सड़क मंत्रालय ने सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर नोटिस जारी नहीं किया है |

False National
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१२ जुलाई २०१९ को हमारे फैक्ट क्रेसेन्डो के वाट्सऐप नंबर- 9049053770 पर एक मैसेज हमारे पाठक द्वारा सत्यता जांचने के लिए भेजा गया | मैसेज में लिखा गया है कि अगर कोई ट्रक पारगम्य सीमा से अधिक भार ले जाता है, तो ट्रक चालक को न केवल कम से कम छह महीने की कैद होगी, बल्कि उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन साल के लिए रद्द हो जाएगा | 

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा कथित रूप से ५ जुलाई २०१९ को जारी की गई एक नोटिस के एक छवि का दावा है कि “सार्वजनिक संपत्ति (सड़क) के नुकसान की रोकथाम की अधिनियम १९८४ की धारा ३” के तहत एक सुधारण किया गया है | नोटिस के अनुसार, यदि कोई ट्रक पारगम्य सीमा से अधिक भार ले जाता है, तो ट्रक चालक को न केवल कम से कम छह महीने की कैद होगी, बल्कि उसका ड्राइविंग लाइसेंस भी तीन साल के लिए रद्द हो जाएगा | इसके अलावा, कहा गया कि ट्रक मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और कंसाइनर, कंसाइनी और मालिक पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा |

संशोधन से पता चलता है कि…

जांच की शुरुआत हमने “सार्वजनिक संपत्ति (सड़क) के नुकसान की रोकथाम की अधिनियम १९८४ की धारा ३” के जानकारी ढूँढने से की | अधिनियम में उल्लेख है कि यदि किसी ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, तो उसे कितना दंड और जुर्माना भरना पड़ेगा | वायरल पोस्ट में उल्लिखित सजा मूल अधिनियम की तुलना में पूरी तरह से अलग है | हमने दोनों अधिनियमों का नाम भी अलग पाया | 

इस अधिनियम को “सार्वजनिक संपत्ति (सड़क) के नुकसान की रोकथाम की अधिनियम १९८४” नहीं कहा जाता है, बल्कि इसे सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान निवारण अधिनियम १९८४ के रूप में जाना जाता है | दोनों अधिनियमों के नाम की तुलना आप नीचे देख सकते है |

इसके अलावा, जिस पोस्ट को प्रसारित किया जा रहा है, उसने अधिसूचना संख्या GSR 1081 (E) को सुधारण के लिए जिम्मेदार ठहराया है | हमने इस अधिसूचना संख्या GSR 1081 (E) के तहत की गई संशोधन से बाड़े में ढूँढा | इससे हमने पाया कि मूल अधिसूचना २ नवंबर २०१८ को जारी की गई थी, असल में इलेक्ट्रॉनिक रूप में दस्तावेजों के उत्पादन के बारे में बात करती है | केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के नियम संख्या १३९ के संशोधन के लिए यह अधिसूचना जारी की गई थी | फिर सरकार ने नियम १३९ के इस संशोधन के लिए प्रक्रियात्मक विवरण भी जारी किया | 

अधिसूचना संख्या GSR 1081 (E) के तहत नियम १३९ में संशोधन में उल्लेख किया गया है कि आवश्यक दस्तावेजों जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, बीमा, पंजीकरण प्रमाणपत्र और चेक प्रमाण पत्र के तहत प्रदूषण, अन्य के साथ इलेक्ट्रॉनिक रूप में उत्पादित किया जा सकता है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि जनता के लिए सुविधाजनक हो |

हमने पाया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार, ८ जुलाई को एक स्पष्टीकरण जारी किया था यह कहते हुए कि उक्त नोटिस फर्जी है | साथ ही कहा गया है कि मंत्रालय ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले में जांच की मांग की है |

आर्काइव लिंक 

आर्काइव लिंक 

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों के जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | वायरल तस्वीर में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ओर से एक फर्जी नोटिस को साझा करते हुए भ्रामक दावें किये जा रहे है | वायरल तस्वीर में उल्लेखित अधिनियम का नाम गलत है साथ ही अधिसूचना GSR 1081 (E) जिसके माध्यम से कथित तौर पर संशोधन किया गया था,२ नवंबर २०१८ को जारी किया गया था |

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Title:सड़क मंत्रालय ने सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान पर नोटिस जारी नहीं किया है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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