क्या भारत सरकार ने स्कूल की किताबों पर टैक्स लगाया? जानिए पूरा सच

False Social

सोशल मीडिया पर यह दावा वायरल हो रहा है कि “शालेय (स्कूल) पुस्तकों पर टैक्स लगाने वाला भारत दुनिया का पहला देश बन गया है।”

वायरल पोस्ट में लिखा है कि स्कूल की किताबों पर टैक्स लगाने वाला पहला देश बना है भारत अनपढ़ रहेगा इंडिया तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया”

फेसबुक पोस्टआर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

किवर्ड सर्च करने पर पता चला कि यह दावा 2019 से ही सोशल मीडिया पर बार-बार वायरल होता रहा है।

नीचे दिखने वाले कुछ स्क्रीनशॉट्स में 2019 से लेकर वर्तमान वर्ष तक की कई फेसबुक पोस्टों में यही दावा साझा किया गया है।

फेसबुक पोस्ट 

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने 24 सितंबर 2022 को एक ट्वीट कर स्पष्ट रूप से बताया था कि “स्कूल की पाठ्यपुस्तकों पर किसी भी प्रकार का कर लागू नहीं है।”

सर्च में आगे बढ़ने पर पीआईबी का 20 सितंबर 2022 का जीएसटी सुधार पत्र भी मिला, जिसमें कहा गया था कि “शिक्षा का खर्च कम करने के लिए नक्शे, पेंसिल, रबर और किताबें जैसी आवश्यक शिक्षण सामग्री पर जीएसटी 12% से घटाकर 0% किया गया है

वर्ष 2014 से 2025 तक किताबों पर टैक्स का क्रम।

सबसे पहले, 2014 से 2016 के बीच जीएसटी लागू नहीं था और अधिकतर राज्यों में प्रिंटेड किताबों पर कोई वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) नहीं लगाया गया था।

इसके बाद, जीएसटी लागू होने के बाद, 2017 से 2024 तक प्रिंटेड किताबों पर लगातार 0% टैक्स और ई-बुक्स पर 5% टैक्स लगाया गया।

साथ ही, 2025 में भारत सरकार ने स्कूल नोटबुक और मैप जैसी स्टेशनरी पर लगाया गया 12% जीएसटी समाप्त कर दिया, जबकि प्रिंटेड किताबें पहले से ही टैक्स-फ्री थीं।

कौन सी किताबें जीएसटी के दायरे में ?

भारत सरकार ने स्कूल टेक्स्टबुक, नॉवेल, फिक्शन जैसी प्रिंटेड किताबों पर कोई जीएसटी नहीं लगाया है। वहीं, ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, सीडी / डीवीडी के साथ आने वाले शैक्षणिक सामग्री और इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स वाली स्टूडेंट बुक्स पर 18% जीएसटी लागू होता है। यानी, केवल तब ही जीएसटी लगता है जब किताब डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में हो। 

इस बारे में अधिक जानकारी यहाँ पढ़ सकते हैं।

निष्कर्ष

तथ्यों के जांच से यह स्पष्ट है कि वायरल दावा झूठा है। भारत सरकार ने केवल ई-बुक्स और इलेक्ट्रॉनिक अटैचमेंट वाली किताबों पर जीएसटी लगाया है, स्कूल की प्रिंटेड किताबों पर नहीं। यह झूठा दावा कई सालों से वायरल हो रहा है।

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Title:क्या भारत सरकार ने स्कूल की किताबों पर टैक्स लगाया? जानिए पूरा सच

Fact Check By: Sagar Rawate  

Result: False