मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को बच्चा चोर बता साझा किया जा रहा है|

False National Social
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१७ सितम्बर २०१९ को “धनंजय पॉल” नामक एक फेसबुक यूजर ने कुछ तस्वीरे पोस्ट की, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “अज हमारे चास बोकारो मेन रोड में एक बच्चा चोर पकड़ा गया , अगर ऐसी कोई महिला आपको दिखे तो प्लीज अलर्ट रहे” | इस पोस्ट में हम एक महिला को रस्ते पे बैठे हुए देख सकते है | इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर तेजी से साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह महिला झारखण्ड के चास नामक एक शहर में बच्चा चोरी करते हुए पकड़ी गयी है |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इस घटना से जुडी खबरों को ढूँढने से की, परंतु हमें परिणाम में इस प्रकरण से मिलती जुलती कोई खबर नही मिली | इसके पश्चात हमने बोकारो के ए.एस.पी बहमान टूटी से संपर्क किया, उन्होंने हमें बताया कि “इस घटना को गलत तरीके से सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है | तस्वीर में दिखाई गयी महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी | इस महिला को एक अजनबी के घर के बाहर बैठे स्थानीय लोगों द्वारा पाया गया था, जब उन्होंने पूछा कि वह कौन है और वह वहां क्यों बैठी है, तो वह उचित जवाब नहीं दे सकी और इसके चलते कुछ लोगों ने यह अफवाह फैला दिया कि यह महिला बच्चा चोरी कर रही थी | थोड़े देर बाद घटना स्थल पर चास क्षेत्र की पुलिस पहुँच गयी | यह महिला चास की निवासी है और लगभग २० साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उस दिन वो अपना दवा लेना भूल गयी थी, जिसके चलते वो सुबह ५ बजे घर से निकल गयी थी व रास्ते पर भटक रही थी |”

साथ ही उन्होंने (ए.एस.पी बहमान टूटी) कहा कि “इस महिला को स्थानीय लोगों द्वारा पीटा नहीं गया था, उसे पुलिस को सौंप दिया गया था व पुलिस उसके परिवार का पता लगाने में कामयाब रही है और उन्हें उनके बेटे के पास सौंप दिया गया है |”

उन्होंने यह भी कहा कि, “झारखंड में बच्चे के अपहरणकर्ता का दावा करने वाले अधिकांश संदेश झूठे हैं, लोगों को सतर्क रहना चाहिए और झूठे व भ्रामक संदेश नहीं फैलाने चाहिए |”

इसके पश्चात हमने चास पुलिस स्टेशन के एस.एच.ओ. सी.एम् सिंह से संपर्क किया, उन्होंने हमें कहा कि “यह घटना २-३ दिन पहले की है, यह महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी और काफी सालों से दवाइयां ले रही है | घटना के रात को वे अपना दवाई लेना भूल गयी थी और सुबह ५ बजे रास्ता भटकते हुए दूसरों के घर के दरवाजे के सामने खड़ी हो गयी थी | इसी के चलते कुछ लोगों को उनपर बच्चा चोर होने का शक हुआ और यह अफवाह जल्दी ही इलाके में फ़ैल गयी | इस महिला का नाम सरिता प्रसाद है और वे चास की निवासी है | बादमें उसे चास पुलिस द्वारा उनके बेटे को सौंप दिया गया | सोशल मीडिया पर किये गए दावे गलत है |”

इसके पश्चात हमने इस महिला के घर वालों को संपर्क किया, उनके बेटे सिद्दार्थ शेखर राइ ने हमें बताया कि “यह घटना २ दिन पहले की है, मेरी माँ २० साल से मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उनकी चिकित्सा बोकारो जनरल हॉस्पिटल में चल रही है | उस रात को वे अपनी दवाई लेना भूल गयीं थी और सुबह करीब ५-६ बजे से घर से गायब हो गयी |  करीब ११ बजे हमें पता चला कि मेरी माँ चास पुलिस स्टेशन में थी जिसके पश्चात हम वहां पहुंचे और उन्हें घर लेकर आये |”

उनके बेटे ने हमें उनकी एक तस्वीर भी भेजी जिसे हम यह पुष्टि कर सकते है कि वायरल तस्वीर में महिला और उनके बेटे द्वारा भेजी गयी तस्वीर समान है | इस तस्वीर की तुलना आप निचे देख सकते है | 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | एक मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को बच्चा अपहरणकर्ता होने का गलत दावा किया जा रहा है |

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Title:मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को बच्चा चोर बता साझा किया जा रहा है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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