ALTERED IMAGE:- मूल तस्वीर को डिजिटली एडिट कर कंडोम का पैकेट कुर्ते की जेब में जोड़ा गया है|

False Political
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देश में चल रहे किसान आंदोलनों के सम्बन्ध में इंटरनेट पर अकसर कई वीडियो व तस्वीरें गलत व भ्रामक दावों के साथ वायरल होते रहते है। फैक्ट क्रेसेंडो ने ऐसी कई खबरों का अनुसंधान कर उनकी प्रमाणिता अपने पाठकों तक पहुंचायी है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक किसान की तस्वीर को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति किसान आन्दोलन में भाग लेने वाले एक किसान है जिनके जेब में कंडोम के पैकेट को देखा जा सकता है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“जेब में किसान आंदोलन के #दस्तावेज लेकर घूमता हुआ एक गरीब किसान |”

फेसबुक पोस्ट | फेसबुक पोस्ट

अनुसन्धान से पता चलता है कि..

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया है कि मूल तस्वीर को एडिट कर कंडोम का पैकेट जोड़ा गया है | इस तस्वीर का किसान आन्दोलन से कोई सम्बन्ध नही है |

जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमने पाया कि वायरल तस्वीर से मिलती-जुलती तस्वीर एक लोकल मीडिया वेबसाइट कौमीमार्ग डॉट ओआरजी द्वारा ३ मई, २०२१ को अपलोड की गई थी | तस्वीर के साथ जुड़े शीर्षक में लिखा है, “पूर्व अकाल मंत्री सुच्चा सिंह लंगा के बेटे को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया।” रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस ने सुच्चा सिंह लंगा के बेटे प्रकाश सिंह के घर छापा मारा और उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसके घर से हेरोइन बरामद की गई थी | साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है की एक महिला कांस्टेबल के साथ परकाश सिंह की एक सीडी वायरल होने के बाद उसे सिख समुदाय से बहिष्कृत भी कर दिया गया था | इस तस्वीर में, हमें सुच्चा सिंह लंगा की शर्ट की जेब में कंडोम का कोई पैकेट नहीं देख सकते हैं |

सुच्चा सिंह लंगा एक भारतीय राजनीतिज्ञ हैं और शिरोमणि अकाली दल से संबंधित हैं | वह पंजाब सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री हैं |

आर्काइव लिंक 

इसके पश्चात हमें जगबनी नाम के एक आधिकारिक यूट्यूब चैनल द्वारा प्रकाशित वायरल हो रही तस्वीर मिली | इस वीडियो को १८ अक्टूबर, २०१९ को अपलोड किया गया था | इस वीडियो के शीर्षक में गुरमुखी में लिखा है कि “लंगा के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के साथ झुके सिख!” इससे यह स्पष्ट होता है की वायरल हो रही तस्वीर का वर्तमान में चल रहे किसान आन्दोलन से कोई सम्बन्ध नही है |

नीचे आप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर और मूल तस्वीर की तुलना देख सकते है, इससे ये स्पष्ट होता है कि वायरल तस्वीर को फोटोशोप के माध्यम से एडिट कर तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति के जेब में कंडोम की तस्वीर जोड़ी गई है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने वायरल हो रही उपरोक्त तस्वीर को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर को फोटो एडिट सॉफ्टवेर की मदद से एडिट किया गया है जिसके माध्यम से भ्रामक सन्देश फैलाया जा रहा है | इस तस्वीर का किसान आन्दोलन से कोई सम्बन्ध नही है | साथ ही तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति के जेब में कंडोम का पैकेट नही है, इसे एडिट कर जोड़ा गया है |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो वर्ष पुराने वीडियो को वर्तमान में हुये केंद्रीय मंत्रालय फेरबदल से जोड़ वायरल किया जा रहा है।

२. २०१९ की बांग्लादेश में के ईद-ए- मिलाद- उन नबी के जलूस की तस्वीर को उत्तर प्रदेश में ओवैसी के रैली के नाम से फैलाया जा रहा है|

३. सुप्रीम कोर्ट के वकील ऍड. भानू प्रताप सिंह के भाषण के वीडियो को हिमालया कंपनी के मालिक का बता वायरल किया जा रहा है।

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Title:ALTERED IMAGE:- मूल तस्वीर को डिजिटली एडिट कर कंडोम का पैकेट कुर्ते की जेब में जोड़ा गया है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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