ये वायरल तस्वीर मध्य प्रदेश से बच्चा चोरों की नहीं है, अपितु देह व्यापार के आरोपियों की है |

False National
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२४ जुलाई २०१९ को वैद्य खेमचन्द गुप्ता नामक एक फेसबुक यूजर ने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “सावधान मध्यप्रदेश में 500से 2000 लोगों की अलग अलग रोहिग्या मुस्लिमो की टोली आई है उनके साथ महिलाएं और उनके पास हथियार भी है और वो 17 या 18 साल तक के लड़कों को पकड़ के ले जाते है स्कूल के आस पास से .. इसको आप सारे ग्रुप में शेयर करें | भोपाल पुलिस C.S.P. Send to all group plz” |

लोगों के एक समूह के पीछे खड़े पुलिसकर्मियों की एक तस्वीर है, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं, इस तस्वीर को इस दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है कि मध्य प्रदेश पुलिस ने रोहिंग्या मुसलमानों के एक बाल-चोर गिरोह को गिरफ्तार कर लिया है, जो कि १७ से १८  साल के बच्चों का अपहरण करते हैं | पोस्ट में एक संदेश व चेतावनी  भी दी गयी हैं कि अभी भी  ५०० से २००० ऐसे लोग स्कूलों के बाहर से बच्चों को उठाने के लिए तैयार हैं, इस संदेश को “भोपाल पुलिस अधीक्षक, भोपाल” की मान्यता के साथ समाप्त किया गया है, यह पोस्ट इस तरीक़े से फैलाया जा रहा है की जैसे इसमें दिया गया संदेश व चेतावनी भोपाल पुलिस द्वारा जारी की गायी है | यह तस्वीर सोशल मीडिया पर काफ़ी तेजी से साझा की जा रही है |    

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

इसी तस्वीर को सोशल मीडिया पर एक दुसरे दावे के साथ भी साझा किया जा रहा है, पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “भाईयो mp के रतलाम जिले के जावरा शहर से बच्चे पकङने वाले 25 आदमियो कि गेंग को पकङा गया है | आपके फोन मे जितने भी सम्पर्क है सभी को सेन्ड करे और सभी ग्रूप मे जरुर करे, ताकि सभी सचेत रहे और किसी का बच्चा इस तरह चोरी न हो” |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

संशोधन से पता चलता है कि….

जांच के शुरुआत हमने इस तस्वीर का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, परंतु हमें कोई परिणाम नहीं मिला | छवि को ज़ूम करने पर, हमने पाया कि बैकग्राउंड में पुलिस स्टेशन का नाम दिखाई दे रहा है, इसमें लिखा है कि “नगर पुलिस अधीक्षक जावरा जिला” |

इस तस्वीर की प्रामाणिकता और दावे को सत्यापित करने के लिए हमने  रतलाम एसपी ऑफिस  से संपर्क किया, हमारी बात रतलाम पुलिस के साइबर सेल से हुई जिन्होंने हमें बताया कि यह तस्वीर देह व्यापार करने वालें आरोपियों  से जुड़ी हुई है, इस घटना में देह व्यापार में संलिप्त करीब ९ युवतियों सहित १५ युवकों को गिरफ्तार किया गया था, साथ ही उन्होंने हमें यह भी बताया कि इस घटना को कई मीडिया संगठनों ने प्रकाशित भी  किया था | इस घटना को गूगल पर ढूँढने से हमें १५ जुलाई २०१९ को पत्रिका द्वारा प्रकाशित खबर मिली, इस खबर में वायरल तस्वीर देखी जा सकती है | खबर अनुसार “रतलाम के जावरा में लेबड़नया गावं  फोरलेन पर बसे रेड एरिया में शामिल ग्राम परवलिया स्थित बाछड़ा डेरों पर रविवार को पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दबिश दी, जिसमें देह व्यापार में संलिप्त करीब ९ युवतियों सहित १५ युवकों को गिरफ्तार किया गया है | गिरफ्तार युवकों में एक केरल का तो एक पश्चिम बंगाल का निवासी है वहीं रताम, इंदौर, नागदा, झाबुआ तथा उज्जैन के युवक भी शामिल है | युवितयों में एक नाबालिक भी है, जिसे मेडिकल के बाद रतलाम बालिका सम्प्रेषण गृह भेजा गया है | सभी युवतियों को मेडिकल के बाद रतलाम भेज दिया गया तथा सभी युवक जावरा थाने में है | सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा” |

आर्काइव लिंक 

रतलाम पत्रिका ने इस तस्वीर को १५ जुलाई २०१९ को उनके इ-पेपर पर भी प्रकाशित किया था |

आर्काइव लिंक 

मंदसौर संदेश ” नामक एक स्थानीय न्यूज वेबसाइट के १४ जुलाई २०१९ को प्रकाशित आर्टिकल के अनुसार रतलाम के जावरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने ८  युवतियों व १५  युवकों को देह व्यापार में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया था |

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों के जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है, यह वायरल तस्वीर मध्य प्रदेश के बच्चा चोरों की नहीं है बल्कि इन लोगों को देह व्यापार में संलिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है |

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Title:ये वायरल तस्वीर मध्य प्रदेश से बच्चा चोरों की नहीं है, अपितु देह व्यापार के आरोपियों की है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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