अमेरिका के फिलाडेल्फिया में नशाखोरों का पुराना वीडियो वेनेजुएला का बताकर भ्रामक दावा वायरल 

False International

वायरल वीडियो वेनेजुएला का नहीं है। यह अमेरिका के फिलाडेल्फिया के केंसिंग्टन इलाके का पुराना वीडियो है।

अभी हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस पर कथित नार्को-आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी का आरोप लगाते हुए कराकस में अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिया गया था। इसी संदर्भ से जोड़ते हुए एक सोशल मीडिया पर हैरान करने वाला एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें कुछ लोगों को नशे की हालत में धुत्त दिखाया गया है। वीडियो में कुछ लोग ऐसे अभी हैं जो नशे में बदहवास सड़क पर पड़े दिखाई दे रहे हैं। इस दावा किया जा रहा है कि यह निकोलस मादुरो के शासनकाल में वेनेजुएला की स्थिति है, जहां लोग नशे के आदी हैं और ड्रग्स की तस्करी करते हैं। वीडियो के साथ कैप्शन लिखा गया है….

यह वेनेजुएला देश की विडियो है यहां के हालात को देखिए जहां पर दुनिया का सबसे ज्यादा तेल होने के बावजूद पूरा का पूरा देश या तो नशे की तस्करी करता है या नशे में चूर होकर डूबा हुआ रहता है ध्यान रहे की खाने के लिए जब सरकार दे ही देती है तो फिर कुछ करने की आवश्यकता क्या रह जाती है।ध्यान रहे कि यह देश मुफ्तखोरी की वजह से बर्बाद हुआ है इसके पीछे अमरीका का ही हाथ है अमरीका वहां पर अपने हाथों से नाचने वाली कठपूतली की सरकार चाहती थी और है इसी तरह से श्रीलंका, पाकिस्तान और बांग्लादेश में अपनी संयंत्र रचकर सरकार बनाई है क्योंकि अमेरिका पूरी दुनिया के देशों पर अपने इशारों चलने वाली सरकार चाहता है भारत पर भी टैरिफ लगाकर अपनी संयंत्र रूपी चाल चली थी इस चाल के पीछे कांग्रेस का ही हाथ था अपनी सत्ता पाने के लिए

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में वायरल वीडियो से कीफ्रेम को लेकर रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें Catch Up नामक एक यूजर द्वारा यह वीडियो 10 सितंबर 2023 को शेयर किया हुआ मिला। इसमें वीडियो को फिलाडेल्फिया का बताते हुए शेयर किया गया है।

हमने देखा कि कई अन्य यूजर्स ने इसी वीडियो को फिलाडेल्फिया का बताते हुए हीं शेयर किया है।

मिली जानकारी से आगे खोज करने पर हमें रियो डी जनेरियो स्थित पुर्तगाली भाषा के ब्राज़ीलियाई समाचार पत्र जर्नल ओ ग्लोबो द्वारा 22 सितंबर 2023 को एक्स हैंडल पर एक पोस्ट मिली। इसमें वही वीडियो है और बताया गया है कि यह अमेरिका में नशीली दवाओं की लत के प्रभाव को दिखा रहे हैं।

इसके बाद हमें सितंबर 2023 को छपी मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं जिनमें हमने वायरल वीडियो जैसे ही दृश्य देखें। 11 सितंबर 2023 को छपी डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार,”फिलाडेल्फिया की सड़कों पर बेघर नशाखोरों को बेसुध पड़ा दिखाया गया है। इस भयानक मंजर की वजह एक ताकतवर जानवरों को शांत करने वाली दवा, ज़ायलाज़ीन है, जिसे ‘ट्रैंक’ के नाम से जाना जाता है। यह एक पावरफुल सेडेटिव है, जो ड्रग सप्लाई में मिल गई है और इसका इस्तेमाल हेरोइन, फेंटानिल और कोकीन के असर को बढ़ाने के लिए किया जाता है। नशे की लत के कारण अधिकांश निवासी ज़ॉम्बी की तरह व्यवहार करते हैं, सीधे ज़मीन पर सोते हैं और अपना सामान प्लास्टिक बैग, शॉपिंग कार्ट, बैकपैक या कपड़े धोने की टोकरियों में रखते हैं।” रिपोर्ट में वायरल वीडियो से जुड़ी वीडियो और तस्वीरें साझा की गई है।

न्यूयॉर्क पोस्ट के यूट्यूब चैनल पर भी इससे सम्बंधित वीडियो रिपोर्ट साझा किए हुए देखे जा सकते हैं।

हमें ओ ग्लोबो की वेबसाइट पर भी इससे सम्बन्धित रिपोर्ट प्रकाशित की हुई मिली है।

हमने वीडियो के बारे और जांच करने के लिए वीडियो को गौर से देखा। हमने पाया कि वीडियो में एलेगहेनी स्टेशन का बोर्ड दिख रहा है। 

इसकी जांच करने पर हमने पाया कि एलेगहेनी स्टेशन, केंसिंग्टन-फिलाडेल्फिया में है। हमने गूगल मैप से उसी लोकेशन को सर्च किया और पाया कि यह स्टेशन केंसिंग्टन में ही स्थित है।

इस प्रकार से हमें मिले साक्ष्यों से स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो वेनेजुएला का नहीं अमेरिका के फिलाडेल्फिया के केंसिंग्टन इलाके का है।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि नशे की हालत में सड़कों पर गिरते हुए लोगों का वायरल वीडियो पुराना है और संयुक्त राज्य अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर का है। इसका वेनेजुएला में हाल की घटनाओं से कोई संबंध नहीं है व दावा सरासर फर्जी है।

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Title:अमेरिका के फिलाडेल्फिया में नशाखोरों का पुराना वीडियो वेनेजुएला का बताकर भ्रामक दावा वायरल

Fact Check By: Priyanka Sinha 

Result: False

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