सपा के काल में छपी खबर को योगी सरकार में शिक्षा का बुरा हाल का सबूत बताया जा रहा है।

False Political

सोशल मीडिया में एक अखबार की क्लिपिंग की तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमें एक छात्र ने डीएम से गुहार लगाई है कि स्कूल का प्रधानाध्यपक उसे एडमिशन नहीं दे रहे। न्यूज की हेडिंग है कि – “डीएम सर में पढ़ना चाहता हूं, लेकिन मास्टर मुझे अंदर नहीं आने देते।“

सोशल मीडिया यूजर्स दावा कर रहे है कि यह हाल उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के शासन के दौरान हो रहा है। अखबार के मुताबिक यूपी के गोंडा शहर के रहने वाले छात्र रामानुज यादव अपने इलाके के जूनियर हाई स्कूल में छठी कक्षा में प्रवेशलेना चाहता था। लेकिन प्रधानाध्यापक (हरिराम शुक्ला) ने छात्र के साथ दुर्व्यवहार कर उसे भगा दिया। 

प्रधानाध्यापक ने रामानुज से कहा, “क्या शिक्षा आपको मुख्यमंत्री बनाएगी? जाओ और खेतों में काम करो।”  इसके बाद रामानुज ने डीएम को पत्र लिखकर मदद की गुहार लगाई थी।

क्या है वायरल पोस्ट?

18 नवम्बर को Shamim Saidabad नाम के एक फेसबुक यूजर्स ने वायरल क्लिप पोस्ट किया था। उन्होंनें पोस्ट में लिखा –रामानुज यादव को स्कूल मे एडमीशन नही दे रहा #ब्राह्मण शिक्षक… उसका कहना है कि, “जाओ खेत मे काम करो”… 🤔ऐसे बचाए जा रहे हैं आज #हिन्दू उत्तर प्रदेश में… योगी राज में अब जय श्रीराम नही कहोगे!!

लिंक देखिए-Facebook 

सच्चाई-

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि खबर दरअसल 2016 की है। उस समय यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और सीएम अखिलेश यादव थे.

अनुसंधान से पता चलता है कि…

पड़ताल कि शुरुआत हमने वायरल आर्टिकल के स्क्रीनशॉट को गूगल रिवर्स इमेज पर ढूंढ ने से की। कुछ कीवर्ड की मदद से खोजने पर हमें sabrangindia नाम की एक वेबसाइट मिली। जिसमें वायरल खबर को 20 सितंबर 2016 को प्रकाशित किया गया था।

इस खबर में भी वह जानकारी दी गई है जो कि वायरल खबर के पोस्ट में लिखी है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि खोदीपुरवा के प्रधानाध्यापक हरिराम शुक्ला वर्ण व्यवस्था को लागू करने में शामिल है, जिसमें गाँव के सभी ओबीसी और एससी छात्रों के प्रति एक समान रवैया अपनाया जाता है।

 इसके अलावा कई लोगों ने भी 2016 को अपने फेसबुक पर यह क्लिपिंग पोस्ट किया था। Shubhshek Singh Yadav नाम के एक फेसबुक यूजर ने इस अख़बार की कटिंग को 2016 में शेयर किया था।  

वायरल कटिंग को अच्छे से पढ़ने से पता चलता है कि ये खबर “हिन्दुस्तान” अखबार में छपी थी. इस बारे में हमारी बात गोंडा के “हिंदुस्तान” रिपोर्टर कमर अब्बास से हुई. उन्होंने भी हमें  बताया कि ये खबर कई साल पुरानी है और समाजवादी पार्टी के सत्ता में रहते समय की है.

बाद में स्कूल का और बच्चे के बारे जानकारी के लिए हमने हिंदुस्तान के सीनियर रिपोर्टर संजीव कांचन और लोकल रिपोर्टर सच्चिदानंद शुक्ला जी की मदद ली।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह खबर 2016 की है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि खबर में दिख रहा बच्चा और उसके पूरे परिवार समेत कुछ सालों से अब दिल्ली में रहते है। हमारा बच्चे से संपर्क नहीं हो पाया।

पड़ताल से स्पष्ट होता है कि ये खबर अभी की नहीं बल्कि 2016 की है। उस समय यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और सीएम अखिलेश यादव थे। योगी आदित्यनाथ मार्च 2017 में यूपी के मुख्यमंत्री बने थे।

निष्कर्ष-  

तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे पोस्ट के साथ किया गया दावा भ्रामक है। यह खबर अभी की नहीं बल्कि 2016 की है। उस समय यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और सीएम अखिलेश यादव थे। पुरानी खबर को वर्तमान का बताकर बीजेपी और योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा जा रहा है।

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Title:सपा के काल में छपी खबर को योगी सरकार में शिक्षा का बुरा हाल का सबूत बताया जा रहा है।

Fact Check By: Saritadevi Samal 

Result: False