वायरल डाक टिकट तुर्की राष्ट्रपति द्वारा तुर्की की मेजबानी में हुये २०१५ G-20 शिखर सम्मेलन की यादगार में कई वैश्विक नेताओं के नाम से जारी डाक टिकटों में से एक है|

Missing Context National

प्रधानमंत्री मोदी के ७१ जन्मदिवस की पृष्ठभूमि पर सोशल मंचों पर एक डाक टिकट तस्वीर साझा की जा रहा है, इसे साझा कर ये बताया जा रहा है कि  इस डाक टिकट को मुस्लिम राष्ट्र तुर्की द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में जारी किया गया है |

इस तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“*मुस्लिम राष्ट्र तुर्की ने चौकीदार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी पर डाक टिकट जारी कर दिया और हमारे यँहा उन्हें गाली देने और चोर चोर चिल्लाने से ही फुर्सत नहीं है।* श्री नरेन्द्र मोदी पर डाक टिकट जारी करने पर तुर्की देश का बहुत-बहुत आभार व हमारे देश के लिए बहुत ही गौरव की बात है। 

(शब्दशः)

फेसबुक पोस्ट

अनुसन्धान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने शोध कर जाँच में पाया कि डाक टिकट की यह तस्वीर २०१५ से है, जब तुर्की की मेजबानी में G20 समिट आयोजित हुआ था और तुर्की ने इस सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले विश्व नेताओं के नाम पर व्यक्तिगत डाक टिकट जारी किये थे|

जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च कर व इस तस्वीर से सम्बंधित कीवर्ड सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमें यह तस्वीर फ्लिकर वेबसाइट पर नवंबर २०१५ को अपलोड की हुई मिली, इस तस्वीर को G20 तुर्की २०१५ नामक अकाउंट द्वारा साझा किया गया था| इस तस्वीर के विवरण में लिखा गया है कि G20 तुर्की सम्मेलन में सम्मिलित विश्व नेताओं के नाम से जारी किये गए व्यक्तिगत डाक टिकट, इन डाक टिकटों को  तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन द्वारा अंताल्या (तुर्की) में आयोजित G20 तुर्की लीडर्स समिट की यादगार में प्रस्तुत किया था। 

१८ नवंबर २०१५ को G20 तुर्की ने इस ख़बर को अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से भी पोस्ट किया था,  इस ट्वीट में लिखा गया है कि राष्ट्रपति एर्दोआन ने #G20AntalyaSummit में भाग लेने वाले सभी विश्व नेताओं को लेकर एक विशेष डाक टिकट संग्रह जारी किया है |

ये सम्मान G20(२०१५) में सम्मिलित सभी विश्व नेताओं को दिया गया था, जिनमें तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, यू.के के प्रधान मंत्री डेविड कैमरून, भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अन्य वैश्विक नेता भी शामिल थे | तुर्की सरकार ने इस दौरान दुनिया की १९ सबसे बड़ी और सबसे शक्तिशाली अर्थव्यवस्थाओं और यूरोपीय संघ के नेताओं सहित कुल ३३ व्यक्तिगत डाक टिकट जारी किये थे |

निष्कर्ष: 

सोशल मंचों पर वर्तमान में साझा किये जा रहे डाक टिकट की तस्वीर वर्ष २०१५ से है व इस प्रकार के डाक टिकट G20 शिखर सम्मेलन में सम्मिलित सभी वैश्विक नेताओं के लिए जारी किये गए थे, इस डाक टिकट को हाल ही में मनाये गये प्रधानमंत्री मोदी जी के ७१वें जन्मदिवस की पृष्ठभूमि को आधार बना सोशल मंचों पर “मुस्लिम राष्ट्र तुर्की” द्वारा जारी डाक टिकट का बता साझा किया जा रहा है, हालाँकि ये ज्ञात रहे कि २०१५ में तुर्की G20 शिखर सम्मेलन में सम्मिलित सभी वैश्विक राजनेताओं के लिए भी ऐसे ही व्यक्तिगत डाक टिकट जारी किये गए थे|

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. असम के एक पानी पूरी विक्रेता द्वारा पानी में मूत्र मिलाने के प्रकरण को फर्जी सांप्रदायिक रंग दे सोशल मंचों पर फैलाया जा रहा है।

२. पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने नाम से फिरसे बना फर्जी अकाउंट जिससे सांप्रदायिक ट्वीट किये गये|

३. बिहार के कटिहार में मुर्हरम जुलूस के दौरान घटी मारपीट की घटना को हिन्दू-मुस्लिम कोण दे सांप्रदायिकता से जोड़ साझा किया जा रहा है|

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Title:वायरल डाक टिकट तुर्की राष्ट्रपति द्वारा तुर्की की मेजबानी में हुये २०१५ G-20 शिखर सम्मेलन की यादगार में कई वैश्विक नेताओं के नाम से जारी डाक टिकटों में से एक है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: Missing Context

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