पुरानी असंबंधित तस्वीरों को J.N.U के वर्तमान विरोध प्रदर्शन का बता वाईरल किया जा रहा है।

False Political
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१९ नवंबर २०१९ को “Hindu Hai Hum” नामक फेसबुक पेज ने एक तस्वीर पोस्ट कर उसके शीर्षक में लिखा है कि “JNU विष विद्यालय के छात्रों द्वारा विरोध प्रदर्शन में दिखाई दे रहे पोस्टर को ZOOM करके देखिए…#JNU के प्रदर्शन का सारा सत्य आपको समझ में आ जाएगा | Protest तो फीस वृद्धि के विरोध में था ना? तो फिर #RSS मुर्दाबाद का पोस्टर क्यों है?” तस्वीर में हम कुछ छात्रों को विरोध प्रदर्शन करते व पुलिस को लाठीचार्ज करते हुए देख सकते है | इन प्रदर्शनकारियों के हाथ में एक पोस्टर देखा जा सकता है, जिसमें लिखा गया है कि “RSS मुर्दाबाद SFI” | इस तस्वीर को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि वर्तमान में जे.एन.यू में होस्टल फीस कम करने के विरोध प्रदर्शन के चलते, प्रदर्शनकारी आर.एस.एस मुर्दाबाद के पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे है | कहा जा रहा है कि यह तस्वीर जे.एन.यू से वर्तमान की तस्वीरें है |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इस तस्वीर का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रेवेर्स सर्च करने से किया, जिसके परिणाम से ४ फरवरी २०१६ को टी.ऍफ़.आई पोस्ट द्वारा प्रकाशित खबर मिली, जिसके अनुसार यह तस्वीर जे.एन.यू छात्रों को रोहित वेमुला आत्महत्या के प्रदर्शनकारियों के रूप में दिखाती है जिनपर दिल्ली पुलिस लाठीचार्ज कर रही है | 

आर्काइव लिंक 

इसके आलावा यह तस्वीर १४ फरवरी २०१७ को CatchNews द्वारा प्रकाशित मिली, यह खबर भी रोहित वेमुला के आत्महत्या से संबंधित है, जहाँ इस तस्वीर का इस्तेमाल किया गया है | 

इसके पश्चात हमने यूट्यूब पर “रोहित वेमुला सुसाइड JNU प्रोटेस्ट RSS लाठीचार्ज” जैसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए इस घटना से संबंधित वीडियो ढूँढा, जिसके परिणाम से हमें ३१ जनवरी २०१६ को ABP News द्वारा प्रकाशित न्यूज़ बुलेटिन मिला | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “दिल्ली पुलिस ने रोहित वेमुला मामले में न्याय की मांग करने वाली महिला प्रदर्शनकारियों को बेरहमी से पीटा |” वीडियो में दिए गये विवरण के अनुसार जब ३० जनवरी २०१६ रोहित वेमुला के जन्मदिन के दिन जे.एन.यू यूनियन और ए.आई.एस.ए से जुड़े छात्र आरएसएस मुख्यालय के समीप रोहित वेमुला सुसाइड के लिए न्याय माँगने के लिये शांतिपूर्ण विरोध के लिए एकत्र हुए, तब पुलिस द्वारा उनपर लाठीचार्ज किया गया था।

इस वीडियो में दिखाए गये दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर के साथ काफी मेल खाते हैं | वीडियो में दिखाए गये स्थान तस्वीर के साथ मेल खाते है | इसके आलावा प्रदर्शनकारी के कपड़े भी समान है | 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर साझा की गयी तस्वीर एक गलत दावे के साथ फैलायी जा रही है क्योंकि यह तस्वीर २०१६ से इन्टरनेट पर उपलब्ध है | यह तस्वीर रोहित वेमुला आत्महत्या के लिए आर.एस.एस के मुख्यालय के सामने किये गये विरोध प्रदर्शन का है |

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Title:पुरानी असंबंधित तस्वीरों को J.N.U के वर्तमान विरोध प्रदर्शन का बता वाईरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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