क्या दिल्ली सरकार ने कोरोना ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों व नर्सों को अपने होटल के बिलों का भुगतान करने के लिए कहा है?

Coronavirus False
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सरकार ने कोरोनावायरस के संक्रमित पेशेंट से निपटने वाले नामित अस्पतालों के डॉक्टरों/नर्सों और अन्य कर्मचारियों को एहतियातन तौर पर होटलों में रहने की व्यवस्था की है ताकि उनके परिवार बीमारी के संपर्क में न आयें | इस संदर्भ में, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें एक महिला का दावा है कि दिल्ली सरकार, जो डॉक्टरों के होटल में रहने के लिए भुगतान कर रही थी, एक आदेश के जरिये से वे आगे ऐसा नहीं करेगें | इस महिला के अनुसार वह दिल्ली के राव तुलाराम मेमोरियल अस्पताल जो कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत कार्य करता है वहाँ काम करती है | महिला का दावा है कि अस्पताल में कई ऐसे मरीज हैं जो कोरोनोवायरस पॉजिटिव हैं और वह इस बात पर सवाल उठाती हैं कि डॉक्टरों के परिवारों की सुरक्षा पर विचार क्यों नहीं किया जा रहा है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “केजरीवाल का नया आदेश कोरोना की ड्यूटी में लगे डा खुद करे अपने होटल का भुगतान, पलट गया पलटूराम फिर से या मोलवियो की बढ़ी सेलरी देनी है?”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले दिल्ली सरकार की वेबसाइट पर दिल्ली में कोरोना-निर्दिष्ट अस्पतालों की सूची को ढूंढा, हमें ३१ मार्च २०२० को प्रकाशित एक आर्डर मिला, जिसमें कहा गया था कि कोविड मामलों से निपटने के लिए राज्य में पांच नामित अस्पताल हैं, हालाँकि, अभी यह संख्या बढ़कर नौ हो गई है, जिसे राज्य सरकार द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन में देखा जा सकता है | इनमें से किसी भी आदेश या बुलेटिन में राव तुलाराम मेमोरियल अस्पताल का नाम नहीं है |

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के सलाहकार शालीन मित्रा ने हाल ही में इस मामले पर ट्वीट किया था। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, “राव तुला राम अस्पताल न तो कोविड अस्पताल है और न ही संगरोध केंद्र और अस्पताल का कोई डॉक्टर / कर्मचारी कोविड ड्यूटी पर है | इसलिए यह वास्तविक शिकायत नहीं लगती है |”

आर्काइव लिंक

फैक्ट क्रेसेंडो ने शालीन मित्रा से संपर्क किया, उन्होंने हमें बताया कि 

सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के माध्यम से किये गये दावे गलत है | हम इस महिला कि पहचान नहीं कर पाए क्योंकि उनका चेहरा ढका हुआ है,परंतु इस महिला के द्वारा किये गये सारे दावे गलत है क्योंकि राव तुलाराम मेमोरियल हॉस्पिटल कोविड-१९ निर्दिष्ट हॉस्पिटल नही है | दिल्ली सरकार ने कोविड-१९ के मरीज़ों की चिकित्सा करने वाले डॉक्टर और नर्स को हॉस्पिटल से सबसे नज़दीकी होटल और गेस्ट हाउस में रखा है जिसका भुगतान दिल्ली सरकार करेगी |”

फैक्ट क्रेसेंडो ने राव तुलाराम मेमोरियल हॉस्पिटल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर दिनेश चावला से संपर्क किया, हमें बताया कि

 “चूंकि राव तुलाराम मेमोरियल अस्पताल कोविड-१९ रोगियों के इलाज के लिए एक निर्दिष्ट अस्पताल नहीं है, इसलिए, यह अस्पताल होटलों में डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था और उनके बिलों का भुगतान नहीं करता है | हमारे यहाँ लगभग १५ डॉक्टर और नर्स है जो अस्पताल में ही रहते है | यदि कोई मरीज कोविड-१९ के लक्षणों के साथ यहां आता है, तो उस मरीज को तुरंत सबसे नज़दीकी कोविड-१९ नामित अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जाता है | हमारे अस्पताल के सबसे पास लोकनायक अस्पताल है जहाँ हम इन रोगियों को भेजते है | ऐसे रोगियों को राव तुलाराम में भर्ती नहीं किया जा सकता है | यह मरीजों को आइसोलेशन करने या क्वारंटाइन करने का केंद्र भी नहीं है |”

हमें यह पता नही चल पाया कि वीडियो में दिख रही महिला कौन है परंतु हमारे जाँच के पश्चात हमने पाया कि यह महिला हमारे हॉस्पिटल से नही हैऔर उनके माध्यम से किये गये दावे सरासर गलत है |”

इसके आलावा फैक्टक्रेसेंडो ने दिल्ली सरकार के विश्वस्त सूत्रों से बात की, उन्होंने हमें बताया कि 

“यह प्रामाणिक वीडियो नहीं है, राव तुलाराम दिल्ली सरकार का अस्पताल है लेकिन यह कोविड निर्दिष्ट अस्पताल नहीं है | इस अस्पताल से एक भी कोविड-१९ से संक्रमित मरीज़ नहीं है | हमें नहीं पता कि यह महिला कौन है क्योंकि उसने अपना नाम और होटल की जगह का उल्लेख नहीं किया है, जिससे इस वीडियो में किये गये दावों की सत्यता स्थापित हो सके | इस अस्पताल के पास कोई होटल या गेस्ट हाउस नहीं है | दिल्ली सरकार ने कोविड-१९ निर्दिष्ट अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टर और नर्सों को अस्पताल के पास ही ४ स्टार या ५ स्टार होटल में रखा है | जैसे कि एल.एन.जे.पी अस्पताल में चिकित्सा कर रहे डॉक्टर और नर्सों को अस्पताल के सामने ललित इंटरनेशनल होटल में ठहरा रखा है और दूसरे कर्मचारियों को पास के ही गेस्ट हाउस में ठहरा रखा है | दिल्ली सरकार द्वार ऐसा कोई भी आर्डर पारित नही किया है | दिल्ली सरकार कोविड-१९ के मरीजों का चिकित्सा करने वालें डॉक्टरों कि देखभाल अच्छे से कर रही है | ऐसे अफ्वाओं को फ़ैलाने से लोगों को परहेज़ करन चाहिये |”

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से किये गये दावे सरासर गलत है |वीडियो में महिला द्वारा कही गयी बातें कि अस्पताल कोविड-१९ निर्दिष्ट हॉस्पिटल है, गलत है| दिल्ली सरकार ने कोविड-१९ से संक्रमित मरीजों का इलाज करने वालों डॉक्टर और नर्सों के होटल भुगतान पर रोक नहीं लगाई है और न ही आगे लगाने वालें है |

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Title:क्या दिल्ली सरकार ने कोरोना ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों व नर्सों को अपने होटल के बिलों का भुगतान करने के लिए कहा है?

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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