फ़रवरी २०१९ में नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों द्वारा किये गए विरोध का वीडियो अनुच्छेद ३७० के रद्द होने पर कश्मीर में ईद के बाद के प्रदर्शन का बताकर फैलाया जा रहा है |

False National Social
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PictureCourtesy : Greaterkashmir

१२ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘शाज़िया रानी’ नामक फेसबुक यूजर द्वारा एक वीडियो पोस्ट किया गया है, इस वीडियो में श्रीनगर के लोग विरोध करते हुए दिख रहें हैं | इस पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, Eid की नमाज़ के बाद कश्मीर के ताज़ा हालात Article 370 के विरोध में सड़कों पर उतरे कश्मीरी |” वर्तमान में सरकार द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद ३७० हटाने को लेकर सोशल मंचों पर कई प्रकार के दावे हो रहे है, इस पोस्ट में कश्मीर की मौजूदा स्थिति के चलते यह दावा किया जा रहा है कि – ‘वर्तमान में कश्मीर के मुसलमानों ने ईद के नमाज़ के बाद अनुच्छेद ३७० रद्द होने का विरोध कर रही है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

संशोधन से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले InVidTool की मदद से स्क्रीनशॉट लेकर यांडेक्स इमेज सर्च में ढूंढा, तो हमें १२ फ़रवरी २०१९ को JK News Observer द्वारा YouTube पर अपलोड किया गया एक वीडियो मिला | यह वीडियो उपरोक्त पोस्ट में साझा वीडियो से हुबहू मिलता-जुलता है | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा था – Police foil NHM employees protest march in Srinagar. हिंदी में अनुवाद : श्रीनगर में एनएचएम कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन को पुलिस ने नाकाम किया | 

वीडियो के विवरण में लिखा है कि – ‘Police foil NHM employees protest march in Srinagar. The Jammu and Kashmir police on Tuesday foiled the protest rally of National Health Mission Employees who tried to march towards Polo View in Srinagar. The employees are on strike for the last 27 days demanding regularisation of their services.’

हिंदी में अनुवाद : ‘श्रीनगर में एनएचएम कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन | जम्मू और कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को श्रीनगर में पोलो व्यू की ओर मार्च करने की कोशिश करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारियों की विरोध रैली के प्रयासों को नाकाम कर दिया | कर्मचारी अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग को लेकर पिछले २७ दिनों से हड़ताल पर हैं |’

जब हमने दोनों वीडियो की तुलना की, तो दोनों वीडियो को समान पाया | इस तुलना को आप नीचे देख सकतें हैं |

हमने जब इस वीडियो का बारीकी से आँकलन किया तो हमने इस वीडियो के २:२२वे सेकंड में हाथ में पकड़े बैनर पर ‘NACO Employees’ लिखा देखा | 

फिर हमने गूगल पर YouTube वीडियो मे प्राप्त शीर्षक को गूगल पर ‘Police foil NHM employees protest march in Srinagar’ कीवर्ड्स से ढूंढा, तो हमें कई समाचार वेबसाइट द्वारा प्रसारित खबर मिली | इन ख़बरों के अनुसार, १२ फरवरी २०१९ को NHM के कर्मचारियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था | कर्मचारी अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग को लेकर पिछले २७ दिनों से हड़ताल पर थे | जब यह दल पोलो व्यू की तरफ बढ़ने लगा, तब पुलिस ने इनको रोका और उनपर आंसूगैस के गोले का इस्तेमाल भी किया | पूरी ख़बर पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

GreaterkashmirPostArchivedLink
KashmiragePostArchivedLink
KashmirlifePostArchivedLink
PreciouskashmirPostArchivedLink
JKmonitorPostArchivedLink

इस संशोधन से यह बात स्पष्ट होती है कि पोस्ट में साझा वीडियो १२ फ़रवरी २०१९ को श्रीनगर में NHM कर्मचारियों द्वारा अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग को लेकर किये गए विरोध का है और कश्मीर की वर्तमान की घटनाओं से इस वीडियो का कोई सम्बन्ध नहीं है | यह वीडियो गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है।

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘वर्तमान में कश्मीर के मुसलमानों ने ईद के नमाज़ के बाद धारा ३७० रद्द होने का विरोध कर रही है |’ ग़लत है |

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Title:फ़रवरी २०१९ में नेशनल हेल्थ मिशन के कर्मचारियों द्वारा किये गए विरोध का वीडियो अनुच्छेद ३७० के रद्द होने पर कश्मीर में ईद के बाद के प्रदर्शन का बताकर फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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