अनाज के बोरियों पर पानी डालने का यह वीडियो एफ.सी.आई के गोदाम का नहीं है।

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वर्तमान में दिल्ली की राज्य सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलनों के चलते सोशल मंचों पर कई भ्रामक वीडियो साझा किये जा रहे है। ऐसे कई वीडियो का सत्यापन आपको फैक्ट क्रेसेंडो की वैबसाइट पर भी देखने को मिलेंगे। कृषि कानूनों के संबन्ध में एक ऐसा ही वीडियो इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है। उस वीडियो में आपको रास्ते पर बहुत सारे अनाज के बोरे पड़े हुए दिखेंगे और उन पर एक शख्स आपको पानी डालता हुआ नज़र आएगा। वीडियो के साथ जो दावा वायरल हो रहा है उसके मुताबिक यह एफ.सी.आई का अनाज का गोदाम है, जहाँ एक कर्मचारी उन अनाज को सड़ाने के लिए उनके बोरों पर पानी डाल रहा है।

वायरल हो रहे वीडियो के शीर्षक में लिखा है,

देखो कमीनो का कमाल।
पंजाब सरकार द्वारा एम.एस.पी पर खरीदे गए गेहूं के साथ फूड कोर्पोरेशन ऑफ इंडिया का स्टोरेज यार्ड।
यह पंजाब भर का दृश्य है।  अनाज को सड़ने के लिए गेहूं की थैलियों पर पानी छिड़का जाता है ताकि अनाज सड़ जाए। और फिर यह अनाज उन्ही 5 स्टार किसानों को बेंचा जाता है। जो इस वक्त अपने लाव लश्कर के साथ दिल्ली की सींमाओ पर बैठकर आन्दोलन कर रहें हैं । फिर इन 5 स्टार किसानों द्वारा “दारू ” बनाने के लिए यह अनाज ऊँचे दामों पर “डिस्टिलरीज” और “ब्रुअरीज” को बेचा जाता है, इसमें बहुत ही बड़ा और ज्यादा पैसा मिलता है सबको! समझे कुछ आप?मोदीजी ने कानून बनाकर इन सब बेइमानो की दुकाँने बंद करवा दी है। सो इनको मिर्ची लगना स्वाभाविक है। जय हिन्द
 

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फेसबुक | आर्काइव लिंक

इस वीडियो को सोशल मंचों पर काफी तेजी से साझा किया जा रहा है।

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहा वीडियो 2018 का है व वीडियो में दिख रही जगह एफ.सी.आई का गोदाम नहीं है। 

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे वीडियो को इनवीड- वी वैरिफाई टूल के माध्यम से छोटे कीफ्रेम्स में काटकर गूगल रीवर्ड इमेज सर्च कर किया, परिणाम में हमें यही वीडियो एक ट्वीटर हैंडल  पर प्रसारित किया हुआ मिला। 

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हमने इस ट्वीट के नीचे दिये गये कमेंट अनुभाग को खगांला तो हमने वहाँ एफ.सी.आई द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला। यह ट्वीट इस वर्ष 20 जनवरी को किया गया था, ट्वीट के शीर्षक में एफ.सी.आई ने अपना स्पष्टिकरण देते हुए लिखा है,

 “यह वीडियो 3 साल पुराना है और यह किसी भी FCI स्टोरेज सुविधा से संबंधित नहीं है। एफसीआई ने पंजाब से आने वाले गेहूं को ब्रुअरीज को नहीं बेचा है। यह बिना किसी आधार के एफसीआई को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास प्रतीत होता है।”

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इसके पश्चात हमने गूगल पर अधिक कीवर्ड सर्च किया व ये जानने की कोशिश की कि वायरल हो रहा वीडियो कब का है व कौनसी जगह का है। हमें पंजाब केसरी हरियाणा के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर यही वीडियो 28 अप्रैल 2018 को प्रसारित किया हुआ मिला। इस वीडियो के शीर्षक में लिखा है,

 “फतेहाबाद मंडी में पानी से भिगोया गेहूं, इनेलो नेता से जुड़ रहे तार।

 इस वीडियो में बताया जा रहा है कि फतेहाबाद की मंडी में व्यापारी गेहूं को पानी से भीगोकर उसका वजन बढ़ाकर सरकार को ठग रहे हैं। वीडियो में दी गयी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फतेहाबाद के मार्केट कमिटी के अफ्सर इस मामले पर कार्रवाई कर रहे है।

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया है कि उपरोक्त दावा गलत है। वायरल हो रहा वीडियो 2018 का है व वीडियो में दिख रही जगह एफ.सी.आई का गोदाम नहीं है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

.शिवसेना के पोस्टर का रंग बदलकर उसे गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२.क्या पंजाब में कृषि कानूनों के विरोध के साथ-साथ हिंदी भाषा का ​भी विरोध हो रहा है? जानिये सच

३. झारखण्ड में लड़की पर हमला करने के एक पुराने वीडियो को लव जिहाद के नाम से फैलाया जा रहा है |

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Title:अनाज के बोरियों पर पानी डालने का यह वीडियो एफ.सी.आई के गोदाम का नहीं है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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