क्या रास्ते पर नमाज़ अदा किये जाने की यह तस्वीर भारत की है?

False International
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३० मई २०१९ को शिव उसरेठे नामक एक फेसबुक यूजर ने एक तस्वीर पोस्ट की | तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि “इस्लामिक देशों में जो गलत है वह भारत में सही कैसे? सड़कों पर नमाज पढ़ना प्रतिबंधित है इस्लामिक देशों में, तो भारत में सड़कों पर नमाज पढ़ना क्यों प्रतिबंधित नहीं हो सकता” | तस्वीर में हम हजारों लोगों को रास्ते पर नमाज़ पढ़ते हुए देख सकते है | तस्वीर के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर भारत का दृश्य है जहाँ लोग बीच रास्ते नमाज़ पढ़ रहे है | यह तस्वीर सोशल मीडिया में काफ़ी चर्चा में है | फैक्ट चेक किये जाने तक यह तस्वीर लगभग २०० प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुकी थी |

आर्काइव लिंक

इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर एक अलग कथन के साथ भी साझा किया जा रहा है | लिखा जा रहा है कि “ध्यान से देखो इस फोटो मे | इसमें बसें, कार, टैक्सी, जीप, एम्बुलेंस और इनमे स्कूल जाते बच्चे, ऑफिस जाते लोग, यात्री, राही होंगे, एम्बुलेंस में पेशेंट होंगे पर इन सभी से ज्यादा जरुरी अल्लाह की इबादत है कोई अस्थमा, दमा, हार्ट पेशंट मर भी जाए तो क्या…इबादत पहले है “|

आर्काइव लिंक

क्या वास्तव में भारत में इस तरह से रास्ता रोककर नमाज़ पढ़ा जाता है? हमने इस तस्वीर की सच्चाई जानने की कोशिश की |

संशोधन से पता चलता है कि..

जांच की शुरुआत हमने इस तस्वीर का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की | परिणाम से हमें तस्वीर में लिखे गए “रोबर्ट हार्डिंग. कॉम” का लिंक मिला | लिंक पर जाने से हमें मूल तस्वीर मिलती है | तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि फोटोग्राफर का नाम मो.यूसुफ़ तुषार है | लिखा गया है कि “बांग्लादेश के टोंगी में बिश्व इज्तेमा में बड़ी संख्या में मुस्लिम सड़क पर प्रार्थना कर रहे हैं |” इससे यह स्पष्ट को जाता है कि मूल तस्वीर बांग्लादेश की, है भारत की नहीं |

आर्काइव लिंक

गूगल के परिणाम से ही हमें ऐज फोटो स्टॉक का लिंक मिला | उन्होंने इस तस्वीर के शीर्षक में लिखा है कि “बांग्लादेश के टोंगी में बिश्व इज्तेमा में बड़ी संख्या में मुस्लिम सड़क पर प्रार्थना कर रहे हैं | बांग्लादेश बिश्व इज्तेमा हज के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम मण्डली है, बिश्व इज्तेमा तंगी में २० लाख से अधिक मुस्लिम एकत्रित होते है | यह तस्वीर बांग्लादेश में १३ जनवरी २०१२ में खिंची गई थी |

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | यह तस्वीर बांग्लादेश में २०१२ में खिंची गयी थी | यह तस्वीर बांग्लादेश के विश्व इज्तेमा की है |

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Title:क्या रास्ते पर नमाज़ अदा किये जाने की यह तस्वीर भारत की है?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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