कांग्रेस नेता  कमलनाथ के आवाज़ को एडिट कर भ्रामक दावा हुआ वायरल।

Altered Political

वायरल वीडियो एडिटेड है| असल वीडियो में कमलनाथ ने आरएसएस को सांप्रदायिक बताते हुए मुस्लिम समाज से कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की बात की थी।

देश में चुनावी माहौल के बीच सोशल मीडिया प्लेटफार्म  पर तरह तरह के दावे फैलाए जा रहे है। इसी बीच एक वीडियो में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमल नाथ का मुस्लिम भीड़ को संबोधित करते समय का एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में हम कमलनाथ को सामने खड़े भीड़ के साथ आर्टिकल 370  और मस्जिद की ज़मीन वापस दिखाने जैसे मुद्दों पर बात करते हुए सुन सकते है। 

कमलनाथ को मुस्लिम समाज के लोगों के  भीड़ को कहते हुए सुना जा सकता है कि, ‘मैं बहुत समय से सोच रहा था कि आप लोगों से बात करूं । इतना पहले समझ लो कि ये बात यहां से बाहर नहीं जानी चाहिए । हमें आपकी सबसे ज्यादा चिंता और फिक्र है। इसलिए कांग्रेस चाहती है कि आप मुस्लिम भाई हमारा साथ दें, ताकि आगे चलकर हम आपके पक्ष में फैसले लें। मैं आपको आश्वासन देता हूं कि साथ बनाकर रखिए। आपको अपनी मस्जिद वाली जगह भी दिलवा देंगे और 370 भी देखा जाएगा। देखो मैं हर बात खुलकर नहीं बोल सकता….बस इतना समझ लो…’

इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है कि “इस वीडियो को BJP के हाथो मत लगने देना कांग्रेसियों। ”

ट्विटर लिंकआर्काइव लिंकफेसबुक पोस्ट । 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने वायरल वीडियो को अलग- अलग कीवर्ड्स के माध्यम से ढूँढने से शुरू की, जिसके परिणाम से हमें लोकमत हिंदी न्यूज़ के यूट्यूब चैनल पर 14 नवम्बर 2018 को अपलोड किया हुआ वीडियो मिला। इस वीडियो के हेडलाइन में लिखा गया है कि “Kamalnath का Video Viral । कहा ‘अगर Hindu हो तो Modi को Vote दो और अगर Muslim हो तो Congres को।” इस वीडियो को ध्यान से सुनने पर हमें पता चला की कमलनाथ आर्टिकल 370 और मस्जिद की ज़मीन के बारे  में बात नहीं कर रहे थे। असल में मूल वीडियो में वे आरएसएस की रणनीति से बच के रहने के बारे में बात कर रहे थे। 

इस मूल वीडियो में कमलनाथ आरएसएस की रणनीति से सचेत रहने को कहते है और कहते हैं कि, ‘उनका एक ही नारा है, अगर हिंदू को वोट देना है तो हिंदू शेर मोदी को वोट दो अगर मुसलमान को वोट देना है कांग्रेस को वोट दो, केवल दो लाइन, और कोई पाठ पढ़ाने नहीं जाते, ये इनकी रणनीति है और इसमें आप सबको बड़ा सतर्क रहना पड़ेगा।’

इससे हम स्पष्ट हो सकते हैं कि वायरल वीडियो एडिटेड है और उसमे ऑडियो अलग से जोड़ा गया है।

नीचे आप वायरल हो रहे वीडियो और ओरिजिनल वीडियो के बीच की तुलना देख सकते है। 

ओरिजिनल वीडियो को 2018 में कई अन्य मीडिया संगठनों ने रिपोर्ट किया जिन्हें आप नीचे देख सकते है। असल वीडियो में कमलनाथ ने आरएसएस को सांप्रदायिक बताते हुए मुस्लिम समाज से कांग्रेस के पक्ष में वोट देने की बात की थी।

निष्कर्ष- 

तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने वायरल वीडियो को एडिटेड पाया है। वायरल वीडियो में कमलनाथ मुस्लिम भीड़ को आर्टिकल 370 और मस्जिद की ज़मीन वापस लौटाने की बात नहीं कर रहे थे बल्कि 2018 में वे आरएसएस से बचके रहने का सुझाव मुस्लिम भीड़ को दे रहे थे।

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Title:कांग्रेस नेता कमलनाथ के आवाज़ को एडिट कर भ्रामक दावा हुआ वायरल।

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: Altered

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