बिहार में पुलिस द्वारा लगाए गए ‘जय श्री राम’ के नारे का पुराना वीडियो को त्रिपुरा का बता कर वायरल

Communal False

यह वीडियो त्रिपुरा का नहीं बल्कि बिहार का है। बिहार में वर्ष 2018 में राम नवमी के जूलुस में पुलिस ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे थे। 

त्रिपुरा में चल रही हिंसा (Tripura Violence) को लेकर सोशल मंचों पर कई वीडियो गलत दावों के साथ वायरल हो रहे है। फैक्ट क्रेसेंडो ने ऐसे कई वीडियो का अनुसंधान कर उनकी प्रमाणिता अपने पाठकों तक पहुंचाई है। 

इन दिनों इसके संबन्धित एक वीडियो को साझा किया जा रहा है। उसमें आप कुछ पुलिसकर्मियों को ‘जय श्री राम’ (Jai Shree Ram) के नारे लगाते हुए देख सकते है। इसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो त्रिपुरा से है जहां पुलिस ने ऐसे नारे लगाए।

वायरल हो रहे पोस्ट में लिखा है, “सुना था पुलिस लोगो की मदद करने के लिए होती है, अब समझ मे आया के पिछले 6 दिनो से त्रिपुरा जल क्यूं रहा है, पुलिस भी धर्म के नाम पर बिक गयी है। क्या होगा मेरे देश का? देश में कायदा कानून ज़िंदा रखना है तो ऐसे पुलिसवालों को सस्पेंड करो।“

फेसबुक 

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने यूट्यूब पर कीवर्ड सर्च किया। हमें यही वीडियो नेशन टाइम नामक एक वैरिफाइड यूट्यूब चैनल पर 30 मार्च 2018 को प्रसारित किया हुआ मिला। उसके साथ दी गयी जानकारी में लिखा है कि बिहार में पुलिस ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रही है।

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इसके ध्यान में रखते हुए हमने इस बारे में और जानकारी पाने के लिए फेसबुक पर कीवर्ड सर्च किया। हमें पटना लाइव नामक एक फेसबुक पेज पर इस वीडियो का विस्तारित संस्करण देखने को मिला। यह वीडियो 30 मार्च 2018 को प्रसारित किया गया था। इसके साथ दी गई जानकारी के मुताबिक यह बिहार के समस्तीपुर के रोसड़ा में रामनवमी के अवसर पर निकले जुलूस का वीडियो है। उसमें पुलिसवाले जय श्री राम के नारे लगा रहे थे।

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इस वीडियो के साथ पटाना लाइव द्वारा 30 मार्च 2018 को प्रकाशित किए गए समाचार लेख की लिंक भी दी हुई है। उस लेख के मुताबिक यह वीडियो बिहार पुलिस के एक ASI का है। कुछ पुलिस वाले रामनवमी के जुलूस में शामिल होकर जय श्रीराम के नारे लगा रहे थे व उनके एक साथी ने इसका वीडियो बनाया था। 

यह वीडियो उस समय भी काफी विवाद में था। उसी दौरान बिहार के समस्तीपुर में चैती दुर्गा माता विसर्जन के दौरान दो समुदाय के लोगों के बीच काफी गंभीर रूप से हिंसा हुई थी और वहाँ पुलिस द्वारा धारा 144 लगाई गई थी। और दूसरी तरफ पुलिस वालों का ये वीडियो वायरल हो रहा था। लोग सवाल उठा रहे थे कि जिनको सुरक्षा के लिए तैनात किया गया वही धार्मिक जुलूस में शामिल होकर नारेबाजी कर रहे है।

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इससे हम समझ सकते है कि यह वीडियो वर्ष 2018 से इंटरनेट पर मौजूद है याने कि यह वर्तमान का वीडियो नहीं है। 

फिर आगे बढ़ते हुए हमने त्रिपुरा पुलिस विभाग से संपर्क किया। उन्होंने इस दावे को खारिज करते हुए बताया कि, “त्रिपुरा पुलिस के नाम से वायरल हो रहा यह वीडियो भ्रामक है। त्रिपुरा के किसी भी पुलिस अधिकारी ने ऐसी रैलियों में ‘जय श्री राम’ का नारा नहीं लगाया है।”

इसके बाद जाँच के दौरान हमने पाया कि त्रिपुरा पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर एक स्पष्टिकरण जारी किया है। उन्होंने ट्वीट में लोगों से आग्रह किया है कि त्रिपुरा के बारे में अफवाह न फैलाये। उन्होंने यह भी कहा है कि वहाँ कि कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है।

यह ट्वीट उन्होंने इस वर्ष 28 अक्तूबर को किया था।

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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। यह वीडियो वर्तमान में हो रहे त्रिपुरा हिंसा से संबन्धित नहीं है। यह वीडियो बिहार का है व तीन साल पुराना है।

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Title:बिहार में पुलिस द्वारा लगाए गए ‘जय श्री राम’ के नारे का पुराना वीडियो को त्रिपुरा का बता कर वायरल

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

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