२००९ को गाज़ा में हुए हमले की तस्वीर को कश्मीर की वर्तमान स्थिति का बताकर फैलाया जा रहा है |

False International Social
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२६ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘Naeem Ansari’ नामक एक एक यूजर ने एक तस्वीर साझा की है, जिसमें एक औरत और एक बच्चा घायल अवस्था में दिख रहें है | इस पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, ये है कश्मीर की हालत औरतों और बच्चों पर भी जुल्म ढाए जा रहे हैं कश्मीर अपना है तो कश्मीरी भी तो अपने हैं अल्लाह सब देख रहा है अल्लाह की मार में आवाज़ नहीं है अल्लाह इन बेसहारा कश्मीरीयों को हिफाज़त फरमा आमीन | इस पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि, ‘यह तस्वीर कश्मीर की वर्तमान स्थिति में औरतों और बच्चों पर हो रहे ज़ुल्म को दर्शाती है |’

क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

उपरोक्त साझा तस्वीर को जब हमने ‘गूगल रिवर्स इमेज सर्च’ पर ढूंढा, तो हमें २९ दिसम्बर २००८ को ‘Belfast Telegraph’ नामक एक अंतर्राष्ट्रीय समाचार वेबसाइट द्वारा प्रसारित एक ख़बर मिली | ख़बर के मुताबिक, गाजा पट्टी में भारी लड़ाई चल रही थी क्योंकि इजरायल के रक्षा मंत्री एहुद बराक ने ‘अमन और शांति’ वापस लाने के लिए हमास के खिलाफ युद्ध जारी रखने का वादा किया था | इस युद्ध के बारे में अधिक जानकारी देते हुए, इस खबर के साथ ८० तस्वीरें भी दी गयी है | इन तस्वीरों में से जो ३५वी तस्वीर हमें मिली, वह उपरोक्त पोस्ट में साझा तस्वीर से हुबहू मिलती है |

इस तस्वीर के साथ लिखा है कि, “Samera Baalusha(34) carries her surviving child Mohamad (15 months) while she waits to see the body of her daughter Jawaher Baalusha (aged 4) during the funeral held for her and four of her sisters who were killed in an Israeli missile strike, on December 29, 2008 in the Jebaliya refugee camp, in the northern Gaza Strip. Jawher Baalusha and four of her sisters were killed during an Israeli air raid while they were sleeping together in their bedroom.” 

हिंदी में अनुवाद : “उत्तरी गाजा पट्टी के जेबालिया शरणार्थी कैंप में २९ दिसम्बर २००८ को हुए इसरायली मिसाइल हमले में मारे गए परिवार के सदस्यों के शवों का इंतजार करती अपने जीवित बच्चे मोहम्मद (१५ महीने) के साथ समीरा बालूशा (३४) |, इस हमले में उसकी बेटी जौहर बालूशा (४ वर्ष) तथा चार बहने मारे गए थे । जौहर बालूशा और उसकी चार बहनें एक इजरायली हवाई हमले के दौरान मारे गए थे जब वे अपने बेडरूम में सो रहे थे |”

पूरी ख़बर पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

Belfasttelegraph.co.ukPost | ArchivedLinkUnpost.netPost | ArchivedLink

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि पोस्ट में साझा तस्वीर २००८ मे गाज़ा में हुई इसराइली मिसाइल के हमले के वक़्त की है और वर्तमान में इस वीडियो का भारत या कश्मीर की मौजूदा स्थिति से कोई संबंध नहीं है | जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद ३७० के हटने पर कई पुराने वीडियो व तस्वीरें वर्तमान का बताकर गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाये जा रहे है | 

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘यह तस्वीर कश्मीर की वर्तमान स्थिति में औरतों और बच्चों पर किये गए ज़ुल्म को दर्शाती है |’ ग़लत है |

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Title:२००९ को गाज़ा में हुए हमले की तस्वीर को कश्मीर की वर्तमान स्थिति का बताकर फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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