यूपी के उन्नाव में खेल के मैदान में हुई लड़ाई को गलत तरीके से सांप्रदायिक रूप दिया गया |

False National Political
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१२ जुलाई २०१९ को आज़मगढ़ एक्सप्रेस नामक एक फेसबुक पेज द्वारा एक विडियो पोस्ट किया गया था जिसके शीर्षक में लिखा था कि “आज उन्नाव के मदरसों के बच्चों को नफरत का शिकार बनाया गया | मदरसे के बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे उनसे जय श्रीराम के नारे लगवाये गए और पिटाई की गयी | नए भारत मे आप भी शिकार बनेंगे खामोश रह कर ये ना सोचे कि बच जाएंगे” | इस विडियो में कुछ लड़कों को यह बोलते हुए सुन सकते है की उन्हें “जय श्री राम” के नारे ना लगाने की वजह से पीटा गया है, साथ ही एक लड़के का सिर भी फोड़ दिया गया है | इस विडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में कुछ बच्चों को ज़बरदस्ती जय श्री राम के नारे लगाने को मजबूर किया गया था उनके इंकार करने पर उन्हें पीटा गया | यह विडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर काफ़ी तेजी से साझा किया जा रहा है व फैक्ट चेक किये जाने तक यह विडियो लगभग ७५०० प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चूका है |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

क्या वास्तव में यूपी के उन्‍नाव में मदरसे में छात्रों के साथ कथित रूप से जय श्रीराम के नारे लगवाए गए? हमने इस विडियो की सच्चाई जानने की कोशिश की | 

संशोधन से पता चलता है कि… 

जांच की शुरुआत हमने इस मामले की खबरों को ढूँढने से किया, परिणाम से हमें कई मीडिया रिपोर्ट मिले जिन्होंने इस खबर को प्रकाशित किया था | इसके पश्चात हमने इस मामले को लेकर उन्नाव की कोतवाली पुलिस स्टेशन के एसएचओ दिनेश मिश्रा से बात की, उन्होंने हमें बताया कि “ उन्‍नाव में इस मामले में नारे लगवाने जैसी कोई घटना नहीं हुई थी | यह विवाद क्रिकेट को लेकर शुरू हुआ था | खेल के दौरान ही बच्‍चों के बीच लड़ाई हो गई थी, जिसके कारण तनाव पैदा हुआ” | 

उन्होंने यह भी कहा कि “जामा मस्जिद मदरसे के तीन बच्चे गुरुवार को गवर्नमेंट इंटर कॉलेज (जीआईसी) के क्रिकेट ग्राउंड पर खेल रहे थे व इसी दौरान उनकी कुछ अन्य बच्चों से कहा सुनी हो गई व हाथापाई के दौरान यह बच्चे घायल हो गए थे, आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर प्राप्त करने के पश्चात मामला दर्ज कर दिया गया है | सोशल मीडिया पर किये जा रहे दावें गलत है व इस प्रकरण पर विवेचना जारी है” |

क्योंकि इस प्रकरण को कथित रूप से सांप्रदायिकता के साथ जोड़ा जा रहा था, जिसके चलते हमने उन्नाव के एसपी सिटी माधवा प्रसाद वर्मा जी से बात की, उन्होंने हमें स्पष्ट रूप से बताया कि “यह विवाद क्रिकेट को लेकर शुरू हुआ था, खेल के दौरान ही बच्‍चों के बीच लड़ाई हो गई थी | ११ जुलाई २०१९ को दो पक्षों के बच्‍चों के बीच लड़ाई हुई थी, दोनों पक्षों के बीच क्रिकेट को लेकर झगड़ा हुआ था | दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी | इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर हुई थी, उन्नाव में हुई घटना में किसी से भी प्रकार के धार्मिक नारें नही लगवाए गए और दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद में कोई भी तरह का सांप्रदायिक रंग नही है | क्रिकेट खेलने के दौरान ग्राउंड में बनी सीड़ियों पर ४ लड़के बैठे हुए थे जिसमे क्रिकेट खेलने वाले बच्चों और इनके बीच आपस में कुछ कहा सुनी हुई थी, जिस पर दोनों पक्षों के लड़कों के बीच मारपीट हुई | तहरीर में नामजद संकेत नामक एक लड़के को गिरफ्तार किया गया है और तहरीर के आधार पर एफआईआर सख्या ०८१०/२०१९ में आरोपी को आईपीसी के तहत धारा ३२३, ३५२, ५०४. ५०६ पर गिरफ्तार किया गया है |”

उनके द्वारा हमें यह भी बताया गया कि वायरल विडियो में सातवे सेकंड पर हम कुछ लोगों को उन बच्चों को यह कहते हुए सुन सकते है कि “खड़े हो जाओ बेटा, अब वोही बताओ जो बताया गया था” |

इसके उपरांत उन्नाव पुलिस द्वारा हमें एक प्रेस विज्ञप्ति उपलब्ध कराई गई जिसमे पुलिस द्वारा इस मामले व अभी तक हुई प्रारंभित जांच के बारें में लिखित रूप से अवगत कराया गया | 

पुलिस द्वारा अभी तक की जांच व उसके परिणामों से यह स्पष्ट होता है कि उक्त प्रकरण में सांप्रदायिकता के नाम पर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अलग अलग दावें गलत है | यह घटना कुछ बच्चों के क्रिकेट खेलने व उनके बीच हुई हाथापाई का है |

इसके पश्चात हमने उत्तर प्रदेश उन्नाव पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इस प्रकरण को ढूँढा, वहा हमें उनके द्वारा जारी किये गए ट्वीटस  मिली | ट्वीट में लिखा गया है कि “#uppolice थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत जीआईसी मैदान में क्रिकेट खेलने के दौरान बच्चो में हुई मार पीट के सम्बन्ध में श्रीमान क्षेत्राधिकारी नगर महोदय द्वारा दी गयी बाइट” | इस ट्वीट में एक विडियो भी संग्लित किया गया है | 

आर्काइव लिंक

आर्काइव लिंक

आप इस मामले पर उन्नाव पुलिस द्वारा ट्वीट के रूप में दिए गए स्पष्टीकरण को भी देख सकते हैं | 

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों के जांच के पश्चात हमने उपरोक्त दावे को गलत पाया है | यह विवाद बच्चों के बीच क्रिकेट को लेकर हाथापाई का है जिसमे किसी भी प्रकार के धार्मिक नारे लगाने के लिए नहीं कहा गया व इस विडियो को गलत दावों के साथ सांप्रदायिकता का रूप देके साझा किया जा रहा है | यह  घटना किसी भी प्रकार से सांप्रदायिकता से नही जुडी है |

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Title:यूपी के उन्नाव में खेल के मैदान में हुई लड़ाई को गलत तरीके से सांप्रदायिक रूप दिया गया |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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