दिल्ली में लॉकडाउन से पहले का वीडियो वर्त्तमान का लॉकडाउन उल्लंघन से रूप से फैलाया जा रहा है |

Coronavirus False
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सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो में बहुत से लोगों को सड़क पर नमाज़ पढ़ते दिखाया गया है | इस वीडियो को सोशल मीडिया मंचों पर व्यापक रूप से साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली के पड़पड़गंज क्षेत्र से है जहाँ लोगों को कोरोनावायरस के संक्रमण फैलने का डर नही है और वे इस तरह लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए सड़क पर नमाज़ अदा कर रहे हैं | कहा जा रहा है कि दिल्ली का शहर रेड जोन के क्षेत्र में होने के बावजूद लोग इस तरह नियमों को तोड़ रहे है और पुलिस खड़े खड़े देख रही है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “यह हालात हैं दिल्ली के पटपड़गंज के रोड पर जो मस्जिद बनी हुई है,उस पर सरेआम कानुन की धज्जियां उड़ाई जा रही है और ये बेशर्म अरविंद केजरीवाल बोल रहा हैं कि आप हमें सुझाव दों,तेरी बेशर्मी से ही पुरा दिल्ली रेडजोन में है |”

फेसबुक पोस्ट | फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक  

अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच कि शुरुवात हमने उपरोक्त वीडियो को कीवर्ड्स के माध्यम से ढूँढने से की, जिसके परिणाम से हमें २० मार्च २०२० को भाजपा पार्टी के सोशल मीडिया और आई.टी हेड, अभिषेक दुबे द्वरा प्रकाशित एक ट्वीट मिला | इस ट्वीट में वीडियो का एक लंबा वर्शन अपलोड करते हुए उन्होंने लिखा है कि “दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी के पटपड़गंज विधानसभा में #कोरोना का कोई डर नही है जहाँ पूरी दुनिया इस महामारी के डर से बाहर नही निकल रही है वही यहाँ 100 से ज्यादा लोग नवाज़ अदा कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल आप बोलते हो को 20 से ज्यादा लोग एक साथ ना निकले |” इस वीडियो में भी वीडियो रिकॉर्ड करने वाला व्यक्ति बोलता है कि आज का तारीख़ २० है | 

आर्काइव लिंक

डी.सी.पी ईस्ट दिल्ली के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से इस वीडियो के माध्यम से किये गये दावों को खारिज करते हुए लिखा गया है कि “सोशल मीडिया पर चल रहा दावा सरासर गलत है यह एक पुराना वीडियो है जिसे लोगों को भ्रमित करने और अफवाह फ़ैलाने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है | इस वीडियो को आगे साझा करने से पहले सच्चाई जान ले |”

आर्काइव लिंक 

अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह वीडियो इन्टरनेट पर २० मार्च २०२० से उपलब्ध है यानि यह प्रधानमंत्री मोदी द्वारा जनता कर्फ्यू (२१ मार्च २०२०) और राष्ट्रव्यापी तालाबंदी (२५ मार्च २०२०) की घोषणा करने से पहले का है | इसका मतलब यह वीडियो लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन होते हुए नही दर्शाता है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर 2 महीने पुराना, लॉकडाउन से पहले का वीडियो वर्त्तमान में लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन से नाम से फैलाया जा रहा है |

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Title:दिल्ली में लॉकडाउन से पहले का वीडियो वर्त्तमान का लॉकडाउन उल्लंघन से रूप से फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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