२०१६ में मृत व्यक्ति की तस्वीर गलत कथन से साथ हुई वायरल |

False Social
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फेसबुक पर एक तस्वीर के साथ एक पोस्ट को व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है जिसमें दावा किया गया है कि यह प्रकरण तेलंगाना से है, जहाँ तीन महिलाओं द्वारा तस्वीर में दिखने वाले युवक का   अपहरण कर उसका बलात्कार किया गया। फैक्ट क्रेस्सन्डो ने इस दावे की सत्यता जांचने की कोशिश की |

फेसबुक पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इस तस्वीर का स्क्रीनग्रैब लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमें ६ मार्च २०१६ को NDTV द्वारा प्रकाशित एक खबर मिली, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि यह तस्वीर मुंबई के ठाणे में हुई एक घटना के आरोपी की है, जिसने अपने परिवार के चौदह सदस्यों को मार दिया और कथित तौर पर अपने बहन का यौन शोषण भी किया | खबर के अनुसार हसनैन वेयरकर, जिन्होंने २८ फरवरी २०१६ की सुबह मुंबई ठाणे में अपने परिवार के १४ सदस्यों की हत्या कर दी और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली, उन्होंने अपने रिश्तेदारों से भारी क़र्ज़ा लिया था, और संभवतः अपनी बहनों में से एक का यौन शोषण भी किया था जो मानसिक रूप से अस्वस्थ थी | 

आर्काइव लिंक

२०१६ में इस खबर को हिंदुस्तान टाइम्स ने भी प्रकाशित किया था | आर्काइव लिंक

इस खबर के सन्दर्भ में २८ फरवरी २०१६ को ANI ने अपने ट्वीटर हैंडल के माध्यम से एक ट्वीट कर लिखा था कि “ठाणे (महाराष्ट्र) के कासारवदावली क्षेत्र में अपने परिवार के १४ सदस्यों की हत्या के बाद आत्महत्या करने वाले व्यक्ति की तस्वीर |  

आर्काइव लिंक 

इसके पश्चात हमने “तेलंगाना में २३ वर्षीय व्यक्ति के साथ बलात्कार” की वर्ड्स का इस्तेमाल कर घटना से संबंधित खबर ढूँढने की कोशिश की, जिसके परिणाम से हमें पता चला की तेलंगाना में ऐसी कोई घटना ही नही घटी है | हमें ऐसी ही एक घटना मिली जो २०१७ में दक्षिण अफ्रीका के प्रिटोरिया में हुई थी | इंडिपेंडेंट यूके जैसी अंतर्राष्ट्रीय मीडिया ने उस दौरान इस घटना की खबर प्रकाशित की थी | खबर में लिखा गया है कि “गैंग रेप: दक्षिण अफ्रीका में तीन महिलाओं ने २३ वर्षीय आदमी का एक टैक्सी में अपहरण करके, उसे एनर्जी ड्रिंक पिलाने के बाद तीन दिन तक बलात्कार किया |” 

आर्काइव लिंक 

इस खबर को द सन और इंडिया टुडे ने भी २०१७ में प्रकाशित किया था | 

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | २०१६ में मृत व्यक्ति की एक तस्वीर को तेलंगाना में तीन महिलाओं द्वारा अगवा और बलात्कार किए गए पीड़ित के नाम से साझा किया जा रहा है | अपहरण और बलात्कार की घटना मूल तौर पर २०१७ में दक्षिण अफ्रीका में हुई है और उपरोक्त तस्वीर भी इस घटना से संबंधित नहीं है |

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Title:२०१६ में मृत व्यक्ति की तस्वीर गलत कथन से साथ हुई वायरल |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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