गृह मंत्री अमित शाह के वक्फ बिल पर दिए गए पुराने बयान को यूजीसी से जोड़कर किया जा रहा है शेयर।

इन दिनों यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में हंगमा देखने को मिल रहा है। हालांकि इस पर मचे बवाल के बीच अगली सुनवाई तक सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर रोक लगा दी है। इसी यूजीसी के नए नियमों से जोड़कर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें अमित शाह कहते हैं कि,”संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा। स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या? कैसे बोल सकता है कोई कि हम कानून को स्वीकार नहीं करेंगे? ये कानून भारत सरकार का है और हर एक पर बंधन करता होगा और इसको स्वीकार करना पड़ेगा ।“ यह वीडियो साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि अमित शाह ने यूजीसी के नए नियमों का समर्थन किया है।यूज़र ने वायरल वीडियो को इस कैप्शन के साथ साझा किया है…
अंधभक्तों तुम्हारा बाप कुछ बोल रहा है UGC के संदर्भ में सुनलो 😂फिर भी दिक्कत है तो पाकिस्तान चले जाओ।
अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो के बारे में गूगल पर कीवर्ड से पता लगाना शुरू किया। परिणाम में हमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की फेसबुक पोस्ट मिली, जिसमें वायरल वीडियो के वर्शन को 2 अप्रैल 2025 में साझा किया हुआ देखा जा सकता है। इसमें वायरल वीडियो की क्लिप को 10 सकेंड पर देख सकते हैं। यहां गृह मंत्री अमित शाह वक्फ बिल के बारे में बोलते हैं कि “संसद का कानून सबको स्वीकार करना पड़ेगा। यह कानून भारत सरकार का है। हर किसी पर लागू होगा और हर किसी को स्वीकार करना पड़ेगा।“
आगे हमें गृह मंत्री अमित शाह के फेसबुक पोस्ट जिसे 2 अप्रैल 2025 को साझा किया गया है। यहां भी वायरल वीडियो के क्लिप को देख सकते हैं। इसके साथ कैप्शन लिखा है कि,”वक्फ पर संसद में जो कानून बन रहा है। वह भारत सरकार का कानून है। इसे सभी को स्वीकार करना ही पड़ेगा।”
आगे और खोज करने हमें अमित शाह का पूरा बयान 2 अप्रैल 2025 को ANI के यूट्यूब चैनल पर मिला। हमने पाया कि उस समय अमित शाह ने यह बयान वक्फ संशोधन बिल पर संसद में चर्चा के दौरान दिया था। अमित शाह वक्फ संशोधन बिल पर यह कहते हैं कि,‘कोई भी फैसला मान्यवर कायदे की कोर्ट के बाहर कैसे हो सकता है। कोई भी फैसला हो। ये देश की अदालत वो फैसले तक रीच ही नहीं रखेगी? नागरिक ग्रिवांसेज (शिकायत) लेकर कहां जाएंगे? जिसकी भूमि हड़प कर ली गई, वो कहां जाएगा? ऐसा नहीं चलेगा। आपने (विपक्ष) वोटबैंक के लिए किया था, हम खारिज कर रहे हैं। ऐसा नहीं चलेगा। अदालत में जाइए, जिसको ग्रीवांसेज है और अदालत न्याय करेगी। न्याय के लिए ही तो अदालतें बनी हैं।‘ इसी में आगे वे कहते हैं कि, ‘और मान्यवर, यहां तो एक सदस्य ने तो कह दिया कि माइनोरिटी इस कानून को स्वीकार नहीं करेगी। क्या धमकाना चाहते हो भाई? संसद का कानून है सबको स्वीकार करना पड़ेगा। स्वीकार नहीं करेंगे मतलब क्या? कैसे बोल सकता है कोई कि हम कानून को स्वीकार नहीं करेंगे? ये कानून भारत सरकार का है और हर एक पर बंधन करता होगा और इसको स्वीकार करना होगा।’
इस दौरान हमें एनडीटीवी इंडिया, नवभारत टाइम्स, आज तक और PIB द्वारा 2 अप्रैल, 2025 को दावे से जुड़ी रिपोर्ट मिली। जिनके हवाले से यह स्पष्ट होता है कि अमित शाह का वायरल यह बयान यूजीसी के नए नियमों पर नहीं है, बल्कि यह वक्फ संशोधन बिल पर दिया गया पुराना बयान है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि अमित शाह के वायरल इस बयान का यूजीसी के नियम से जुड़े हालिया विवाद से कोई संबंध नहीं है। असल में यह वीडियो लगभग दस महीने पहले का है जब वे संसद में वक्फ बिल पर अपनी बात कह रहे थें। उसी समय के वीडियो को यूजीसी के हालिया संदर्भ से जोड़ते हुए फैलाया जा रहा है।
Title:वक्फ कानून पर अमित शाह का पुराना बयान UGC के हालिया मामले के बीच भ्रामक दावे से वायरल…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult: Misleading


