
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बर्फ की सतह को चीरते हुए एक अज्ञात वस्तु ऊपर आती दिखाई देती है। इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह इच्छापूर्ति करने वाला शिवलिंग है, जो कश्मीर में प्रकट हुआ है।
फैक्ट क्रेसेंडो के पाठकों ने इस वीडियो को हमारे व्हाट्सऐप फैक्टलाइन नंबर (9049053770) पर भेजकर इसकी सच्चाई की जांच करने का अनुरोध किया।
यूजर्स इस वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में लिख रहे हैं, “इच्छापूर्ति शिवलिंग को देखकर अनदेखा मत करना।”
इंस्टाग्राम पोस्ट | आर्काइव पोस्ट
अनुसंधान से पता चलता है कि…
सबसे पहले, यदि कश्मीर में इस तरह की कोई असाधारण घटना हुई होती, तो यह एक बड़ी खबर बनती। हालांकि, किसी भी आधिकारिक या विश्वसनीय मीडिया में ऐसी कोई खबर नहीं मिली।
इसके बाद वीडियो का रिवर्स इमेज सर्च किया गया। जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो किसी शिवलिंग का नहीं, बल्कि एक पनडुब्बी का है।
सैन्य वीडियो सामग्री साझा करने वाले प्रमुख मल्टीमीडिया प्लेटफॉर्म एयरसोर्स मिलिटरी ने यही वीडियो 28 अप्रैल 2018 को यूट्यूब पर साझा किया था।
वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि, “रॉयल नेव्ही की परमाणु पनडुब्बी एचएमएस ट्रेंचेंट उत्तरी ध्रुव पर बर्फ की मोटी परत को चीरते हुए बाहर निकलती है।” (अनुवाद)
अधिक जानकारी यहां पढ़ सकते हैं।
इसके अलावा, 6ABC न्यूज वेबसाइट ने 30 अप्रैल 2018 को इस वीडियो को प्रकाशित करते हुए बताया था कि मार्च 2018 में हुए प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान ब्रिटिश रॉयल नेवी की पनडुब्बी आर्कटिक महासागर में मोटी बर्फ को तोड़ते हुए सतह पर आई थी। यह पांच सप्ताह तक चलने वाला ICEX 2018 नौसैनिक अभ्यास था, जिसमें HMS Trenchant के साथ दो अमेरिकी पनडुब्बियों ने भी भाग लिया था। 19 अप्रैल 2018 को उत्तर ध्रुव के पास इस अभ्यास के पूरा होने की घोषणा की गई थी।

आधिकारिक जानकारी
ब्रिटिश रॉयल नेवी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इस मिशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह अभ्यास अमेरिकी पनडुब्बियों USS Connecticut और USS Hartford, तथा US आइस कैंप के सहयोग से किया गया था। इस दौरान अत्यधिक ठंडे वातावरण में बर्फ के नीचे संचालन, नेविगेशन और उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की जाती है। इसका उद्देश्य कौशल में सुधार और कठोर ध्रुवीय परिस्थितियों में मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच सहयोग को मजबूत करना होता है।

निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह स्पष्ट है कि, वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा पूरी तरह से गलत है। कश्मीर में किसी भी प्रकार का इच्छापूर्ति शिवलिंग प्रकट नहीं हुआ है। वास्तव में यह वीडियो वर्ष 2018 में आर्कटिक महासागर में अभ्यास के दौरान बर्फ को तोड़कर सतह पर आई ब्रिटिश रॉयल नेवी की पनडुब्बी का है। यह वीडियो भ्रामक दावे के साथ सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।
Title:क्या सच में कश्मीर में इच्छापूर्ति शिवलिंग प्रकट हुआ? जानिए सच्चाई
Fact Check By: Sagar RawateResult: False


