राजघाट की विजिटर बुक में पुतिन द्वारा लिखे गए संदेश में मोदी सरकार की अलोचना किए जाने के दावे से फर्जी पोस्ट वायरल

False Political

इंटरनेट पर पुतिन के नाम पर साझा किया जा रहा पोस्ट फर्जी है। अपने मूल संदेश में उन्होंने महात्मा गांधी की प्रशंसा की और भारत और रूस के बीच साझा मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसी भी बिंदु पर वर्तमान में केंद्र सरकार की आलोचना नहीं की।

अभी हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत का दौरा किया था। जहां उन्होंने 5 दिसंबर को राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी थी। इस दौरान उन्होंने आगंतुक पुस्तक में महात्मा गांधी के सिद्धांतों की तारीफ़ और उनके मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए संदेश लिखा था। जिससे जोड़ते हुए इंटरनेट पर पोस्ट वायरल किए जाने लगे। वायरल पोस्ट के अनुसार, उन्‍होंने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू की तारीफ की और वर्तमान की केंद्र में मोदी सरकार की जमकर आलोचन की। पोस्ट के दावे अनुसार, पुतिन ने अप्रत्यक्ष रूप से भारत की जनता से वर्तमान सरकार को उखाड़ फेंकने की अपील की व कथित तौर पर “गोडसेवाड़ी नफरत की विचारधारा” पर चलने वाली सरकार बताया। वायरल पोस्ट में लिखा गया है…

राजघाट के रजिस्टर में पुतिन जी लिख कर गए है उसका हिंदी अनुवाद :-मैं ही नहीं मेरे पूर्वज और मेरे पूरे रसिया के लोग, और पूरी दुनिया ये मानती है कि भारत महात्मा गांधी जी और नेहरू जी के सिद्धांतों  अहिंसा, भाईचारे,पर चलने वाला सेकुलर लोकतांत्रिक देश है,मैं भारत देश की जनता से निवेदन करना चाहूंगा की नफरती विचारधारा की सरकार से जनता दूरी बनाये ताकि इस देश के नागरिकों का भविष्य सदैव सुरक्षित रहे,पुतिन

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में गूगल पर कीवर्ड सर्च से यह पता लगाया कि क्या वास्तव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने राजघाट संदेश में नरेंद्र मोदी सरकार को हटाने का आह्वान किया था। लेकिन हमें ऐसी कोई भी विश्वसनीय रिपोर्ट नहीं मिली जो वायरल दावे की पुष्टि करता हो। क्यूंकि अगर रूसी राष्ट्रपति द्वारा इस तरह की कोई भी टिप्पणी की गई होती तो व्यापक मीडिया कवरेज प्राप्त करती।

इसके बाद हमें 5 दिसंबर को प्रकाशित WION की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें पुतिन द्वारा वास्तव में लिखे गए शब्दों का विस्तृत विवरण दिया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति ने महात्मा गांधी को “आधुनिक भारत के संस्थापकों में से एक” बताया और लिखा कि स्वतंत्रता, सद्गुण और करुणा के बारे में गांधी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। इसमें पुतिन ने लिखा था, “कई मायनों में, महात्मा गांधी ने उस नई, अधिक न्यायपूर्ण बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की भविष्यवाणी की थी जो अब आकार ले रही है।” 

इसमें हमने यह पाया कि कहीं भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस बात का कोई जिक्र नहीं था कि पुतिन ने केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना की हो या उसे हटाने की मांग की हो।

आगे हमें रूसी विदेश मंत्रालय द्वारा एक्स हैंडल पर इससे जुड़ी पोस्ट मिली।

हमें पुतिन की राजघाट यात्रा से जुड़ी एक रिपोर्ट टाइम्स नाऊ हिंदी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी मिली, जिसे 5 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी और पुष्प चढ़ाये। साथ ही रूसी भाषा में विजिटर बुक में एक मैसेज भी लिखा। रिपोर्ट में मैसेज का हिंदी अनुवाद ऐसा है, “आधुनिक भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महात्मा गांधी एक महान मानवतावादी थे। दुनिया में शांति स्थापित करने में उनका योगदान बहुत मूल्यवान रहा है। आज भी उनकी स्वतंत्रता, सत्य, अहिंसा और मानवता की सोच उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी पहले थी।“उन्होंने आगे लिखा,”गांधीजी एक ऐसे नए विश्व की कल्पना करते थे जहां सभी देशों के बीच न्याय, समानता और सम्मान हो। वह किसी एक देश के प्रभुत्व के बजाय एक बहुध्रुवीय और संतुलित विश्व व्यवस्था चाहते थे। अपने समय में उन्होंने रूसी दार्शनिक लियो टॉल्स्टॉय के साथ पत्राचार में इसी तरह के भविष्य के विश्व पर विचार साझा किए थे। एक ऐसी दुनिया जो परस्पर सम्मान और बराबरी के सिद्धांतों पर चले। आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और रूस भी उसी तरह के मूल्यों का समर्थन करते हैं। दोनों देश ऐसे वैश्विक ढांचे का पक्ष लेते हैं, जिसमें किसी पर दबाव न हो और सहयोग व सम्मान के आधार पर दुनिया आगे बढ़े।“ रिपोर्ट में रूसी भाषा में लिखे पुतिन के मैसेज की तस्वीर को साझा किया हुआ देखे सकते हैं।

हमें न्यूज़ एजेंसी ANI के एक्स पोस्ट में पुतिन के द्वारा लिखे हुए संदेश से जुड़ी पोस्ट मिली। इसमें भी यही बताया गया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राजघाट पर विजिटर्स बुक पर साइन किए, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।

हमें राजघाट यात्रा के दौरान पुतिन द्वारा लिखे संदेश से जुड़ी रिपोर्ट्स दैनिक जागरण, न्यूज18 और एनडीटीवी की वेबसाइट्स पर भी मिलीं। जिनको 5 दिसंबर 2025 को प्रकाशित किया गया था। इन सभी के अनुसार, पुतिन ने विजिटर बुक में महात्मा गांधी और उनके सिद्धांतों की तारीफ के बारे में ही लिखा है। इसमें मोदी सरकार की अलोचना और नेहरू की तारीफ नहीं की गई है।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राजघाट स्थित आधिकारिक आगंतुक पुस्तिका में नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना करते हुए संदेश नहीं लिखा है।मूल संदेश में उनके द्वारा महात्मा गांधी की प्रशंसा की गई है व उनकी वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया है। इसलिए पुतिन के मैसेज को लेकर किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत है।

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Title:राजघाट की विजिटर बुक में पुतिन द्वारा लिखे गए संदेश में मोदी सरकार की अलोचना किए जाने के दावे से फर्जी पोस्ट वायरल

Fact Check By: Priyanka Sinha 

Result: False