EC ने ऐसा कोई चैलेंज हाल में किसी भी राजनैतिक पार्टियों को नहीं दिया, पुराना वीडियो फर्जी व भ्रामक दावे से वायरल…

Missing Context Political

अक्सर ऐसा देखा गया है कि चुनाव में जब भी परिणाम किसी भी सियासी पार्टियों के अनुकूल नहीं होता है तो उसका ठिकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी के नाम पर फोड़ा जाता है।  कुछ विगत वर्षों से ईवीएम में गड़बड़ी और उसे हैक कर चुनावी परिणाम प्रभावित करने के आरोप भी लगते रहे हैं। जिस कारण कई राजनीतिक दल ईवीएम की जगह पूर्व की भांति बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग उठाते रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसके साथ यह दावा है कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करके दिखाने का चैलेंज दिया गया है। यह वीडियो आजतक चैनल का है जिसमें यह भी दिखाई दे रहा है कि इसके लिए सभी दलों को चार घंटे का समय दिया गया है। यूज़र वायरल वीडियो को हाल का समझ कर व्यापक रूप से इस कैप्शन के साथ साझा कर रहे हैं…

ब्रेकिंग न्यूज

भारतीय चुनाव आयोग का भारत की सभी राजनीतिक पार्टियों को ओपन चैलेंज का आयोजन किया है।  EVM मशीनो को हैक करके दिखाए। नही तो हारने के डर से EVM के नाम से रोना छोड़ दे है क्या हिम्मत। या सिर्फ बाहर से भोंकेंगे या आके काटेंगे भी।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वीडियो को ध्यान से देखने पर की। हमने यह देखा कि वायरल वीडियो में भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से जो व्यक्ति प्रेस को संबोधित कर रहा है उसके नेम प्लेट पर डॉ नसीम ज़ैदी लिखा है। डॉ नसीम ज़ैदी 19 अप्रैल 2015 से 5 जुलाई 2017 तक भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर थे। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर इनके बारे में यह जानकारी देख सकते हैं।

इससे हम यह समझ पाए कि वायरल वीडियो पुराना है। फिर हमने संबंधित कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए 20 मई 2017 में आजतक की वेबसाइट पर रिपोर्ट प्रकाशित देखा। जिसके अनुसार तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी ने उस साल पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाए जाने पर यह फैसला किया था। उनके द्वारा राजनीतिक दलों को EVM हैक करने की चुनौती दी गई थी। जिसके लिए EC ने 3 जून की तारीख तय की थी और हर राजनीतिक दल को हैकिंग के लिए चार घंटे का वक्त दिए जाने का एलान किया था।

आर्काइव

हमें आजतक के यूट्यूब चैनल पर इस खबर से संबंधित एक वीडियो रिपोर्ट मिली जो वायरल वीडियो वाली ही थी। इसके साथ ये बताया गया था कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने एक संवाददाता सम्मेलन में भाग लेकर राजनीतिक दलों को ईवीएम हैक करने की चुनौती दी थी।

निम्न में वीडियो देखें।

साल 2017 में यूपी सहित पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव हुए थे। जिसके नतीजे आने के बाद विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल उठाने से भारत निर्वाचन आयोग ने ईवीएम हैक को लेकर चैलेंज दिया था।  इस खबर को यहां , यहां और यहां देख सकते हैं। 

अपनी खोज में हमने 20 मई 2017 की तारीख़ में भारत निर्वाचन आयोग और PIB की वेबसाइट पर चुनाव आयोग द्वारा ईवीएम हैक को लेकर किए गए चैलेंज पर प्रेस रिलीज को देखा। जिसमें मामले को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई है। 

हम यहां स्पष्ट कर दें कि भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर ईवीएम को लेकर इस प्रकार की कोई जानकारी या प्रेस रिलीज हाल में जारी नहीं की गई है। साथ ही इस वक़्त वर्तमान में भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार हैं। जो इस वक़्त देश के 25वें मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और 15 मई 2022 से अपनी सेवा दे रहे हैं। 

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच के पश्चात हमने यह पाया कि ईवीएम को लेकर वायरल वीडियो फर्जी है, जो असल में 6 साल पहले की है। 

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Title:EC ने ऐसा कोई चैलेंज हाल में किसी भी राजनैतिक पार्टियों को नहीं दिया, पुराना वीडियो फर्जी व भ्रामक दावे से वायरल…

Fact Check By: Priyanka Sinha 

Result: Missing Context

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