जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करके मांस ले जाने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी को मंदिरों पर गौ मांस फेंकने के कारण गिरफ्तारी का बताकर फैलाया जा रहा है |

False National Social
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३ नवम्बर २०१९ को फेसबुक पर ‘पंकज रजक द्वारा किये गये पोस्ट में एक वीडियो और ६ तस्वीरें साझा की गयी है | पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, “बथुआ बाजार के जगदीशपुर गांव में एक मुस्लिम मौलवी द्वारा शिवमंदिर और छठ माता के ऊपर गौ मांस फेंक कर भाग रहा था ।तभी जगदीशपुर गांव के हिन्दू भाई देखे तब उसे पकड़कर थोड़ा पीटा गया ।फिर मोटरसाइकिल के डिकी जाँच किया गया तब उसमें और भी गौ मांस  था । कुछ मधरजात बोलता है कि हिन्दू सम्प्रदाइक है । अभी भी पिटाई जारी है पुलिश आ गई है । जय जय हिन्दुराष्ट्र | |” इस पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि – ‘बथुआ बाज़ार के जगदीशपुर गांव में एक मौलवी को मंदिरों में गौ मांस फेंकते हुआ पकड़ा |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले फुलवरिया थाना के SHO मनोज कुमार से संपर्क किया | उन्होंने इस घटना पर कहा कि, “यह घटना २ नवम्बर यानी छठ पूजा की रात को घटी थी | हमारे जिलाधिकारी ने छठ पर्व के दिन मांस-मच्छी के खरीद-बिक्री को पूर्णरूप से बंद करने का आदेश जारी किया था | मगर तस्वीर में दिखने वाला व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करते हुए मांस ले जा रहा था | बाइक की टक्कर हो जाने पर जब वह गिर गया, तब बाइक की डिक्की से मांस निकला | घटना स्थल छठ घाट के पास की है और छठ पूजा के लिए वहाँ काफ़ी छोटे मंदिर जैसे पूजा स्थान बनाये जाते है | घाट के पास मांस गिरते देख लोगों की भक्ति और श्रद्धा पर ठेस पहुँची और तो लोग भड़क गए व मार-पीट शुरू कर दी | मगर इस व्यक्ति ने किसी भी मंदिर पर मांस नहीं फेंका | मांस गौ का है कि नहीं, इस बात की जांच चल रही है और उस व्यक्ति पर जिलाधिकारी द्वारा जारी नियम का उल्लंघन करने के जुर्म के लिए गिरफ़्तार किया गया है और प्राथमिकी भी दर्ज की गयी है | इस वारदात की लिखित प्राथमिकी इसी थाने (फुलवरिया थाना) में दर्ज की गयी है |”

इसके बाद हमने फुलवरिया के जिलाधिकारी के कार्यालय में संपर्क किया वहां हमारा संपर्क  इंस्पेक्टर राकेश कुमार से हुआ और उन्होंने हमें कहा कि जिलाधिकारी ने १ नवम्बर २०१९ को यह सूचना प्रकाशित की थी कि छठ पर्व के दिन मांस-मच्छी के खरीद-बिक्री को पूर्णरूप से बंद रहेगी  |व्हाट्सऐप के माध्यम से उन्होंने हमें इस आदेश की समाचार छवि हमसे साझा की|

इस प्राप्त जानकारी के बारे में जब हमने छानबीन की, तो १ नवम्बर २०१९ को ‘दैनिक भास्कर’ के पटना संस्करण के दुसरे पृष्ठ पर यह ख़बर छपी थी |

Bhaskar e-paper link

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि उपरोक्त पोस्ट में साझा वीडियो व तस्वीरों का किये गए दावा के साथ कोई संबंध नहीं है | इस आदमी को सरकारी आदेश का उल्लंघन कर मांस ले जाने के लिए गिरफ़्तार किया गया था, मगर इस व्यक्ति ने दावा अनुसार किसी भी मंदिर पर गौ मास नहीं फेंका है, पकड़ा गया मांस किस जानवर का है इसपर अभी जांच चल रही है | यह वीडियो व तस्वीर गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलायी जा रही है |

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “बथुआ बाज़ार के जगदीशपुर गांव में एक मौलवी को मंदिरों में गौ मांस फेंकते हुआ पकड़ा |” ग़लत है |

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Title:जिलाधिकारी के आदेश का उल्लंघन करके मांस ले जाने वाले व्यक्ति की गिरफ्तारी को मंदिरों पर गौ मांस फेंकने के कारण गिरफ्तारी का बताकर फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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