राहुल गांधी के भाषण की एक छोटी क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इस क्लिप में राहुल गांधी कहते हैं, “एक्स-रे मतलब जाति जनगणना”।
इस वीडियो को इस तरह फैलाया जा रहा है जैसे राहुल गांधी ने यह बयान बिना सोचे-समझे दिया हो और वे कह रहे हैं कि एक्स-रे करवाकर जाति जनगणना करेंगे।
फैक्ट क्रेसेंडो के पाठकों ने इस दावे की सच्चाई जानने के लिए यह वीडियो हमारी व्हाट्सऐप हेल्पलाइन (9049053770) पर शेयर किया।
फैक्ट क्रेसेंडो की पड़ताल में पता चला कि यह वीडियो काट-छांट कर संदर्भ से बाहर पेश किया गया है, जिससे राहुल गांधी की बात का गलत मतलब निकलता है।
वायरल वीडियो एक पुलिसकर्मी का पैर गाड़ी के नीचे आते दिखाई देता है और साथ ही राहुल गांधी का बयान चलता है कि, “आज हमारा सिक्योरिटी वाला बिचारा गाड़ी के नीचे आ गया, उसका पैर नीचे आ गया। हमने पहला काम किया – भईया जा कर एक्स-रे कराओ। एक्स-रे मतलब जाति जनगणना।”
इसके बाद यूज़र राहुल गांधी का मज़ाक उड़ाते हुए कहता है कि, “राहुल गांधी को खुद नहीं पता होता कि वे क्या बोल रहे हैं। लगता है वे नशा करके भाषण देने आते है। तभी तो कभी आलू से सोना निकालने लगते है, कभी एक्स-रे करवा कर जाति जनगणना करवा लेते है।”
इंटरनेट पर कीवर्ड की खोज से पता चला कि 19 अगस्त को राहुल गांधी की गाड़ी से पुलिस वाले को चोट लगी थी। ‘एनडीटीवी’ के मुताबिक बिहार में वोटर अधिकार यात्रा के दौरान नवादा शहर में यह हादसा हुआ। राहुल गांधी की गाड़ी के आगे का पहिया एक पुलिसकर्मी के पैर के ऊपर चढ़ गया।
लेकिन की-फ्रे म्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर पता चला कि वायरल पोस्ट में राहुल गांधी का जो क्लिप है वह लगभग डेढ़ साल पुरानी हैं।
वह उन्होंने 19 फरवरी 2024 को उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर में दिए भाषण का वीडियो है।
राहुल गांधी उस समय भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान अमेठी में एक जनसभा में जाति जनगणना की जरूरत पर बात कर रहे थे। उनके भाषण का संपूर्ण वीडियो और भाषण की कॉपी कांग्रेस के आधिकारिक वेबसाईट पर उपलब्ध है।
इस भाषण में राहुल गांधी प्राइवेट और सरकारी नौकरियों में पिछड़ी जाति, दलित और आदिवासी समुदाय के लोगों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने उनके न्यायपूर्ण प्रतिनिधित्व के लिए जाति जनगणना करने पर जोर दिया था।
उन्होंने कहा था कि, “क्रांतिकारी कदम…सबकी गिनती करनी है। इस देश में गरीब जनरल कास्ट के कितने लोग हैं। उनके हाथों में कितना धन है, इस देश में पिछड़े लोग कितने हैं, कौन-सी कौन-सी जाति हैं, उनके पास कितना धन है, आदिवासियों के पास कितना धन है। दलितों के पास कितना धन है। मतलब जाति जनगणना। जैसे किसी को चोट लगती है… पहला काम…आज हमारा सिक्योरिटी वाला बिचारा गाड़ी के नीचे आ गया, उसका पैर नीचे आ गया। हमने पहला काम किया – भईया जा कर एक्स-रे कराओ। पहला काम…एक्स-रे मतलब जाति जनगणना।”
इससे पता चलता है कि राहुल गांधी भारत की असली सामाजिक तस्वीर समझने के लिए सही आंकड़ों की ज़रूरत की बात कर रहे थे। इसके लिए यह पता होना ज़रूरी है कि देश में किस जाति के कितने लोग हैं, किनके पास कितनी जमीन है, कौन किस हालत में रह रहा है और किन समुदायों को अब भी बराबरी का हक नहीं मिला है।
इसी संदर्भ में उन्होंने सुरक्षा गार्ड की चोट के एक्स-रे का उदाहरण दिया था।
राहुल गांधी का मतलब यह था कि जैसे किसी डॉक्टर को शरीर के अंदर की चोट की सही स्थिति जानने के लिए एक्स-रे की ज़रूरत होती है, वैसे ही सरकार और जनता को समाज की असली तस्वीर समझने के लिए जाति जनगणना की ज़रूरत है। अगर सरकार के पास यह जानकारी ही नहीं होगी कि किस जाति या वर्ग की आर्थिक और सामाजिक स्थिति क्या है, तो वह सही नीतियां नहीं बना पाएगी। इसलिए राहुल गांधी ने यह उदाहरण दिया कि जाति जनगणना “एक्स-रे” की तरह काम करती है।
यानि ‘एक्स-रे’ यहां एक रूपक (analogy) की तरह इस्तेमाल हुआ है। रुपक का मतलब होता है कि किसी मुद्दे को आसान तरीके से समझाने के लिए उसे किसी आसान और परिचित चीज़ से जोड़कर बताया जाना। जिससे आम लोगों वह बात जल्दी समझ में आती है।
राहुल गांधी कई बार कह चुके हैं कि जाति जनगणना देश का सामाजिक एक्स-रे है।
जाति जनगणना को युवाओं) का हथियार बताते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि, “आपको पता लगाना है कि आपकी आबादी कितनी है और दूसरे नंबर पर पता लगाना है कि देश के धन पर आपकी कितनी हिस्सेदारी है। जाति जनगणना देश का एक्सरे है, इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।”
इसके अलावा हमें 10 अक्टूबर 2023 को इंडिया टुडे की तरफ से एक और रिपोर्ट प्रकाशित मिली। मध्य प्रदेश के शहडोल में चुनावी जनसभा में राहुल गांधी ने अल्पसंख्यकों का सच पता लगाने के लिए जाति जनगणना को एक्स-रे बताया था। उन्होंने कहा था कि जाति जनगणना पिछड़े वर्ग, दलित और आदिवासियों की समस्या पता लगाने का एक एक्स-रे है।
राहुल गांधी ने एक्स-रे के जरिए जाति जनगणना करने की बात नहीं कही थी। असल में, वे जाति जनगणना को ‘एक्स-रे’ का उपमा दे कर पीछड़े, दलित और आदिवासी समुदाय की सामाजिक स्थिति उजागर करने की बात कर रहे थे।
लेकिन सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें उनका यह संदर्भ हटा दिया गया है। वीडियो को इस तरह एडिट किया गया कि ऐसा लगे जैसे राहुल गांधी का बयान बेतुका और मजाकिया है। जबकि पूरा भाषण सुनने पर साफ समझ आता है कि, यह उनका तर्क समझाने का तरीका था। इसलिए किसी भी दावे पर यकीन करने से पहले उसका पूरा संदर्भ देखना जरूरी है।
Title:फैक्ट-चेक: क्या राहुल गांधी X-Ray के जरिए जाति जनगणना करने की बात कर रहे हैं?
Fact Check By: Mayur DeokarResult: Misleading
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