सूरत से एक साल पुराना वीडियो तालाबंदी के दौरान पुलिस द्वारा प्रवासियों से पैसे की मांग करने के नाम से हुआ वाइरल |

Coronavirus False
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सोशल मीडिया पर रेलवे ट्रैक पर सामान ढोने वाली महिलाओं के समूह से पैसे वसूलते पुलिसकर्मी का एक वीडियो काफी वायरल होता दिख रहा है | कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने की कोशिश में देश भर में तालाबंदी जारी है, पिछले लगभग डेढ़ महीने से चल रहे लॉकडाउन की वजह से हज़ारों मजदूर अपने घर से कोसों दूर विभिन्न शहरों में बिना नौकरी, घर, खाने पीने की कमी के चलते के फंस चुके है | इस दुरव्यवस्था से बचने के कोशिश में देश के अलग अलग राज्यों से ये मजदूर पैदल ही अपने घरो के तरफ निकल चुके हैं | इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि पुलिस गुजरात में अपने घरों पर जाने वाले प्रवासियों से पैसे की मांग कर रही है | वीडियो में पुलिस कर्मी को महिलाओं से १०० रुपये की मांग करते हुए देखे जा सकते है | इस वीडियो को फेसबुक , ट्वीटर व व्हाट्सएप पर काफी तेजी से साझा किया जा रहा है| 

हालाँकि ये वीडियो गलत व भ्रामक है, वीडियो साल भर पुराना है व मौजूदा करोना व देशव्यापी लॉकडाउन  स्तिथि से इस वीडियो का कुछ सम्बन्ध नहीं है, आइये जानते हैं क्या है इस वीडियो की सच्चाई|

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अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच कि शुरुवात हमने इस घटना से संबंधित कीवर्ड्स को गूगल पर सर्च कर ख़बरों को ढूँढने से की, जिसके परिणाम से हमें इस वीडियो के संबंधित खबर ए.बी.पी अस्मिता के यूट्यूब चैनल पर ११ जुलाई २०१९ को प्रसारित मिली | इस खबर के अनुसार सूरत में रेलवे पुलिस दारू की हेराफेरी करने वाली महिलाओं से हफ्ता वसूल रहे है | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “सूरत रेलवे पुलिस महिला बूटलेगर से पैसे वसूलने का वीडियो हुआ वायरल |”

१३ जुलाई २०१९ को देश गुजरात द्वारा प्रकाशित खबर के अनुसार सूरत में रेलवे पुलिस बल का एक जवान, जिसका रेल पटरियों पर शराब तस्करी करने वाली महिलाओं से रिश्वत लेते वीडियो वायरल हुआ उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है |

आर्काइव लिंक  

१८ जुलाई २०१९ को अहमदाबाद मिरर द्वारा प्रकाशित खबर के मुताबिक, वीडियो पश्चिमी रेलवे के सूरत सेक्शन पर शूट किया गया था और वास्तविक घटना के कुछ महीने बाद वायरल हुआ था | वीडियो में देखे गए कांस्टेबल जयकांत को इंटरनेट पर वीडियो सामने आने के बाद उनकी सेवाओं से बर्खास्त कर दिया गया था |
रिपोर्ट के में यह भी लिखा गया है कि पश्चिमी रेलवे के सूरत सेक्शन पर शूट किया गया वीडियो कुछ महीने पुराना है, लेकिन कुछ हफ्ते पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था | इस क्लिप को वायरल होने के पश्चात घटना को मद्देनज़र रखते हुए अब आरपीएफ कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया है | वीडियो में महिलाओं को पहले से ही एक और पुलिस वाले को ५०० रुपये का भुगतान करने के बारे में बहस करते हुए देखा जा सकता है | जबकि कांस्टेबल उन्हें समझाने की कोशिश करता है कि वो पुलिस जीआरपी का आदमी है और उसकी पहले दी रिश्वत में उसकी टीम का हिस्सा नहीं है, महिलाएं आरपीएफ का भुगतान करने के लिए पैसे इकट्ठा करती हैं जिसके बाद वे कॉन्स्टेबल को बोलतीं है कि वह कुछ दिनों में फिर वापस आयेंगी |

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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सूरत में शराब की हेराफेरी करने वाली महिला तस्करों से रिश्वत लेते आरपीएफ कॉन्स्टेबल के एक पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत दावे के साथ साझा किया जा रहा है|

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Title:सूरत से एक साल पुराना वीडियो तालाबंदी के दौरान पुलिस द्वारा प्रवासियों से पैसे की मांग करने के नाम से हुआ वाइरल |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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