे के लिए छत्तीसगढ़ गये थे, जहाँ उन्होंने किसान, मजदूर, आदिवासी आदि के लिए रैलियाँ संबोधित की थी। इस दौरे में वे रायपुर, सीतापुर, पेंड्रा, बिलासपुर, दुर्ग गये थे।

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया है कि वायरल हो रहा यह वीडियो क्लिप्ड है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मूल भाषण के वीडियो से 10 सेकंड का छोटा भाग काटकर उसे सन्दर्भ से बाहर फैलाया जा रहा है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. बेल्जियम के पुराने वीडियो को फ्रांसीसी संसद में इस्लाम विरोधी भाषण के रूप में फैलाया जा रहा है|

२. क्या इंग्लैंड के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने किसान आंदोलनों के समर्थन में अपना भारत दौरा रद्द किया? जानिये सच…

३. वर्ष 2017 में पंजाबी भाषा की सर्वोच्चता को लेकर हुये विरोध की तस्वीरों को वर्तमान किसान आंदोलन से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

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Title:राहुल गाँधी के मूल वीडियो को क्लिप व एडिट कर गलत दावे के साथ फैलाया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: Missing Context


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