विमान में भगवद गीता पढ़ते पुतिन की वायरल तस्वीर निकली एआई से बनी फर्जी छवि…

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प्रधानमंत्री मोदी द्वारा गीता भेंट किए जाने के बाद वायरल हुई पुतिन की यह तस्वीर किसी आधिकारिक स्रोत में मौजूद नहीं है और जांच में इसे एआई-जनित पाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उनके दो दिवसीय भारत दौरे के दौरान भगवद गीता के रूसी अनुवाद की एक प्रति भेंट की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुलाकात की तस्वीरें अपने एक्स (X) अकाउंट पर भी साझा की थीं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक अन्य तस्वीर काफी वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि व्लादिमीर पुतिन विमान में बैठकर वही भगवद गीता पढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।

यह तस्वीर भारत-रूस संबंधों और इस उपहार को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है, और कई उपयोगकर्ता इसे प्रमाण के रूप में साझा कर रहे हैं कि पुतिन ने मोदी द्वारा दी गई गीता को अपनी यात्रा के दौरान पढ़ा।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत सबसे पहले यह देखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 दिसंबर 2025 को अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भगवद गीता भेंट करते हुए जो तस्वीर साझा की थी, वही वास्तविक और प्रामाणिक दृश्य था। इस मुलाकात को एनडीटीवी, इंडिया टुडे और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों ने भी रिपोर्ट किया था। हालांकि, जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वायरल तस्वीर—जिसमें पुतिन विमान में बैठे गीता पढ़ते हुए दिखाई देते हैं—किसी भी आधिकारिक बयान, समाचार रिपोर्ट या विश्वसनीय मीडिया कवरेज का हिस्सा नहीं रही है। न तो यह तस्वीर क्रेमलिन के किसी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर मौजूद है और न ही किसी रूसी या अंतरराष्ट्रीय समाचार संस्था ने इसे प्रकाशित किया है। यही वह पहला संकेत था जिसने तस्वीर की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए।

इसके बाद फ़ैक्ट क्रेसेंडो ने तस्वीर की बारीकी से जांच की, गौर करने पर तस्वीर में कई ऐसी विसंगतियां दिखाई दीं, जो आमतौर पर एआई द्वारा बनाई गई छवियों में पाई जाती हैं। तस्वीर की रोशनी प्राकृतिक नहीं लगती, छायाएं असंतुलित हैं और पुतिन की उंगलियों के आसपास अजीब तरह की विकृतियां दिखाई देती हैं। इसके अलावा, भगवद गीता के कवर पर मौजूद विवरण भी मेल नहीं खाते। सबसे स्पष्ट त्रुटि किताब पकड़ने के तरीके में नजर आती है, जहां एक उंगली, जो स्वाभाविक रूप से किताब के नीचे होनी चाहिए, ऊपर की ओर दिखाई दे रही है। इस तरह की शारीरिक रूप से असंभव संरचनाएं एआई-जनित तस्वीरों की एक सामान्य पहचान मानी जाती हैं।

इन सभी संकेतों के बाद, संदेह को पूरी तरह स्पष्ट करने के लिए तस्वीर को विभिन्न एआई पहचान उपकरणों पर जांचा गया। Hive Moderation नामक प्लेटफ़ॉर्म ने तस्वीर का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष दिया कि इसके एआई द्वारा बनाए जाने की संभावना 99.9 प्रतिशत है। 

इसके बाद जब तस्वीर को Google Gemini पर Synth ID टेस्ट के जरिए परखा गया, तो वहां भी पुष्टि हुई कि यह छवि Google की एआई तकनीक से तैयार की गई है और संभवतः Gemini 3 मॉडल का उपयोग किया गया है। 

इसी तरह, Image Whisperer नामक एक अन्य एआई पहचान वेबसाइट ने भी स्वतंत्र रूप से जांच कर इसे उच्च संभावना वाली एआई-जनित तस्वीर बताया। सभी परीक्षणों का निष्कर्ष एक जैसा रहा—यह तस्वीर वास्तविक नहीं है।

निष्कर्ष-

फ़ैक्ट क्रेसेंडो की विस्तृत जांच से यह स्पष्ट हो गया कि वायरल तस्वीर पूरी तरह से एआई द्वारा बनाई गई (AI-generated) है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विमान में बैठकर भगवद गीता पढ़ते हुए दिखाई देने वाली तस्वीर न तो असली है और न ही किसी आधिकारिक स्रोत द्वारा प्रकाशित की गई है।यह मोदी-पुतिन बैठक और गीता भेंट के बाद सोशल मीडिया पर भ्रम पैदा करने के उद्देश्य से फैल रही है।

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Title:विमान में भगवद गीता पढ़ते पुतिन की वायरल तस्वीर निकली एआई से बनी फर्जी छवि…

Fact Check By: Drabanti Ghosh  

Result: Altered