रायसिंहनगर में लोगों द्वारा बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ी गई वृद्ध महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है।

False National Social
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५ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘Aapno Raisinghnagar’ नामक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट की थी, इस पोस्ट में एक वृद्ध महिला का वीडियो दिखाते हुये ये बताया गया था कि “बच्चों उठाने वाला गिरोह रायसिंहनगर में भी सक्रिय हुआ । रायसिंहनगर, वार्ड -24 वाल्मीकि मोहल्ले में एक औरत बच्चे को उठा के ले जा रही थी मोहल्ले वालों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया । आप सब लोग भी सचेत रहें ।” इस पोस्ट के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि ‘वीडीयो में दिखाई गई  वृद्ध महिला को लोगों द्वारा बच्चा चोरी करते वक़्त रंगे हाथ  पकड़ा गया और पुलिस के हवाले कर दिया गया है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

संशोधन से पता चलता है कि…

बच्चा उठाने वालों लो ले कर आज कल सोशल मीडिया में कई दावे वाइरल हो रहे हैं अकसर ऐसे मामलों में लोग ग़लतफ़हमी का शिकार बन वृद्ध या मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को बच्चा-चोर समझ के पीटते हुये पुलिस थाने  ले जा रहे हैं, हमारे द्वारा ऐसे ही कई दावे हाल ही में ग़लत पाए गए व इसी के चलते हमने इस पोस्ट के बारे में जानकारी हेतु श्रीगंगानगर जिले के SP हेमंत शर्मा से संपर्क साधा | 

वीडियो को देखने पर उन्होंने कहा कि, “This woman has been admitted to an asylum as she is said to be of unsound mind. Police did not arrest her. In fact, police intervened and helped this lady by getting her admitted in Harprabh Ashram which takes care of destitutes, people of unsound mind and specially-abled.”

सरल हिंदी में अनुवाद, “यह महिला मानसिक रूप से अस्थिर होने की वजह से मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कर दी गयी है | पुलिस ने इस महिला को गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि हमने तो उसकी मदद की और उसका दाखिला हरप्रभा आश्रम में करवा दिया, जहां बेसहारा और मानसिक रूप से अस्थिर लोगों का ख़याल रखा जाता है |”

इसके बात अधिक जानकारी लेने के लिए हमने रायसिंहनगर थाने संपर्क किया, जहां पर SHO किसान सिंह से हमारी बात हुई | उन्होंने कहा कि, “यह घटना तीन दिन पहले की शाम की है | लोग इस वृद्ध महिला को बच्चा चोरी के इलज़ाम में पकड़कर लाये थे  ,मगर जांच-पड़ताल पर हमने इस महिला को मानसिक रूप से स्वस्थ पाया | यह महिला अति वृद्ध व बेघर थी और अपना नाम तक नहीं बोल पा रही थी | इसके बाद हमने इनकी चिकित्सा और देखभाल के लिए, इन्हे हरप्रभा सेवा समिति जो कि पदमपुर में स्थित एक आश्रम है, वहाँ इनका दाखिला करा दिया है | इस आश्रम में बेसहारे और मानसिक अस्थिर लोगों का इलाज व देखभाल की जाती है |”

इसके बाद हमने इस महिला की  दाखिले की खबर को सत्यापित करने के लिए हरप्रभा सेवा समिति आश्रम में संपर्क साधा, तो आश्रम के प्रशासक सेवक विनोद कुमार ने इस बात की पुष्टि की कि, “शनिवार की रात को इस महिला का इस आश्रम में दाखिला किया गया था | उनकी मानसिक स्थिति बहुत नाज़ुक है |”

हमने जब पुष्टिकरण के लिए उनसे इस वृद्ध महिला की तस्वीर मांगी, विनोद जी द्वारा हमें जो तस्वीरें भेजी उसे आप नीचे देख सकतें हैं |

हमने जब उपरोक्त दावे में प्राप्त वृद्ध महिला की तस्वीर के साथ आश्रम से प्राप्त तस्वीरों का विश्लेषण किया, तो पाया कि उपरोक्त दावी में दर्शायी गयी महिला और आश्रम में दाखिल कराई गयी महिला – दोनों एक ही है | हमारे द्वारा किये गए चित्रों की तुलना आप नीचे देख सकतें हैं |

इन अनुसंधानों से यह बात स्पष्ट होती है कि पोस्ट में दर्शायी महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उनके गांव वालों ने गलत इलज़ाम लगाकर अफवाह फैलायी थी | इस महिला की चिकित्सा और देखभाल के लिए एक आश्रम में उनका दाखिला करवा दिया गया है | 

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘तस्वीर में दिखाई देने वाली वृद्ध महिला बच्चा चोरी करते वक़्त रंगे हाथों पकड़ी गयी और पुलिस के हवाले कर दी गयी |’ ग़लत है |

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Title:रायसिंहनगर में लोगों द्वारा बच्चा चोरी के आरोप में पकड़ी गई वृद्ध महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है।

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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