कौशाम्बी में आपसी कहासुनी को लेकर हुई मारपीट को सांप्रदायिक रूप दे सोशल मंचो पर फैलाया जा रहा है|

Coronavirus False
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सोशल मिडिया पर अकसर घटनाओं को अलग रूप/कथन देकर समाज के सामने प्रस्तुत कर लोगों को भ्रमित किया जाता है, उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी में हुई एक घटना को कुछ इसी तरह सोशल मंचों पर प्रस्तुत किया जा रहा है, इस वीडियो को पवित्र रमजान के महीने में रोज़े रखे हुये मुस्लिम लड़कों के साथ जानबूझकर कर की गई हाथापाई व उसके बाद उनके मुहँ पर थूकने व जबरन शराब पिलाने के ग़लत सन्दर्भ के साथ सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा से सोशल मंचो पर वाईरल किया जा रहा है, इस वीडियो को विभिन्न सोशल मंचो पर साझा कर ये कहा जा रहा है कि..

“कौशाम्बी क्षेत्र में दो लड़कों को मारा वो भी रोज़े की हालत में 4 लोगों ने मिल कर पहले मू में थूका फिर मू में शराब डाली,जान से मारने की कोशिश की अपराधी का नाम धीरज है और उसके 3 साथी गुमनाम है |”

आर्काइव लिंक 

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अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुवात हमने इस घटना से संबंधित ख़बरों को ढूँढने से की, जिसके परिणाम से हमें इस प्रकरण पर कोई भी विश्वसनीय खबर नही मिली | 

फैक्ट क्रेसेंडो ने कौशाम्बी के एस.पी अभिनंदन सिंह जी से संपर्क किया, उन्होंने हमें बताया कि 

“सोशल मीडिया पर इस प्रकरण को लेकर हो रहे दावे सरासर गलत है | यह घटना एक आपसी झगडे की है, इस घटना के साथ संप्रदायिकता का कोई संबंध नही है | यह व्यक्ति एक सार्वजनिक लाइन में खड़ा था जब उसने लाइन से हट कर उसको पहले आगे जाने का अनुग्रह किया जिसपर उस समय आसपास खड़े लोगों ने आपत्ति जताई व इसी कहासुनी के चलते वहां पर हाथापाई शुरु हो गई, इस व्यक्ति के मुहँ में थूकने व जबरन शराब पिलाने की बात सरासर गलत है, हम आपके माध्यम से ये सपष्ट करना चाहते हैं कि गलत दावों के साथ उपरोक्त प्रकरण को सोशल मंचो पर फैलाकर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ हम उचित विधिक कार्यवाही करेंगे|”

इस पश्चात हमने पिपरी पुलिस स्टेशन के एस.एच.ओ अतुल सिंह से संपर्क किया, उन्होंने इस घटना का पूरा विवरण देते हुए हमें बताया कि

“सोशल मीडिया पर चल रहे विवरण को बड़ा चढ़ा कर बताया जा रहा है | यह घटना 9 मई की है जब पीड़ित फरमुद मोहिम उल्ला अपने माँ के साथ सहज जन सेवा केंद्र में पैसे निकलने के लिए गये थे | क्योंकि वे दोनों काफी देर से लाइन में खड़े थे, इस वजह से उन्होंने अपने आगे खड़े लोगों को निवेदन किया कि उन्हें लाइन में आगे जाने दे क्योंकि उनके रोज़ा खोलने का समय हो गया है, इसी सन्दर्भ में वहां खड़े लोगों से उनकी कहासुनी हो गई व आपस में गाली गलोज देना शुरू हो गया और इसी के चलते मारपीट हुई | पास में खड़े कुछ लड़कों ने भी इस मारपीट में हिस्सा लिया और हमें ये बताया गया है कि वे कथित रूप से शराब पिए हुये थे | परंतु पीड़ित के मुहँ में शराब डालने वाली बात और थूकने वाली बात बिलकुल गलत है | पीड़ित को वहां से हॉस्पिटल ले जाया गया और अब वे स्वस्थ है |” 

उन्होंने हमें पिपरी पुलिस स्टेशन में दाखिल इस सम्बन्ध में FIR संख्या (०११२) की एक प्रतिलिपि उपलब्ध कराई दिया जिसके अनुसार पीड़ित ने साफ़ साफ़ बताया है कि यह घटना आपसी झगड़ो के कारण से हुई थी| इस घटना के चलते ८ लोगों के खिलाफ धारा १४७, ३२३, ५०४ के तहत शिकायत दर्ज कराई गई है | इन आठ लोगों में से एक पकड़ा जा चुका है और अब वे जेल में है | 

फैक्ट क्रेसेंडो ने पीड़ित फरमूद उल्ला से भी बात की, उन्होंने हमें बताया कि 

“इस घटना में उनके मुहँ में किसी के थूकने या जबरन शराब पिलाने की बात गलत है, इस प्रकार की कोई भी हरकत उनके साथ नहीं की गई, मामला आपसी कहासुनी को लेकर हुये झगड़े का है| उन्होंने कहा कि यह मारपीट उनके लाइन में आगे जाने की वजह से हुई थी |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमें उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | कौशाम्बी में हालाँकि एक मुस्लिम लड़के की आपसी कहासुनी के चलते पिटाई की गई थी, परंतु उनके मुहँ में किसी ने जबरन शराब नही डाली व ना ही किसीने उनके मुहँ में थूका था, फैक्ट क्रेसेंडो अपने पाठकों को ऐसे सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले पोस्टों को आगे साझा न करने का आग्रह करता है

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Title:कौशाम्बी में आपसी कहासुनी को लेकर हुई मारपीट को सांप्रदायिक रूप दे सोशल मंचो पर फैलाया जा रहा है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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